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Personal Growth: विनम्रता सिर्फ गुण नहीं, बल्कि जरूरी कौशल है; इसे अपनाकर बढ़ाएं व्यक्तिगत और पेशेवर विकास

निकी मैकलिन, हार्वर्ड बिजनेस रिव्यू Published by: शाहीन परवीन Updated Sat, 14 Feb 2026 02:17 PM IST
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सार

Career Success: विनम्रता सिर्फ एक गुण नहीं, बल्कि ऐसा कौशल है जो आपके करियर और व्यक्तिगत सफलता दोनों में अहम भूमिका निभाता है। इसे अपनाकर आप बेहतर संबंध बना सकते हैं और संगठन में सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। 

Mastering Humility: Boost Relationships, Influence, and Professional Growth
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
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विस्तार

Humility: जब संगठन विनम्रता व दयालुता जैसे मूल्यों को गंभीरता से नहीं लेते, तो उसके नकारात्मक परिणाम स्पष्ट दिखाई देने लगते हैं। कर्मचारी या तो नौकरी छोड़ने लगते हैं,या मानसिक रूप से दूर हो जाते हैं। इससे आपसी विश्वास कमजोर पड़ जाता है, टीमें खुलकर संवाद करना बंद कर देती हैं, और ऊर्जा का बड़ा हिस्सा तनाव व संघर्ष सुलझाने में व्यर्थ होने लगता है। अंततः इसका सीधा प्रभाव संगठन के प्रदर्शन और वातावरण पर पड़ता है।

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विनम्रता कोई दिखावटी या केवल 'अच्छा व्यवहार' भर नहीं है। यह एक रणनीतिक और अनिवार्य कौशल है, जो संगठनात्मक स्वास्थ्य, उच्च प्रदर्शन करने वाली टीमों और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा की नींव बनता है। अच्छा व्यवहार अक्सर समस्याओं से बचने की प्रवृत्ति रखता है, जबकि सच्ची दयालुता कठिन विषयों पर भी सम्मान और संवेदनशीलता के साथ संवाद करने का साहस प्रदान करती है। यह विश्वास को मजबूत करती है, कर्मचारियों को संगठन से जुड़े रहने के लिए प्रेरित करती है, तनाव को कम करती है और अंततः बेहतर प्रदर्शन का मार्ग प्रशस्त करती है।

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दयालुता बनाम विनम्रता

संगठन में विनम्रता तभी विकसित होती है, जब लीडर खुद अपने व्यवहार से उसका उदाहरण पेश करते हैं। जब संगठन यह मान लेता है कि विनम्र होना कमजोरी नहीं, बल्कि परिपक्वता और पेशेवर मजबूती का संकेत है, तब लोग एक-दूसरे का सहयोग करते हैं। इसके परिणाम यह होता है कार्यस्थल पर काम की गुणवत्ता बढ़ती हैं।

मजबूत संस्कृति का निर्माण

संगठनों में विनम्रता केवल एक भावनात्मक गुण नहीं, बल्कि एक मूलभूत और मापी जा सकने वाली क्षमता है। यह कार्यस्थल की संस्कृति को कमजोर पड़ने से बचाती है और सकारात्मक माहौल बनाए रखती है। इसका परिणाम यह होता है कि अनुपस्थिति की समस्या कम होती है और कार्यस्थल की उत्पादकता बढ़ती है। दयालुता संगठन के निरंतरता की एक व्यावहारिक और प्रभावी नींव है।
 

भावनात्मक रूप से सुधार

यह टीमों के बीच खुला और प्रभावी संवाद बढ़ाता है, जिससे लोग बिना डर अपनी बात रख पाते हैं। इससे मनोवैज्ञानिक सुरक्षा मजबूत होती है और एक सहयोगी और भरोसेमंद कार्य वातावरण बनता है। परिणामस्वरूप, न केवल प्रदर्शन बेहतर होता है, बल्कि कर्मचारियों का मानसिक और भावनात्मक कल्याण भी सुधरता है।

गलतफहमियां होती कम

जब संगठन अपने कर्मचारी की मांगों के प्रति विनम्र होते हैं, तो टीम के सदस्य खुलकर अपने समस्याएं और सुझाव साझा करते हैं। इससे गलतफहमियां कम होती हैं और सहयोग बढ़ता है। ऐसा वातावरण कर्मचारियों में प्रतिबद्धता पैदा करता है, जिससे वे अधिक जिम्मेदारी और उत्साह के साथ काम करते हैं। परिणामस्वरूप, टीम का प्रदर्शन सुधरता है और संगठन बेहतर तथा स्थायी परिणाम हासिल करता है।
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