CBSE: मूल्यांकन पोर्टल सुरक्षित, IIT पैनल ने दी सुरक्षा मंजूरी, कहा- आगे बढ़ा सकत हैं पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया
CBSE: सीबीएसई के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर साइबर हमलों के बाद आईआईटी पैनल ने सुरक्षा समीक्षा पूरी कर उसे मंजूरी दे दी है। Coempt EduTeck की जगह अधिक सुरक्षित व्यवस्था अपनाई गई है। अब उत्तर पुस्तिकाओं का पूरा डाटा सीबीएसई के सर्वर पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
CBSE: सीबीएसई की पुनर्मूल्यांकन (Re-Evaluation) प्रक्रिया से जुड़े पोर्टल को अब आईआईटी विशेषज्ञों की सुरक्षा मंजूरी मिल गई है। बोर्ड ने यह कदम पोर्टल की सुरक्षा को लेकर उठी चिंताओं और हाल में सामने आए साइबर हमलों की घटनाओं के बाद उठाया है। नई व्यवस्था के तहत परीक्षकों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मूल्यांकन पोर्टल को सुरक्षित घोषित किया गया है, जिससे पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
जानकारी के मुताबिक, 3 जून को सीबीएसई के री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर बड़े स्तर पर साइबर हमला किया गया था। हमलावरों ने करीब 38 लाख दुर्भावनापूर्ण (Malicious) डाटा पैकेट भेजकर सिस्टम को बाधित करने की कोशिश की थी। माना जा रहा है कि यह हमला उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया था।
आईआईटी ने दी संशोधित पोर्टल को सुरक्षा मंजूरी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीएसई ने आईआईटी कानपुर और आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों की मदद ली। दोनों संस्थानों की टीमों ने पोर्टल की तकनीकी समीक्षा की और सुरक्षा खामियों का परीक्षण किया। समीक्षा के बाद आईआईटी पैनल ने संशोधित पोर्टल को सुरक्षा मंजूरी प्रदान कर दी है।
आईआईटी पैनल के एक सदस्य के अनुसार, पहले इस्तेमाल किए जा रहे Coempt EduTeck पोर्टल में कई सुरक्षा संबंधी कमजोरियां पाई गई थीं। इन खामियों के कारण डाटा और रिकॉर्ड तक अनधिकृत पहुंच की आशंका बनी हुई थी। विशेषज्ञों ने पाया कि ऐसे कई संभावित रास्ते मौजूद थे, जिनके जरिए संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाई जा सकती थी।
इन्हीं कारणों से सीबीएसई ने चल रही पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग के लिए Coempt Eduteck Pvt Ltd की सेवाएं नहीं लेने का फैसला किया। इसके बजाय एक संशोधित और अधिक सुरक्षित प्रणाली तैयार की गई है।
नए पोर्टल में जोड़े गए कई सुरक्षा उपाय
विशेषज्ञों के मुताबिक, नए पोर्टल में पहले की तरह आवश्यक सभी सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन इसके साथ कई अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी जोड़े गए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य डाटा सुरक्षा को मजबूत करना और समीक्षा के दौरान सामने आई कमजोरियों को दूर करना है। नई प्रणाली को इस तरह तैयार किया गया है कि परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सीबीएसई के एक अधिकारी ने बताया कि आईआईटी कानपुर की साइबर सुरक्षा टीम ने 10 दिनों से अधिक समय तक दो प्रमुख सिस्टम पर काम किया। इनमें सीबीएसई का रजिस्ट्रेशन पोर्टल और ओएसएम री-इवैल्यूएशन पोर्टल शामिल हैं। विशेषज्ञों ने दोनों प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई तकनीकी बदलाव किए।
70 हजार आवेदन मिले
बोर्ड के अनुसार, 4 जून तक पोस्ट-रिजल्ट शिकायत निवारण प्रणाली के तहत कुल 70,433 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें 7,314 आवेदन अंकों के सत्यापन के लिए और 63,119 आवेदन पुनर्मूल्यांकन के लिए दर्ज किए गए।
सीबीएसई ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब उत्तर पुस्तिकाओं से जुड़ा पूरा डेटा और सभी रिकॉर्ड बोर्ड के अपने सर्वर पर स्थानांतरित कर दिए गए हैं। इससे सुरक्षा और संचालन पर अधिक नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि सीबीएसई ने इससे पहले जानकारी दी थी कि री-इवैल्यूएशन प्लेटफॉर्म पर बड़े पैमाने पर साइबर हमले हुए थे, जिनमें 3 जून का DoS (Denial-of-Service) हमला भी शामिल था। हालांकि बोर्ड ने दावा किया था कि सभी हमलों को सफलतापूर्वक निष्प्रभावी कर दिया गया और सत्यापन, उत्तर पुस्तिका देखने तथा पुनर्मूल्यांकन से जुड़ी सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहीं।