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DU: यौन उत्पीड़न मामले में डीयू का सख्त कदम, प्रोफेसर को दिया अनिवार्य रिटायरमेंट; जानें पूरा मामला
Fri, 31 Jul 2026 05:51 PM IST
Shahin Praveen
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shahin Praveen
Updated Fri, 31 Jul 2026 05:51 PM IST
सार
DU: दिल्ली विश्वविद्यालय ने यौन उत्पीड़न की एक कथित शिकायत के मामले में पॉलिटिकल साइंस विभाग के एक फैकल्टी सदस्य को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी है। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति की सिफारिशों के आधार पर की गई है।
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दिल्ली विश्वविद्यालय, Delhi University
- फोटो : University Of Delhi
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विस्तार
Delhi University: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के पॉलिटिकल साइंस विभाग के एक फैकल्टी सदस्य को यौन उत्पीड़न की कथित शिकायत के मामले में अनिवार्य सेवानिवृत्ति (Compulsory Retirement) दे दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) की सिफारिशों के आधार पर की गई।
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एक अधिकारी ने बताया कि विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद (Executive Council-EC) ने गुरुवार को आयोजित अपनी बैठक में ICC की सिफारिशों को मंजूरी दे दी, जिसके बाद संबंधित फैकल्टी सदस्य के खिलाफ यह कार्रवाई की गई।
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अधिकारी ने PTI को बताया, "ICC की सिफारिश के बाद प्रोफेसर को अनिवार्य रिटायरमेंट की सजा दी गई। मूल शिकायत एक स्टूडेंट के कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ी थी।"
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अधिकारी के अनुसार, यह शिकायत कम से कम एक साल पुरानी है और ICC की रिपोर्ट को गुरुवार की बैठक में EC ने मंजूरी दी।
अधिकारी ने कहा, "यूनिवर्सिटी की यौन उत्पीड़न के प्रति जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी है और वह स्टूडेंट्स और स्टाफ के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के उपाय लागू करती रहेगी।"
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नियमों और 'कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम' के प्रावधानों के तहत, इंटरनल कंप्लेंट्स कमिटी को यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच करने और सक्षम अधिकारी को कार्रवाई की सिफारिश करने का अधिकार है।