IIT Madras: यूएन चीफ ने किया एआई विशेषज्ञों का चयन, 40 एक्सपर्ट्स की सूची में आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर शामिल
UN Chief: संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर गठित वैज्ञानिक पैनल के लिए 40 विशेषज्ञों का चयन किया है। इस सूची में आईआईटी मद्रास के एक प्रोफेसर को भी शामिल किया गया है, जिससे भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहम प्रतिनिधित्व मिला है।
विस्तार
AI Experts Panel: आईआईटी मद्रास के एक प्रोफेसर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा गठित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के नए वैज्ञानिक पैनल में शामिल किया गया है। इस पैनल में दुनिया भर से 40 जाने-माने विशेषज्ञों को चुना गया है। 5 फरवरी को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इन विशेषज्ञों के नाम संयुक्त राष्ट्र महासभा के सामने रखे।
यह पैनल AI से जुड़े मुद्दों पर सलाह देने का काम करेगा। चुने गए सभी विशेषज्ञ तीन साल तक इस पैनल में अपनी सेवाएं देंगे और अलग-अलग क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कौन हैं बालारमन रविंद्रन?
कौन हैं बालारमन रविंद्रन?
महासचिव द्वारा पैनल के लिए अनुशंसित लोगों में बालारमन रविंद्रन भी शामिल हैं, जो आईआईटी मद्रास में डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग (DSAI), वधवानी स्कूल ऑफ डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (WSAI), रॉबर्ट बॉश सेंटर फॉर डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (आरबीसीडीएसएआई) और सेंटर फॉर रिस्पॉन्सिबल एआई (CeRAI) के प्रमुख हैं।
उनकी आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, रविंद्रन ने यूनिवर्सिटी ऑफ मैसाचुसेट्स, एमहर्स्ट से पीएचडी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बैंगलोर से मास्टर डिग्री प्राप्त की है।
वे एसोसिएशन फॉर द एडवांसमेंट ऑफ एआई (एएएआई) और इंडियन नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग (INAE) के निर्वाचित फेलो हैं।
गुटेरेस ने बुधवार को यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "हम यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहे हैं कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता पूरी मानवता की सेवा करे। मैंने अभी-अभी महासभा के विचारार्थ कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर नए स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक पैनल में सेवा देने के लिए प्रत्येक क्षेत्र से 40 प्रतिष्ठित व्यक्तियों की सूची प्रस्तुत की है।"
AI के प्रभावों को समझने और वैश्विक सहयोग बढ़ाने का UN पैनल
उन्होंने कहा कि यह पैनल भविष्य के लिए हुए समझौते में सदस्य देशों द्वारा दिए गए जनादेश की सीधी प्रतिक्रिया है, जिसका उद्देश्य उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए बहुपक्षीय समाधानों को मजबूत करना है जो लोगों के जीवन के हर पहलू को नया आकार दे रही हैं।
गुटेरेस ने कहा, "यह एआई ज्ञान के अंतर को पाटने और अर्थव्यवस्थाओं और समाजों में एआई के वास्तविक प्रभावों का आकलन करने में मदद करने के लिए समर्पित पहला वैश्विक, पूरी तरह से स्वतंत्र वैज्ञानिक निकाय होगा।"
गुटेरेस ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि प्रभावी सुरक्षा उपाय बनाने, आम भलाई के लिए नवाचार को बढ़ावा देने और सहयोग बढ़ाने के लिए दुनिया को साझा समझ की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह पैनल दुनिया को तथ्यों को झूठ से और विज्ञान को बेबुनियाद से अलग करने में मदद करेगा। यह ऐसे समय में एक "प्रामाणिक संदर्भ बिंदु" प्रदान करेगा जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता की विश्वसनीय, निष्पक्ष समझ पहले से कहीं अधिक अहम है।
वैश्विक अपील के बाद चुना गया स्वतंत्र AI विशेषज्ञ पैनल
एक खुली वैश्विक अपील के बाद, जिसमें 2,600 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, गुटेरेस ने कहा कि उन्होंने महासभा को 40 ऐसे व्यक्तियों की सूची प्रस्तावित की है जिनके पास "मशीन लर्निंग, डेटा गवर्नेंस, सार्वजनिक स्वास्थ्य, साइबर सुरक्षा, बाल विकास और मानवाधिकार सहित विभिन्न विषयों में गहन विशेषज्ञता है।"पैनल के सदस्य अपनी व्यक्तिगत क्षमता में कार्य करेंगे - वे किसी भी सरकार, कंपनी या संस्था से स्वतंत्र होंगे। उन्होंने कहा कि पैनल की पहली रिपोर्ट जुलाई में होने वाले एआई गवर्नेंस पर वैश्विक संवाद के लिए समय पर उपलब्ध होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा, "गहरे भू-राजनीतिक तनाव और बढ़ती तकनीकी प्रतिस्पर्धा के इस दौर में, हमें तत्काल साझा आधार की आवश्यकता है - और विज्ञान और एकजुटता पर आधारित सहयोग के लिए एक व्यावहारिक आधार की। यह पैनल इसी को हासिल करने में मदद कर सकता है।"
AI पैनल के सचिवालय का नेतृत्व करेंगे अमनदीप सिंह गिल
इस पैनल के सचिवालय का समन्वय महासचिव के प्रौद्योगिकी संबंधी विशेष दूत अमनदीप सिंह गिल करेंगे।
गिल ने कहा कि उम्मीदवारों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के साथ-साथ अनुप्रयोग के उन संबंधित क्षेत्रों में उनकी "उत्कृष्ट विशेषज्ञता" के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया गया था जहां इसका प्रभाव महसूस किया जा रहा है।
गिल ने कहा, "इसलिए इन मूल्यांकनों के संदर्भ में एक अंतःविषयक दृष्टिकोण अपनाया गया।"
पैनल में लैंगिक संतुलन पर प्रकाश डालते हुए गिल ने कहा कि इस समूह में 19 महिलाएं और 21 पुरुष शामिल हैं, "सभी उत्कृष्ट व्यक्ति हैं जिनकी विशेषज्ञता विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त है"।
40 विशेषज्ञों में शामिल अंतरराष्ट्रीय सदस्य
- इस पैनल में विशेषज्ञ इथियोपिया, UAE, फ्रांस, कनाडा, मैक्सिको, मिस्र, ईरान, दक्षिण कोरिया, फिनलैंड, UK, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, जापान, रूस, जर्मनी, इजराइल, इटली और चीन से शामिल हैं।
- पैनल के सदस्यों में फिलीपींस में जन्मीं पत्रकार और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मारिया रेसा भी हैं।
- अमेरिका के प्रोफेसर विपिन कुमार भी पैनल में शामिल हैं।
- पैनल के सदस्यों के लिए डिजिटल और उभरती प्रौद्योगिकियों के कार्यालय, अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ और यूनेस्को ने प्रारंभिक सूची बनाई।
- इस सूची की पूरी संयुक्त राष्ट्र प्रणाली द्वारा समीक्षा की गई और अंतिम नामों का चयन किया गया।
