Karnataka: नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का जबरदस्त विरोध प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
NEET Paper Leak: कर्नाटक के मांड्या में नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
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NEET: गुरुवार को कर्नाटक के मांड्या में बड़ी संख्या में छात्रों ने डिप्टी कमिश्नर के ऑफिस के पास जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (NEET-UG) परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली केंद्र सरकार को निशाने पर लिया।
यह विरोध प्रदर्शन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने आयोजित किया था। छात्रों ने NEET का प्रश्नपत्र लीक होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पेपर लीक होने से छात्रों के साथ बहुत अन्याय हुआ है और उन्होंने मांग की कि एडमिशन के लिए NEET को रद्द करके राज्य सरकार द्वारा आयोजित कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (CET) को लागू किया जाए।
पेपर लीक विवाद पर छात्रों ने केंद्र सरकार को घेरा
उन्होंने नारे लगाए, "हमें NEET नहीं, CET चाहिए।"
छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की और इन गड़बड़ियों के लिए उन्हें नैतिक रूप से जिम्मेदार ठहराया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा, "केंद्र सरकार में बिना पेपर लीक हुए परीक्षा कराने की क्षमता नहीं है। वे देश की सुरक्षा कैसे करेंगे? वे हजारों छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं।"
उन्होंने केंद्र से कर्नाटक CET के जरिए उम्मीदवारों को चुनने की इजाजत देने और "छात्रों की जिंदगी से खिलवाड़" बंद करने की अपील की। इसके अलावा, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ़ इंडिया (NSUI) के जिला अध्यक्ष मंजूनाथ, मांड्या जिला कांग्रेस कमेटी (MDCC) के कार्यकारी अध्यक्ष चिदंबर MS, राज्य उपाध्यक्ष रफीक अली, सथनूर महेश और कई छात्रों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
इस प्रदर्शन से NEET परीक्षा में बार-बार हो रही गड़बड़ियों को लेकर छात्रों में बढ़ता गुस्सा जाहिर हुआ; वे जवाबदेही और राज्य-स्तरीय प्रवेश परीक्षा व्यवस्था को फिर से लागू करने की मांग कर रहे थे।
अब कई चरणों में एग्जाम कराने का सुझाव
मूल रूप से 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था। इसके बाद केंद्र ने दोबारा परीक्षा कराने का आदेश दिया, जो 21 जून को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित की गई, जबकि कथित लीक की जांच अभी भी जारी है।
इस बीच, सूत्रों ने ANI को बताया कि शिक्षा पर संसदीय स्थायी समिति के सदस्यों ने बुधवार को सुझाव दिया कि NEET-UG को कई चरणों में आयोजित किया जाना चाहिए ताकि देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा को एक ही दिन आयोजित करने के "लॉजिस्टिकल बोझ" को कम किया जा सके।
अध्यक्ष मुकुल वासनिक और समिति के अन्य सदस्यों ने दोबारा परीक्षा के आयोजन की सराहना की और इसे "सुरक्षित और अच्छी तरह से प्रबंधित" बताया।