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NCERT: शिक्षा मंत्री ने की एनसीईआरटी किताबों के उत्पादन की समीक्षा, गांवों तक समय पर पहुंचाने के दिए निर्देश
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shahin Praveen
Updated Tue, 28 Apr 2026 03:55 PM IST
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सार
Education Minister: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एनसीईआरटी की किताबों के उत्पादन और वितरण की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि किताबें समय पर और बिना देरी के खासकर गांवों तक पहुंचाई जाएं।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
- फोटो : ANI
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विस्तार
NCERT Book: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को चालू शैक्षणिक सत्र के लिए एनसीईआरटी की किताबों की उपलब्धता, छपाई और वितरण की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे किताबों के वितरण की आखिरी स्तर तक निगरानी करें, खासकर गांवों में।
शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार भी बैठक में उपस्थित थे।
उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र को किताबें देर से मिलने की वजह से परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को किताबों की सप्लाई व्यवस्था मजबूत करने, जरूरत पड़ने पर ज्यादा छपाई कराने और पूरे वितरण पर अच्छी तरह नजर रखने के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने बताया कि ई-पाठशाला ऐप पर डिजिटल किताबें भी उपलब्ध हैं, ताकि जब तक सभी छात्रों को किताबें न मिल जाएं, तब तक पढ़ाई में कोई रुकावट न आए।
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शिक्षा मंत्रालय और एनसीईआरटी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव संजय कुमार भी बैठक में उपस्थित थे।
एनसीईआरटी किताबों की उपलब्धता और डिजिटल पढ़ाई पर जोर
मंत्रालय ने बताया कि धर्मेंद्र प्रधान ने एनसीईआरटी की नई किताबों की तैयारी देखी और राज्यों में किताबों का कितना स्टॉक है, इसकी जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि राज्यों और वितरण एजेंसियों के बीच सही तरीके से तालमेल हो रहा है या नहीं, ताकि खासकर गांवों में समय पर किताबें पहुंच सकें।
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उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र को किताबें देर से मिलने की वजह से परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को किताबों की सप्लाई व्यवस्था मजबूत करने, जरूरत पड़ने पर ज्यादा छपाई कराने और पूरे वितरण पर अच्छी तरह नजर रखने के निर्देश दिए।
साथ ही उन्होंने बताया कि ई-पाठशाला ऐप पर डिजिटल किताबें भी उपलब्ध हैं, ताकि जब तक सभी छात्रों को किताबें न मिल जाएं, तब तक पढ़ाई में कोई रुकावट न आए।

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