SC: बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर से जूझ रहे छात्र को राहत, एससी ने IIT रुड़की में ट्रांसफर का दिया आदेश
SC Order: सुप्रीम कोर्ट ने मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रहे IIT खड़गपुर के एक छात्र को बड़ी राहत देते हुए उसे IIT रुड़की में ट्रांसफर करने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने संस्थान को एक सप्ताह के भीतर ट्रांसफर और माइग्रेशन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज जारी करने का निर्देश भी दिया है।
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Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को IIT खड़गपुर के एक छात्र को, जिसे 'बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर' है, मेडिकल आधार पर IIT रुड़की में ट्रांसफर करने की इजाजत दे दी। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने विशेष अधिकारों का उपयोग करते हुए आर्किटेक्चर के छात्र को IIT रुड़की में ट्रांसफर करने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने IIT खड़गपुर को निर्देश दिया कि वह एक सप्ताह के भीतर छात्र को ट्रांसफर और माइग्रेशन से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज और प्रमाणपत्र जारी करे।
छात्र ने इलाज के लिए मांगी थी ट्रांसफर की अनुमति
याचिकाकर्ता छात्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि IIT खड़गपुर द्वारा ट्रांसफर की अनुमति नहीं दिए जाने के कारण उसे जरूरी चिकित्सा उपचार नहीं मिल पा रहा था। छात्र का कहना था कि इसी तरह के मेडिकल कारणों से पहले भी कुछ छात्रों को दूसरे संस्थानों में ट्रांसफर की अनुमति दी जा चुकी है।
याचिका के अनुसार, छात्र बॉर्डरलाइन पर्सनैलिटी डिसऑर्डर से पीड़ित है। इसके इलाज के लिए उसे विशेष प्रकार की रिपेटिटिव ट्रांसक्रानियल मैग्नेटिक स्टिमुलेशन (rTMS) थेरेपी और अपने माता-पिता की नियमित देखरेख की आवश्यकता है, जो उसके वर्तमान संस्थान में संभव नहीं हो पा रही थी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "इस मामले में न्याय के हित में यह होगा कि याचिकाकर्ता से जुड़े जरूरी ट्रांसफर/माइग्रेशन सर्टिफिकेट और दूसरे दस्तावेज जारी करने का निर्देश दिया जाए, ताकि वह IIT रुड़की में ट्रांसफर/माइग्रेशन और एडमिशन ले सके। तदनुसार आदेश दिया जाता है।"
कोर्ट ने आगे कहा, "यह प्रक्रिया एक हफ्ते के भीतर पूरी की जानी चाहिए। हमने याचिकाकर्ता की सेहत से जुड़ी खास दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए यह आदेश पारित किया है... यह कहने की जरूरत नहीं है कि याचिकाकर्ता को IIT रुड़की में फीस स्ट्रक्चर और अन्य भुगतानों से जुड़ी सभी जरूरतों का पालन करना होगा।"
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले AIIMS को छात्र का मेडिकल असेसमेंट करने का निर्देश दिया था।