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ये 7वीं का छात्र पढ़ाता है इंजीनियरिंग के छात्रों को, कहानी सुनकर रह जाएंगे हैरान
Fri, 02 Nov 2018 04:05 PM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 02 Nov 2018 04:05 PM IST
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मोहम्मद हसन अली मात्र 7वीं कक्षा में हैं। खास बात ये है कि वे ग्यारह साल की उम्र में वो काम कर रहे हैं जिसके लिए डिग्री का होना बेहद जरूरी है। हैदराबाद के हसन अली इंजीनियरिंग के छात्रों को पढ़ाते हैं। सुनकर हैरानी हो रही होगी पर यह सच है। उनका लक्ष्य है कि वे 2020 तक तकरीबन एक हजार इंजीनियरिंग के छात्रों को पढ़ाना चाहते हैं।
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बता दें अली छात्रों को मुफ्त में ही पढ़ाते हैं। जब अली से बात की तो उन्होंने कहा कि इस पूरे काम के पीछे वे नेक इरादा रखते हैं। यही कारण है कि वे पढ़ाई के बदले कोई पैसे नहीं लेते। वे अपने इस काम को देश सेवा का नाम देते हैं। अली के माता-पिता ने उनका हमेशा साथ दिया है। अगर स्टूडेंट्स की मानें तो अली को वे अपने पसंदीदा अध्यापकों में गिनते हैं।
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पेड राइटिंग
- फोटो : getty
अली का कहना है वह करीब एक साल से अध्यापन का कार्य रहे हैं। उनके पास कई इंजीनियरिंग स्टूडेंट आते हैं। आपको बता दें कि वे केवल पढ़ाते ही नहीं बल्कि पढ़ते भी हैं। करीब तीन बजे स्कूल से आ जाने के बाद वे छात्रों को पढ़ाते हैं। अपने बिजी सिड्यूल से वह रोजाना खेलने का समय भी निकाल लेते हैं। साथ ही वे अपना होमवर्क करना कभी नहीं भूलते। इंजीनियरिंग के छात्रों को पढ़ाने के लिए वह छह बजे जाते हैं।
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इस दौरान इनसे पढ़ने वाले मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्र डिजाइनिंग और ड्राफ्टिंग सीखते हैं। अली ने यह सब एक वीडियो देखने के बाद दिमाग में आया और उन्होंने इस दिशा में अपने कदम बढ़ा दिए। अली से बातचीत के दौरान पता चला कि वे सोचते हैं कि जो लोग इंजनियरिंग करने के बाद विदेशों में नौकरी करने जाते हैं, अपने देश में ही रहकर काम क्यों नहीं करते। तभी उनके दिमाग में यह बात आई कि इंजीनियर एक खास चीज है लेकिन अन्य विषयों की अपेक्षा इस दिशा में छात्र कम जाते हैं।
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अली कहते हैं... दरअसल, हमारे यहां के छात्र कम्युनिकेशन में काफी पिछड़े हुए हैं। जबकि मेरा पसंदीदा विषय डिजाइनिंग था इसलिए मैंंने इस पर विचार करना शुरू कर दिया है और अपनी स्किल्स को बढ़ाने के लिए उन्होंने तैयारी भी शुरू कर दी है।
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