SMC: एसएमसी दिशानिर्देश 2026 निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों पर लागू नहीं: शिक्षा मंत्रालय ने दिया स्पष्टीकरण
SMC Guidelines 2026: शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि स्कूल प्रबंधन समिति दिशानिर्देश 2026 निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों पर लागू नहीं होंगे। मंत्रालय ने कहा कि ये नियम केवल RTE के अंतर्गत आने वाले स्कूलों पर लागू होते हैं।
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SMC: शिक्षा मंत्रालय ने स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) दिशानिर्देश 2026 को लेकर समाज के कुछ वर्गों द्वारा उठाई गई चिंताओं पर स्पष्ट बयान जारी किया है। मंत्रालय ने कहा है कि ये दिशानिर्देश सभी स्कूलों पर समान रूप से लागू नहीं होते। इसका उद्देश्य केवल स्कूलों में बेहतर प्रबंधन और पारदर्शिता को बढ़ावा देना है, लेकिन इसके दायरे को लेकर गलतफहमी फैल रही थी, जिसे दूर किया गया है।
With reference to concerns raised by certain sections of society regarding the School Management Committee Guidelines (SMCs) 2026, the Ministry of Education clarifies that the Guidelines are not applicable to private unaided schools covered under Section 2(n)(iv) of the RTE Act,… pic.twitter.com/AxJpWccL3N
— ANI (@ANI) May 21, 2026
किन स्कूलों पर लागू नहीं होंगे दिशानिर्देश?
मंत्रालय ने साफ किया है कि ये दिशानिर्देश आरटीई (Right to Education) अधिनियम की धारा 2(एन)(iv) के अंतर्गत आने वाले निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों (Private Unaided Schools) पर लागू नहीं होंगे।
शर्त यह है कि ऐसे स्कूल अपने संचालन के लिए सरकार या किसी स्थानीय प्राधिकरण से किसी प्रकार की आर्थिक सहायता या अनुदान प्राप्त नहीं करते हों। यानी जो स्कूल पूरी तरह स्ववित्तपोषित (self-financed) हैं, वे इन नियमों के दायरे से बाहर रहेंगे। हालांकि दिशानिर्देश अनिवार्य रूप से लागू नहीं होंगे, फिर भी मंत्रालय ने कहा है कि ऐसे स्कूलों को स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) गठित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।
शिक्षा को साझा जिम्मेदारी बताया
शिक्षा मंत्रालय ने यह भी दोहराया है कि शिक्षा केवल सरकार या स्कूलों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक साझा जिम्मेदारी है जिसमें सरकार, स्कूल, अभिभावक और पूरा समुदाय शामिल होता है।
मंत्रालय के अनुसार, स्कूलों के समग्र संचालन में सुधार, बेहतर प्रबंधन और बच्चों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी हितधारकों के बीच सहयोग और संवाद को मजबूत करना बेहद जरूरी है।