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Supreme Court: स्कूलों में बायोमेट्रिक हाजिरी लागू करने की PIL खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया मना
Fri, 07 Aug 2026 05:35 PM IST
Shahin Praveen
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shahin Praveen
Updated Fri, 07 Aug 2026 05:35 PM IST
सार
SC: सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के स्कूलों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम अनिवार्य करने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने मामले में हस्तक्षेप करने से मना करते हुए याचिका खारिज कर दी।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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विस्तार
SC: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्कूलों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम अनिवार्य करने की मांग वाली एक जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिका में कहा गया था कि इस व्यवस्था को लागू करने से डमी स्कूलों और फर्जी दाखिलों पर रोक लगाई जा सकेगी।
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जस्टिस पी. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने याचिकाकर्ता को इस मामले के लिए संबंधित हाई कोर्ट का रुख करने की सलाह दी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर इस याचिका पर सुनवाई नहीं करेगी।
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पीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा, "हम आपको उच्च न्यायालय में जाने की स्वतंत्रता दे रहे हैं।"
गोस्वामी ने अन्य मांगों के अलावा, स्कूली बच्चों के लिए कोचिंग के घंटों की सीमा तय करने और कोचिंग सेंटरों के लिए एक अनिवार्य आचार संहिता (कोड ऑफ कंडक्ट) बनाने की भी मांग की थी। इस आचार संहिता में सफलता के आंकड़ों में हेरफेर और गुमराह करने वाले विज्ञापनों के लिए टॉपरों की तस्वीरों के इस्तेमाल पर रोक लगाने जैसी बातें शामिल थीं। आर्टिकल 32 नागरिकों को अपने मौलिक अधिकारों को लागू करवाने के लिए सीधे सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार देता है।
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