NEET PG 2025: नीट पीजी कटऑफ कम करने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब, छह फरवरी को अगली सुनवाई
Spureme Court On NEET PG Cutoff: नीट पीजी की कटऑफ घटाकर शून्य कर देने के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 6 फरवरी को होगी।
विस्तार
Spureme Court On NEET PG: नीट-पीजी 2025-26 की कट-ऑफ घटाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एनबीईएमएस से जवाब मांगा है। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए केंद्र से जवाब मांगा। मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार, 6 फरवरी , 2026 को होगी।
योग्यता कट-ऑफ प्रतिशत घटाने के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। यह जनहित याचिका सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन, न्यूरोसर्जन सौरव कुमार, यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्य मित्तल और वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के सदस्य डॉ. आकाश सोनी द्वारा दायर की गई।
याचिका में कहा गया था कि विवादित नोटिस के माध्यम से कट-ऑफ को असामान्य रूप से बेहद कम, यहां तक कि शून्य और नकारात्मक स्तर तक घटा दिया गया है।
संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन करता है फैसला
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा के लिए योग्यता मानकों में कमी मनमानी है और संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन करती है। याचिकाकर्ताओं ने यह भी तर्क दिया है कि स्नातकोत्तर स्तर पर योग्यता का अवमूल्यन राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अधिनियम, 2019 के वैधानिक जनादेश के विपरीत है।
याचिका में कहा गया है कि कट-ऑफ कम करने से मरीजों की सुरक्षा, जन स्वास्थ्य और चिकित्सा पेशे की गरिमा से समझौता होता है। इसमें तर्क दिया गया है कि रिक्त सीटों को भरने के लिए लिया गया यह निर्णय योग्यता को मानदंड के रूप में समाप्त कर देता है और प्रतियोगी परीक्षा को महज एक प्रशासनिक औपचारिकता बना देता है।
