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UGC-NET June 2026: अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर, सितंबर में फिर से होगी परीक्षा; केंद्र ने कोर्ट को दी जानकारी

Wed, 19 Aug 2026 05:25 PM IST
Shahin Praveen एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Shahin Praveen Updated Wed, 19 Aug 2026 05:25 PM IST
सार

UGC-NET June 2026 Exam: यूजीसी नेट जून 2026 परीक्षा को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि जून सत्र की परीक्षा सितंबर 2026 में दोबारा आयोजित की जाएगी।

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UGC-NET June 2026: Exam to Be Held Again in September, Centre Tells Delhi HC
exam demo - फोटो : File photo

विस्तार

UGC-NET June Exam: केंद्र सरकार ने बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि UGC-NET जून 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र में गलतियों की शिकायत मिलने के बाद तीन विषयों की परीक्षा दोबारा कराई जा रही है। इनमें समाजशास्त्र (Sociology) भी शामिल है।

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केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को इसकी जानकारी दी। इसके बाद जस्टिस जसमीत सिंह ने एक उम्मीदवार की याचिका का निपटारा कर दिया। इस उम्मीदवार ने 30 जून को समाजशास्त्र की परीक्षा दी थी और पेपर लीक के आरोपों की स्वतंत्र जांच होने तक परिणाम जारी नहीं करने की मांग की थी।

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तीन विषयों की परीक्षा सितंबर में होगी

SG ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया कि अंग्रेजी और कॉमर्स की परीक्षा 9 सितंबर 2026 को होगी, जबकि समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा दोबारा कराने का फैसला हो चुका है, इसलिए याचिका में अब कोई मांग बाकी नहीं है।
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कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल के बयान को दर्ज करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया। बता दें कि NTA ने JRF, असिस्टेंट प्रोफेसर की पात्रता और PhD में एडमिशन के लिए UGC-NET जून 2026 परीक्षा 22 से 30 जून के बीच 87 विषयों में आयोजित की थी।

याचिका में की गई थी स्वतंत्र जांच की मांग

SG ने याचिका पर सुनवाई शुरू होते ही यह जानकारी कोर्ट को दी। याचिका में मांग की गई थी कि जब तक पेपर लीक के आरोपों की स्वतंत्र जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक परीक्षा का परिणाम जारी न किया जाए। साथ ही, अगर पेपर लीक होने की पुष्टि होती है तो संबंधित विषयों की परीक्षा दोबारा कराने की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ता अमन सिंह यादव ने 30 जून को समाजशास्त्र की परीक्षा दी थी। उन्होंने भी जांच पूरी होने तक परिणाम जारी करने पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि परीक्षा शुरू होने से कुछ घंटे पहले ही प्रश्नपत्र लीक होकर पैसे लेकर बांटा गया था।

NTA को पहले ही दी गई थी शिकायत

याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता ने प्रश्नपत्र में गलतियों और पेपर लीक के आरोपों की जानकारी पहले ही NTA को दे दी थी, लेकिन उसे अभी तक कोई जवाब नहीं मिला। याचिका में पेपर लीक के आरोपों की CBI या SIT से स्वतंत्र जांच कराने की भी मांग की गई है। सुनवाई के दौरान CBI की ओर से स्टैंडिंग काउंसिल प्रेमतोष मिश्रा पेश हुए।

वहीं, NTA ने एक सार्वजनिक सूचना में बताया कि उसे तीन विषयों के प्रश्नपत्रों में कई गलतियों की शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों की जांच के लिए NTA ने एक समिति भी बनाई है। इस मामले के बाद NTA को एक बार फिर परीक्षा व्यवस्था को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

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