Sitaare Zameen Par: थिएटर से सीधा यूट्यूब पर रिलीज होगी आमिर की फिल्म! एक्सपर्ट से समझें फायदे और नुकसान
Aamir Khan: आमिर खान की आगामी फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ थिएटर के बाद न तो किसी OTT पर आएगी और न ही फ्री में मिलेगी। यह फिल्म सीधे यूट्यूब पर पे पर व्यू (PPV) मॉडल पर रिलीज होगी। एक्स्पर्ट से जानते हैं इसके फायदे और नुकसान...
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बॉलीवुड में फिल्म रिलीज करने का एक तय फॉर्मूला बन चुका है। पहले फिल्म थिएटर में आती है, फिर कुछ हफ्तों बाद किसी OTT प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज होती है। मगर अब आमिर खान इस फॉर्मूला को तोड़ने जा रहे हैं। उनकी अगली फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ थिएटर के बाद न तो किसी OTT पर आएगी और न ही फ्री में मिलेगी।
यह फिल्म सीधे यूट्यूब पर पे पर व्यू (PPV) मॉडल पर रिलीज होगी। यानी जो इसे देखना चाहता है उसे YouTube पर जाकर पैसे देकर टिकट खरीदनी पड़ेगी। अब सवाल यह उठता है कि क्या यह दांव सफल होगा? या एक महंगा एक्सपेरिमेंट साबित होगा?
अमर उजाला ने इस फैसले के पीछे की सोच और इसका असर समझने के लिए इंडस्ट्री के कुछ बड़े एक्सपर्ट्स से बात की। किसी ने इसे आने वाले वक्त का ऑनलाइन बॉक्स ऑफिस बताया तो किसी ने माना कि यह एक बेहद रिस्की कदम है। जानिए मामले पर एक्सपर्ट्स की राय…
मेकर्स को PPV में थिएटर से दोगुना फायदा: अंशुलिका दुबे, प्रोड्यूसर
फिल्म प्रोड्यूसर अंशुलिका दुबे का मानना है कि Pay-Per-View मॉडल असल में ऑनलाइन बॉक्स ऑफिस की तरह है लेकिन इंडस्ट्री ने इसे अभी तक गंभीरता से नहीं लिया है।
वह कहती हैं, 'थिएटर में जहां हर 100 रुपए की टिकट पर प्रोड्यूसर के हाथ में सिर्फ 35 रुपए आते हैं, वहीं PPV में प्रोड्यूसर को इसका 80% तक मिल सकता है। लेकिन दिक्कत यह है कि हमारे फिल्ममेकर सिर्फ फिल्म बनाने में व्यस्त रहते हैं, बिज़नेस और मार्केटिंग के बारे में सोचते ही नहीं। प्रोड्यूसर का असली काम केवल फिल्म बनाना नहीं, बल्कि उस फिल्म का CEO बनना भी होता है। जैसे कोई मोबाइल या प्रोडक्ट लॉन्च करते हैं, वैसे ही फिल्म को भी बेचना पड़ता है।'
छोटे प्रोड्यूसर्स OTT बेचकर मजबूर होते हैं
अंशुलिका आगे कहती हैं कि छोटे प्रोड्यूसर्स के पास थिएटर रिलीज का बजट नहीं होता इसलिए वे मजबूरी में अपनी फिल्में OTT प्लेटफॉर्म्स को बेच देते हैं। लेकिन उन्हें वहां सिर्फ एक बार पैसा मिलता है।
अगर कोई OTT प्लेटफॉर्म उन्हें उनकी फिल्म के लिए 50 लाख रुपए दे देता है तो वो सोचते हैं कि चलो रिस्क नहीं लेना। अब अगली फिल्म पर फोकस करते हैं।’
आमिर का यह कदम इंडस्ट्री के लिए रियलिटी चेक जैसा है
अंत में अंशुलिका ने कहा, ‘आमिर के पास मार्केटिंग का पैसा और माइंडसेट दोनों हैं। वह समझते हैं कि हम अपनी ही इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जब हम कहते हैं कि अगर आप टिकट नहीं खरीदोगे तो तीन महीने बाद फ्री में देख लेना। यह मॉडल खुद को मारने जैसा है।’
यू-ट्यूब पर फिल्म रिलीज करना रिस्की है, पब्लिक को आदत नहीं: आदित्य कुमार, यूट्यूब स्ट्रैटेजिस्ट
YouTube स्ट्रैटेजिस्ट आदित्य कुमार का मानना है कि यह दांव काफी रिस्की है। उन्होंने कहा, 'यूट्यूब का पे-पर-व्यू मॉडल क्रिएटर्स के लिए तो फायदेमंद है क्योंकि उनकी प्रोडक्शन कॉस्ट कम होती है। एक वीडियो बनाना, उसे प्रमोट करना और उस पर एड लगाना, सब खर्चा कम होता है। लेकिन फिल्मों के लिए यह मॉडल काफी जोखिम भरा है। खासकर बॉलीवुड जैसी इंडस्ट्री में जहां फिल्मों की लागत 50 से 100 करोड़ तक होती है। ऐसे में सिर्फ YouTube के व्यूज से लागत निकाल पाना लगभग नामुमकिन है।'
ऑडियंस पे-पर-व्यू पर पैसे देने से कतराती है
आदित्य ने आमिर खान के चैनल की पॉपुलैरिटी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'आमिर खान के चैनल पर 2 लाख सब्सक्राइबर्स हैं जो उनकी ब्रांड वैल्यू के हिसाब से बहुत कम हैं। ट्रेलर या गाने 10-15 मिलियन व्यूज तक जा सकते हैं लेकिन पूरी फिल्म को पे-पर-व्यू पर देखने की बात आती है तो दर्शक भारत में पैसे देने से कतराते हैं। लोग YouTube पर फ्री कंटेंट देखने आते हैं, पे-पर-व्यू की आदत अभी तक नहीं बनी है।'
यूट्यूब की नेगेटिविटी स्टार्स की इमेज पर असर डालती है
आदित्य ने कहा, 'यूट्यूब पर डायरेक्ट ऑडियंस रिएक्शन, ट्रोलिंग, मीम्स और नेगेटिविटी का बड़ा असर होता है। थिएटर या OTT पर यह सब फिल्टर होता है, लेकिन YouTube पर बिना सेंसर के पब्लिक रिएक्शन आता है। इससे स्टार्स की इमेज पर भी असर पड़ता है। इसलिए यह कदम बहुत बड़ा रिस्क है। मेरे ख्याल से यह मॉडल तभी सफल होगा जब फिल्म को लेकर जबरदस्त उत्सुकता और पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ हो।’
पाइरेसी का खतरा सबसे बड़ा: राजेश थडानी, डिस्ट्रीब्यूटर
डिस्ट्रीब्यूटर राजेश थडानी की चिंता भी अपनी जगह सही है। उन्हें फिल्म की पाइरेसी को लेकर डर है। वो कहते हैं, 'एक बार फिल्म डिजिटल फॉर्मेट में आ गई तो चोरी करना आसान हो जाता है। टेलीग्राम और टोरेंट जैसी साइट्स पर फिल्म कुछ ही घंटों में लीक हो जाती है। इससे असली कमाई पर बड़ा असर पड़ता है। थिएटर में तो कम से कम इस पर कंट्रोल रहता है, लेकिन यूट्यूब पर ऐसा नहीं है।'
हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि आमिर खान ने सोच-समझकर ही यह फैसला लिया है इसलिए उम्मीद है कि यह एक्सपेरिमेंट फायदेमंद साबित होगा।
आप खुद अपना कारोबार खत्म कर रहे हैं: आमिर खान
आमिर खान भी मानते हैं कि थिएटर और OTT के बीच का छोटा गैप इंडस्ट्री को नुकसान पहुंचा रहा है। वे वेव्स समिट 2025 में साफ कह चुके हैं, 'अगर मुझे अपनी फिल्म के प्रमोशन में अपने ऑडियंस के साथ ईमानदार रहना है तो मुझे उन्हें बताना होगा कि मेरी फिल्म रिलीज हो रही है लेकिन जिनके पास किसी OTT सब्सक्रिप्शन प्लान है उन्होंने मेरी फिल्म खरीद ली है और अब उन्हें थिएटर आने की जरूरत नहीं। जो लोग OTT पर नहीं हैं कृपया वही थिएटर आएं। यह बात मुझे ईमानदारी से करनी है लेकिन यह अजीब है। थिएटर और OTT के बीच की खिड़की बहुत छोटी है। आप खुद अपने कारोबार को खत्म कर रहे हैं।'
20 जून को रिलीज होगी ‘सितारे जमीन पर’
आमिर खान इन दिनों अपनी अगली फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ को लेकर चर्चाओं में बने हुए हैं। फिल्म 20 जून को थिएटर्स में रिलीज होनी है। यह साल 2018 में रिलीज हुई स्पैनिश फिल्म 'चैंपियन' की रीमेक हैं जिसमें आमिर के साथ जेनेलिया देशमुख भी नजर आएंगी।
अक्सर फिल्म प्रमोशन में नए-नए तरीके अपनाने वाले आमिर ने अब किसी खास तरीके से इस फिल्म को प्रमोट तो नहीं किया पर इस बार वो अपनी फिल्म को लेकर ही नया प्रयोग करने जा रहे हैं। देखते हैं यह उनके लिए कितना कारगर साबित होता है।