क्या 'ला फेम निकिता' की नकल है 'अल्फा'? इस फ्रेंच क्लासिक से मिलता है आलिया भट्ट और बॉबी देओल की फिल्म का सीन
Alpha Movie: वाईआरएफ की अगली फिल्म 'अल्फा' है, जिसमें आलिया भट्ट और शरवरी मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। हाल ही में इस फिल्म का टीजर रिलीज हुआ जिसे फ्रेंच क्लासिक फिल्म 'ला फेम निकिता' से जोड़ा जा रहा है। जानिए क्या है वजह?
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विस्तार
आलिया भट्ट की आगामी जासूसी थ्रिलर फिल्म 'अल्फा' का टीजर सोशल मीडिया पर आते ही छा गया है। फिल्म के ऐक्शन सीन तो लोगों को पसंद आ ही रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही एक नई बहस भी शुरू हो गई है। कई लोगों का मानना है कि इस फिल्म की कहानी 1990 की एक मशहूर फ्रेंच फिल्म 'ला फेम निकिता' से काफी मिलती-जुलती है।
'अल्फा' के टीजर में क्या है खास?
'अल्फा' के टीजर की शुरुआत में आलिया भट्ट और बॉबी देओल का एक सीन दिखाया गया है। दोनों साथ में खाना खा रहे हैं, जहां बॉबी देओल, आलिया को उनके 18वें जन्मदिन की बधाई देते हैं। वह आलिया को एक कार्ड देते हैं जिस पर कमरे का नंबर लिखा होता है और कहते हैं कि अब ट्रेनिंग को इस्तेमाल करने का समय आ गया है।
इसके आगे टीजर में दिखाया गया है कि बॉबी देओल ने आलिया को कई साल तक एक खतरनाक एजेंट बनने की ट्रेनिंग दी है। यहां दोनों के बीच गुरु और चेले का रिश्ता दिखाया गया है।
'अल्फा' की तुलना फ्रेंच फिल्म से क्यों कर रहे हैं?
- सोशल मीडिया पर लोग 'अल्फा' और फ्रेंच फिल्म 'ला फेम निकिता' के बीच कई समानताएं बता रहे हैं।
- दोनों ही फिल्मों में एक टीन एज गर्ल को एक खतरनाक एजेंट के रूप में तैयार करते हुए दिखाया गया है।
- लोगों का कहना है कि बॉबी और आलिया के किरदारों का रिश्ता भी काफी हद तक फ्रेंच फिल्म के किरदारों जैसा ही लग रहा है।
- इसी वजह से इंटरनेट पर यह बहस छिड़ गई है कि क्या 'अल्फा' उस फ्रेंच फिल्म से प्रेरित है या नहीं?
क्या है 'ला फेम निकिता' की कहानी?
'ला फेम निकिता' 1990 में आई एक बहुत मशहूर फ्रांसीसी फिल्म है, जिसे ल्यूक बेसन ने बनाया था। फ्रेंच क्लासिक 'ला फेम निकिता' को दुनिया की सबसे बेहतरीन महिला-प्रधान एक्शन फिल्मों में गिनी जाती है। इसकी कहानी 'निकिता' नाम की एक परेशान लड़की के बारे में है, जो एक चोरी के दौरान पुलिस वाले की हत्या के आरोप में पकड़ी जाती है।
उसे जेल भेजने के बजाय सरकार की एक सीक्रेट एजेंसी चुपके से अपने साथ मिला लेती है। दुनिया के सामने उसकी मौत का नाटक रचा जाता है और उसे एक प्रोफेशनल एजेंट बनने की कड़ी ट्रेनिंग दी जाती है। कई साल बाद वह एक बहुत ही चालाक और खतरनाक जासूस बन जाती है। लेकिन कहानी में मोड़ तब आता है जब वह देश के लिए कत्ल करने के अपने काम और एक सामान्य जिंदगी जीने की अपनी इच्छा के बीच फंस जाती है।
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