बीते कुछ सालों में बायकॉट बॉलीवुड का ट्रेंड शुरू हुआ था। इसकी शुरुआत सोशल मीडिया पर हुई थी। इस ट्रेंड का शिकार बहुत सारी फिल्में बनी थी। वैसे ये ट्रेंड कोई नया नहीं है। सोशल मीडिया से पहले भी बॉलीवुड फिल्मों का बहिष्कार हो चुका है। चलिए आपको बताते हैं ऐसी ही कुछ पुरानी फिल्मों के बारे में…
Bollywood: बायकॉट ट्रेंड से पहले ये फिल्में हुईं सुपर सेंसरशिप की शिकार, काफी जद्दोजहद के बाद हो पाई रिलीज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नील आकाशेर नीचे
नील आकाशेर नीचे भारत की पहली फिल्म जिसे राजनीति विरोध बताते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने बैन कर दिया था। मृणाल सेन की इस फिल्म में दिखाया गया था कि कैसे अपनी शक्तियों का प्रयोग कर नेता नीचे तबके के लोगों को नुकसान पहुंचाते हैं। विवाद के 3 महीने बाद 1958 में इसे रिलीज किया गया था।
किस्सा कुर्सी का
अमृत नहाटा द्वारा निर्देशित इस मूवी में राज किरण, सुरेखा सीकरी, मनोहर सिंह और शबाना आजमी जैसे कलाकार थे। बताया जाता है कि इस फ़िल्म में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के ऊपर कटाक्ष किया गया था इसलिए इसे उनके बेटे संजय गांधी ने रिलीज नहीं होने दिया था। उन्होंने इसके प्रिंट तक जला डाले थे। इसके लिए बाद में उनको सजा भी हुई थी।
यह भी पढ़ें: आवाज की दुनिया में ध्वनि का सबसे बड़ा धमाका, बनीं 1.5 बिलियन व्यूज पाने वाली यंगेस्ट स्टार
सत्यम शिवम सुंदरम
शशि कपूर और ज़ीनत अमान की इस फिल्म को राज कपूर ने डायरेक्ट किया था। इसके खिलाफ हिमाचल प्रदेश में एक मुकदमा दायर हो गया था। वहां इसका विरोध शुरू हो गया था. कुछ लोगों ने फिल्म के जरिए अभिनेता राज कपूर पर अश्लीलता को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया था। लेकिन कुछ समय बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस खारिज कर दिया था।
यह भी पढ़ें: बीटीएस को ना पहचानना अलका याग्निक को पड़ा भारी, सोशल मीडिया पर यूजर्स ने लगाई क्लास
कलयुग और रामायण
इस फिल्म का नाम पहले ‘कलयुग की रामायण’ था, इसे मनोज कुमार ने डायरेक्ट किया था। मगर ये नाम लोगों को पसंद नहीं आया और इसे बायकॉट करने की मांग उठने लगी। तब मनोज कुमार ने इसका नाम बदलकर ‘कलयुग और रामायण’ कर दिया, तब ही इसे रिलीज होने दिया गया।
यह भी पढ़ें: पहले हफ्ते के कलेक्शन के मामले में यहां अटकी ‘भोला’, अजय देवगन की टॉप 10 लिस्ट से भी बाहर