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Dilip Kumar Death Anniversary: दिलीप कुमार के फिल्मों में आने के सख्त खिलाफ थे पिता, सच्चाई जान जड़ा था थप्पड़
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: ज्योति राघव
Updated Thu, 07 Jul 2022 06:15 PM IST
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दिलीप कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
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अपने दौर के दिग्गज अभिनेता दिलीप कुमार को इस दुनिया को छोड़े आज एक साल हो गया है। बीते साल आज ही के दिन वह इस संसार से विदा हुए थे। मगर, ऐसा कोई दिन नहीं जाता जब दिलीप साहब को चाहने वाले उन्हें याद न करते हों। उन्होंने हिंदी सिनेमा में कई शानदार फिल्मों में अभिनय किया। दुनियाभर में उनके प्रशंसकों की कमी नहीं है। मगर, हैरानी की बात है कि दिलीप कुमार के पिता को उनका एक्टर बनना कतई पसंद नहीं था। वह इसके सख्त खिलाफ थे। दरअसल दिलीप कुमार के पिता लाला गुलाम सरवर खान को कला में रत्तीभर भी दिलचस्पी नहीं थी। ऐसे में वह हरगिज नहीं चाहते थे कि बेटा फिल्मों में करियर बनाए। लेकिन, पिता से छिप-छिपाकर जब दिलीप कुमार ने फिल्मों में अभिनय का मन बना लिया और पहली फिल्म आई तो पोस्टर के जरिए पिता के सामने सारी सच्चाई आ गई। इसके बाद तो उनके पिता इतने गुस्से में आ गए कि बेटे की पिटाई कर डाली और तुरंत घर से निकलने का आदेश दे डाला।
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दिलीप कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि फैसल फारूकी ने दिलीप कुमार पर एक किताब लिखी है, जिसका नाम है, 'दिलीप कुमार-इन द शैडो ऑफ ए लीजेंड'। इसमें फारुकी ने दिलीप साहब की 1944 में आई पहली फिल्म 'ज्वार भाटा' का जिक्र किया है। उन्होंने बताया है कि उस वक्त दिलीप साहब को उनके मूल नाम यानी यूसुफ खान से जाना जाता था। उन्होंने फिल्मों में आने के बाद अपना नाम बदलकर दिलीप कुमार किया था। जब 'ज्वार भाटा' आई तो इसके पोस्टर पर दिलीप कुमार की तस्वीर थी। एक दिन उनके पिता अपने करीबी दोस्त राजकपूर के दादा और दीवान बशेश्वरनाथ कपूर के साथ घर की तरफ आ रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बेटे का फिल्मी पोस्टर देखा और उनकी आंखें फटी रह गईं। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि यह उनका ही बेटा है। लिहाजा वह अपने बेटे से सच्चाई जानने को व्याकुल हो उठे।
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दिलीप कुमार
- फोटो : सोशल मीडिया
घर पहुंचने के बाद जब वह दिलीप कुमार से मिले तो बोले, 'आज बहुत अजीब घटना घटी और मैं इससे काफी परेशान हूं।' दिलीप कुमार को किसी बात की भनक ही नहीं थी कि पिता आज इतने गंभीर क्यों हैं? उन्होंने इसकी वजह जाननी चाही। थोड़ी देर की चुप्पी के बाद उनके पिता ने कहा, 'मैं घर की ओर आ रहा था तो रास्ते में एक फिल्म का पोस्टर दिखा।' बस इतना सुनते ही दिलीप कुमार का माथा ठनका। वह अपने हाथ बांधकर चुपचाप खड़े रहे। उन्हें यह समझते देर नहीं लगी कि पिता को आज सारा माजरा पता चल गया है।
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दिलीप कुमार की फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
इस बीच दिलीप कुमार के पिता ने बोलना जारी रखा और कहा, 'पोस्टर पर छपे लड़के का नाम दिलीप कुमार है। वह हूबहू तुम्हारी ही तरह है। क्या वह तुम ही हो?' दिलीप कुमार को तो उस वक्त काटो तो खून नहीं। न मुंह से आवाज निकल रही थी न पिता से आंखें मिला पा रहे थे। जब पिता ने दोबारा पूछा तब दिलीप कुमार ने दबी जुबान से स्वीकार किया कि वह पोस्टर उन्हीं का है। इसके बाद पिता ने एक झन्नाटेदार थप्पड़ बेटे के गाल पर रसीद किया। इसके बाद उन्होंने दिलीप कुमार को तुरंत घर से निकलने का हुक्म दे डाला। इस किताब के ही मुताबिक एक बार दिलीप कुमार ने कहा था कि यह पहली बार था जब उनके पिता ने उन पर हाथ उठाया था। इससे पहले वह कभी गुस्सा भी नहीं हुए थे। दिलीप कुमार ने कहा था, 'अगर उस दिन अम्मा और सकीना आपा नहीं होतीं, तो वह मुझे घर से निकाल ही देते।' बेटे से नाराजगी के चलते दिलीप साहब के पिता ने शुरुआती दो सालों तक उनकी फिल्में भी नहीं देखी थी।
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