‘आजकल बच्चों वाली फिल्में कम बनती हैं’, जैकी श्रॉफ ने सुपरहीरो फिल्मों को बताया अपना पसंदीदा जॉनर
Jackie Shroff On Children Movie: जैकी श्रॉफ ने अपनी आगामी फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो - एलियंस का आगमन’ को लेकर बात की। इस दौरान उन्होंने बच्चों वाली फिल्मों के कम बनने पर भी चिंता जाहिर की। जानिए उन्होंने क्या कुछ कहा…
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अभिनेता जैकी श्रॉफ इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो - एलियंस का आगमन’ को लेकर चर्चाओं में हैं। जैकी फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त हैं। यह बच्चों के लिए बनी एक फन लविंग फिल्म है। इस बीच जैकी श्रॉफ ने कहा कि यह शैली उनके दिल के बेहद करीब है, क्योंकि यह मेनस्ट्रीम सिनेमा से गायब एक खास पहलू को छूती है।
मुझे बच्चों के सब्जेक्ट पर बनीं फिल्में करना पसंद है
पीटीआई से बातचीत के दौरान जैकी श्रॉफ ने फिल्म को लेकर कहा कि आजकल बच्चों की फिल्में बहुत कम बनती हैं और अगर कोई फिल्म बच्चों, उनके सपनों, उनकी मासूमियत के बारे में हो तो मुझे उसे पर्दे पर उतारना अच्छा लगता है। फिल्मों में हमें ये सब देखने को नहीं मिलता।
मैं हर तरह की फिल्में करता हूं, लेकिन यह शैली मेरे दिल के बेहद करीब है क्योंकि हम सभी के अंदर एक बच्चा छिपा होता है। बचपन में अथर्ववेद, आयुर्वेद, ऋग्वेद पढ़ने के बजाय, हम 'जैक एंड जिल वेंट अप द हिल', 'रिंग-ए-रिंग-ए-रोजेज' और 'अलादीन' पढ़ते थे। हम उन चीजों के बारे में नहीं सीख रहे हैं जो वास्तव में भारतीय हैं। मुझे लगता है कि ये वो चीजें हैं, जो हमने बचपन में खो दीं। आज उनकी कल्पना इंटरनेट और एआई से आकार ले रही है।
दोबारा सुपरहीरो का किरदार निभाना सुखद
1985 में आई फिल्म ‘शिवा का इंसाफ’ में सुपरहीरो का किरदार निभाने वाले जैकी श्रॉफ ने कहा कि दोबारा सुपरहीरो का किरदार निभाने का मौका मिलना एक सुखद एहसास है। उन्होंने कहा कि परिवार में सबसे वरिष्ठ व्यक्ति दादाजी होते हैं और उनके पास सचमुच महाशक्तियां होती हैं। बच्चे दादा-दादी से बहुत कुछ सीखते हैं।
जब मैंने ‘शिवा का इंसाफ’ की शूटिंग की थी, तब मुझे एक निश्चित ऊंचाई पर लटकना पड़ता था, कूदना पड़ता था और सब कुछ करना पड़ता था। आज तकनीक निश्चित रूप से बहुत मददगार है। उन दिनों यह कठिन था; अब यह आसान है। लेकिन सुपरहीरो का कॉस्ट्यूम पहनना फिर भी आसान नहीं है। सात से आठ घंटे तक आप वॉशरूम नहीं जा सकते, इसलिए ये दिक्कतें तो रहती ही हैं।
‘द ग्रेट ग्रैंड सुपरहीरो’ का निर्देशन मनीष सैनी ने किया है, जिन्होंने अपनी गुजराती भाषा की ड्रामा फिल्म ‘ध’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था। उन्होंने ‘गांधी एंड कंपनी’, ‘शुभ यात्रा’, ‘जय माता जी - लेट्स रॉक’ और पुरस्कार विजेता शॉर्ट फिल्म ‘गिद्ध’ का निर्देशन भी किया है।