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'जरूरी रास्तों की कमी रही', 'बंटवारा 1947' के गीतकार जावेद अख्तर ने बताए इंडस्ट्री में बने रहने के मंत्र
Wed, 12 Aug 2026 05:00 PM IST
सिराजुद्दीन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Wed, 12 Aug 2026 05:00 PM IST
सार
Javed Akhtar: जावेद अख्तर ने बताया है कि इंडस्ट्री में लंबे समय तक टिके रहने के लिए क्या जरूरी है? उन्होंने 'बॉर्डर 2' के बारे में भी बात की है।
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जावेद अख्तर
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
मशहूर लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने भारत में कलाकारों के सामने आने वाली चुनौतियों पर बातचीत की है। उन्होंने म्यूजिक इंडस्ट्री के बदलते माहौल के बारे में बात की। उन्होंने बताया कि टैलेंट जरूरी होने के बावजूद, सिर्फ उसी के दम पर लंबे समय तक चलने वाला करियर बनाना हमेशा काफी नहीं होता।
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जावेद अख्तर
- फोटो : सोशल मीडिया
टैलेंट के साथ क्या है जरूरी?
मुंबई मिरर के साथ बातचीत में उनसे पूछा गया कि क्या आज की म्यूजिक इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए सिर्फ टैलेंट काफी है। इस पर जावेद ने कहा, 'सिर्फ टैलेंट से लंबे समय तक चलने वाला करियर नहीं बन सकता। कलाकारों को सही इकोसिस्टम की भी जरूरत होती है। दर्शक, प्लेटफॉर्म, स्टेज, प्रमोटर और एजेंसियों तक पहुंच, साथ ही अपने इलाके से बाहर भी पहचान मिलना जरूरी है। शोकेस फेस्टिवल और म्यूजिक मार्केटप्लेस बहुत जरूरी हैं। ये नई प्रतिभाओं की खोज, और तरक्की के रास्ते खोलते हैं।'
मुंबई मिरर के साथ बातचीत में उनसे पूछा गया कि क्या आज की म्यूजिक इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए सिर्फ टैलेंट काफी है। इस पर जावेद ने कहा, 'सिर्फ टैलेंट से लंबे समय तक चलने वाला करियर नहीं बन सकता। कलाकारों को सही इकोसिस्टम की भी जरूरत होती है। दर्शक, प्लेटफॉर्म, स्टेज, प्रमोटर और एजेंसियों तक पहुंच, साथ ही अपने इलाके से बाहर भी पहचान मिलना जरूरी है। शोकेस फेस्टिवल और म्यूजिक मार्केटप्लेस बहुत जरूरी हैं। ये नई प्रतिभाओं की खोज, और तरक्की के रास्ते खोलते हैं।'
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जावेद अख्तर
- फोटो : सोशल मीडिया
क्यों गुमनाम होते हैं कलाकार?
जावेद ने इस बात पर भी चर्चा की कि भारत में कलाकारों की इतनी बड़ी संख्या होने के बावजूद कई प्रतिभाशाली म्यूजिशियन क्यों गुमनाम रह जाते हैं। उन्होंने बताया 'भारत में टैलेंट की कभी कमी नहीं रही। अक्सर उस टैलेंट को खोजने के लिए जरूरी रास्तों की कमी रही है। हमारे देश के हर इलाके की अपनी म्यूजिकल भाषा, परंपराएं और कहानियां हैं।'
जावेद ने इस बात पर भी चर्चा की कि भारत में कलाकारों की इतनी बड़ी संख्या होने के बावजूद कई प्रतिभाशाली म्यूजिशियन क्यों गुमनाम रह जाते हैं। उन्होंने बताया 'भारत में टैलेंट की कभी कमी नहीं रही। अक्सर उस टैलेंट को खोजने के लिए जरूरी रास्तों की कमी रही है। हमारे देश के हर इलाके की अपनी म्यूजिकल भाषा, परंपराएं और कहानियां हैं।'
शबाना आजमी, जावेद अख्तर
- फोटो : एक्स
'बॉर्डर 2' के लिए क्यों किया मना?
जावेद ने हाल ही में 'बॉर्डर 2' के लिए मना करने की वजहें भी बताईं। उन्होंने बताया कि भले ही फिल्म में उन्हें म्यूजिक कंपोज करने का मौका मिल रहा था, लेकिन वे यह ऑफर स्वीकार नहीं करना चाहते थे, क्योंकि फिल्म में ओरिजिनल फिल्म के ही गानों को नए सिरे से इस्तेमाल किया जाना था।
जावेद ने हाल ही में 'बॉर्डर 2' के लिए मना करने की वजहें भी बताईं। उन्होंने बताया कि भले ही फिल्म में उन्हें म्यूजिक कंपोज करने का मौका मिल रहा था, लेकिन वे यह ऑफर स्वीकार नहीं करना चाहते थे, क्योंकि फिल्म में ओरिजिनल फिल्म के ही गानों को नए सिरे से इस्तेमाल किया जाना था।
'बंटवारा 1947'
- फोटो : सोशल मीडिया
जावेद अख्तर का वर्कफ्रंट
जावेद अख्तर ने अपकमिंग फिल्म 'बंटवारा 1947' के लिए गाने लिखे हैं। इस फिल्म में सनी देओल और प्रीति जिंटा होंगे। यह फिल्म 14 अगस्त को रिलीज होगी।
जावेद अख्तर ने अपकमिंग फिल्म 'बंटवारा 1947' के लिए गाने लिखे हैं। इस फिल्म में सनी देओल और प्रीति जिंटा होंगे। यह फिल्म 14 अगस्त को रिलीज होगी।