कैलाश खेर ने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में किए दर्शन, भस्म आरती में लिया हिस्सा
Kailash Kher At Mahakaleshwar Temple: मशहूर गायक कैलाश खेर ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। इसके साथ उन्होंने भस्म आरती में हिस्सा भी लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मशहूर गायक कैलाश खेर शुक्रवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन पहुंचे। उन्होंने वहां प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में भगवान शिव के दर्शन किए। उन्होंने सुबह होने वाली खास भस्म आरती में भी हिस्सा लिया।
वीडियो किया शेयर
कैलाश खेर ने इस खूबसूरत यात्रा का एक वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर भी शेयर किया है। मंदिर से सामने आए वीडियो में कैलाश खेर भगवान महाकाल की भक्ति में डूबे और वहां के आध्यात्मिक माहौल का आनंद लेते हुए नजर आए।
View this post on Instagram
महादेव के लिए गाया गाना
दर्शन के बाद मीडिया एअनआई से बात करते हुए कैलाश खेर भावुक हो गए और उन्होंने भगवान शिव के लिए एक खूबसूरत गाना भी गाया। उन्होंने कहा, 'मैं जब भी यहां आता हूं, मुझे ऐसा लगता है जैसे खुद महादेव ने मुझे बुलाया है। मुझे लगता है कि वे मुझे दुनिया भर में घूमते हुए देखते हैं और फिर अपने पास बुला लेते हैं। इस जगह में एक अलग ही जादुई बात है। मैं हमारी भारतीय संस्कृति और परंपरा को प्रणाम करता हूं।'
क्यों खास है महाकालेश्वर मंदिर और भस्म आरती?
उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश के सबसे मुख्य शिव मंदिरों (ज्योतिर्लिंगों) में से एक है। यहां हर साल आम लोगों से लेकर बड़ी-बड़ी मशहूर हस्तियां भगवान का आशीर्वाद लेने आती हैं। भस्म आरती इस मंदिर की सबसे मुख्य और पवित्र परंपरा है। यह रोज सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच ब्रह्म मुहूर्त में होती है, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है।
इस आरती की शुरुआत सुबह मंदिर के कपाट खुलने के साथ होती है। सबसे पहले भगवान शिव को दूध, दही, घी, चीनी और शहद यानी पंचामृत से नहलाया जाता है। इसके बाद उन्हें भांग और चंदन का लेप लगाकर सजाया जाता है। आखिर में ढोल-नगाड़ों और शंख की गूंज के बीच बाबा महाकाल की भस्म आरती की जाती है, जिससे पूरा मंदिर भक्तिमय हो जाता है।
यह भी पढ़ें: राम चरण की 'पेद्दी' बनी इस साल की सबसे बड़ी ओपनर, तोड़ा 'धुरंधर 2' का रिकॉर्ड; जानें वर्ल्डवाइड कलेक्शन