सतीश शाह को मरणोपरांत पद्मश्री से किया जाएगा सम्मानित, भावुक हुईं सह-कलाकार रत्ना पाठक और रूपाली गांगुली
Satish Shah Padma Shri: साल 2026 में सतीश शाह का नाम उन हस्तियों की लिस्ट में शामिल है, जिन्हें राष्ट्र पर उनके काम के लिए सम्मानित किया जा रहा है। दिवंगत अभिनेता सतीश शाह को मरणोपरांत पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
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गणतंत्र दिवस 2026 से एक दिन पहले गृह मंत्रालय ने इस साल के पद्म पुरस्कारों की घोषणा की। इन पुरस्कारों से देश के लिए खास योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया जाता है। दिवंगत अभिनेता सतीश शाह को मरणोपरांत पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
सतीश शाह को मिलेगा मरणोपरांत पद्मश्री पुरस्कार
सतीश शाह को उनके अभिनय के योगदान के लिए मरणोपरांत पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। अफसोस, उनका निधन पिछले साल 25 अक्तूबर को हो गया था। उन्होंने भारतीय फिल्मों और टीवी पर गहरी छाप छोड़ी है। उम्मीद है कि उनकी पत्नी मधु शाह यह पुरस्कार लेने जाएंगी।
एनडीटीवी से बातचीत के दौरान इस सम्मान पर अभिनेत्री रत्ना पाठक ने कहा कि आखिरकार सतीश के काम को सही सम्मान मिल रहा है। वे जीवन को पूरी तरह जीते थे, लेकिन अफसोस है कि उन्हें जिंदा रहते यह सम्मान नहीं मिला। वहीं रूपाली गांगुली (जो साराभाई वर्सेस साराभाई में उनकी बेटी का रोल करती थीं) ने भावुक होकर कहा कि यह बहुत खुशी का पल है, लेकिन दुख भी है कि काका (सतीश शाह) अब नहीं हैं। वे इसके हकदार थे।
पद्म पुरस्कार कला, शिक्षा, खेल, सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में लंबे समय तक दिए गए योगदान के लिए मिलते हैं। सतीश शाह ने भारतीय सिनेमा और टीवी में बहुत अच्छा काम किया है। सतीश शाह का जन्म 25 जून 1951 को हुआ था। उन्होंने फिल्म और टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से ट्रेनिंग ली। शुरुआत में छोटे रोल किए, फिर 1983 की मशहूर फिल्म 'जाने भी दो यारों' से बहुत नाम कमाया। उन्होंने 'हम आपके हैं कौन', 'मैं हूं ना', 'मुझसे शादी करोगी' जैसी कई फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। टीवी पर 'ये जो है जिंदगी' और खासकर 'साराभाई वर्सेस साराभाई' से वे घर-घर में पॉपुलर हो गए।
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