महेश भट्ट ने बताया क्यों लिया डायरेक्शन से रिटायरमेंट? कहा- ‘आजकल कंटेंट पहले से ही तय होता है’
Mahesh Bhatt: महेश भट्ट की गिनती इंडस्ट्री के दिग्गज निर्देशकों में होती है। लेकिन अब उन्होंने बताया कि क्यों लिया निर्देशन से संन्यास और आजकल की फिल्मों के बारे में कही ये बात…
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिग्गज निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट ने कन्फर्म किया है कि वो अब कोई और फिल्म डायरेक्ट नहीं करेंगे। वो अब फिल्में और थिएटर प्ले प्रोड्यूस करने में तो खुश हैं, लेकिन फीचर फिल्म डायरेक्ट नहीं करना चाहते। क्योंकि उन्हें लगता है कि आजकल कंटेंट पहले से ही तय होता है। इसलिए, उनका कहना है कि इससे आर्टिस्ट की भूमिका कम हो जाती है।
पहले से कय कंटेंट में कलाकार की भूमिका नहीं रह जाती
हाल ही में हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत में महेश भट्ट से पूछा गया कि क्या वो फिर से डायरेक्शन में लौटेंगे? इस पर उन्होंने कहा कि नहीं, क्योंकि फिल्मों के बारे में इतने जोश के साथ बात करना ही बहुत संतोषजनक है। जब उनसे डायरेक्टर के तौर पर रिटायरमेंट की वजह पूछी गई, तो उन्होंने कहा कि जहां जिंदगी है, वहां जोश भी है।
उन्होंने समझाया कि जब आपको बताया जाता है कि क्या करना है, तो सावधानी बरतनी पड़ती है। फिर जब आपको पहले से तय डिजाइनों के हिसाब से कंटेंट बनाना हो, तो एक कलाकार की क्या भूमिका रह जाती है? हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि हिंदी सिनेमा किसी निराशाजनक दौर में फंस गया है।
यह बगावत का समय है
निर्देशक ने आगे कहा कि हाल ही में मैंने जो बेहतरीन चीजें देखी हैं, उनमें से एक है इम्तियाज अली की 'मैं वापस आऊंगा'। मैंने इसके बारे में लिखा भी है। मुझे लगता है कि यह बगावत का समय है।
जब आप अपना दिल इसमें लगाते हैं और समय की नब्ज को समझते हैं, तो आप लोगों में कुछ संवेदनशील और दिल को छू लेने वाली चीज की चाहत या प्यास देखते हैं, जो उनकी जिंदगी से जुड़ी हो। रात चाहे कितनी भी अंधेरी क्यों न हो, कुछ बागी और विद्रोही जरूर होंगे जो आकर कहानी को नए सिरे से लिखेंगे।
कहानी कहना इंसानी जाति की जान है और ऐसे कहानीकार जरूर होंगे जो आप पर थोपी गई लीक से हटकर चलने और भीड़ का हिस्सा बनने की मजबूरी को तोड़ने की हिम्मत दिखाएंगे।
वे सभी एल्गोरिदम जो आपको ऐसे प्लेटफॉर्म की ओर धकेलते हैं जिन्हें सिर्फ नंबरों से मतलब है, वे आपको खुद को बदलने और तय टेम्प्लेट में फिट होने के लिए मजबूर करते हैं। लेकिन हमेशा कोई न कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो इस दायरे से बाहर होगा—एक हिम्मतवाला इंसान जो नया 'पाइड पाइपर' बनेगा।
महेश भट्ट ने अपने चार दशक से भी लंबे करियर में कई सफल और कल्ट फिल्में बनाई हैं। इनमें 'अर्थ', 'सारांश', 'सड़क', 'सर', 'हम हैं राही प्यार के' (लेखक के तौर पर), ‘दुश्मन’, 'क्रिमिनल', 'तमन्ना', 'डुप्लीकेट' और 'दस्तक' जैसी फिल्में शामिल हैं। 'कारतूस' (1999) के बाद उन्होंने निर्देशन से दूरी बना ली थी और 2020 में 'सड़क 2' के लिए कुछ समय के लिए ही वापसी की थी। उन्होंने 50 से ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया है।