{"_id":"6a81c99feadf74e2c609c907","slug":"batwara-1947-box-office-collection-day-3-know-total-earnings-of-sunny-deol-film-2026-08-16","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Batwara 1947: क्या 'बंटवारा 1947' को मिला रविवार का फायदा? जानें सनी देओल की फिल्म की तीसरे दिन की कमाई","category":{"title":"Bollywood","title_hn":"बॉलीवुड","slug":"bollywood"}}
Batwara 1947: क्या 'बंटवारा 1947' को मिला रविवार का फायदा? जानें सनी देओल की फिल्म की तीसरे दिन की कमाई
Sun, 16 Aug 2026 08:01 PM IST
सिराजुद्दीन
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सिराजुद्दीन
Updated Sun, 16 Aug 2026 08:01 PM IST
सार
Batwara 1947 Box Office Collection Day 3: बॉक्स ऑफिस पर नई रिलीज हुई फिल्म 'बंटवारा 1947' ने तीसरे दिन दम दिखाया है। जानिए रविवार को इसने कितना कलेक्शन किया है।
विज्ञापन
बंटवारा 1947
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सनी देओल की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'बंटवारा 1947' को सिनेमाघरों में रिलीज हुए तीन दिन हो चुके हैं।सनी देओल की बहुप्रतीक्षित फिल्म 'बंटवारा 1947' को सिनेमाघरों में रिलीज हुए तीन दिन हो चुके हैं। बॉक्स ऑफिस पर इस फिल्म का मुकाबला 'आवारापन 2' से है। पहले दिन फिल्म ने धीमी शुरुआत की। दूसरे दिन इसके कलेक्शन में उछाल आया। जानिए तीसरे दिन फिल्म ने कितनी कमाई की है।
'बंटवारा 1947'
- फोटो : साभार@imdb
'बंटवारा 1947' की कितनी हुई कमाई?
- 'बंटवारा 1947' ने आज तीसरे दिन खबर लिखे जाने तक बॉक्स ऑफिस पर 5.47 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है।
- देर रात इन आंकड़ों में इजाफा हो सकता है।
- कल यानी दूसरे दिन इसने 13.50 करोड़ रुपये कमाए थे।
- पहले दिन इसने 5.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था।
- फिल्म का कुल कलेक्शन 24.72 करोड़ रुपये हो गया है।
फिल्म 'बंटवारा 1947' और 'आवारापन 2' का थिएटर में होगा क्लैश
- फोटो : सोशल मीडिया
‘आवारापन 2’ के मुकाबले कितना हुआ कलेक्शन?
- फिल्म ‘आवारापन 2’ तीसरे दिन 17.80 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है।
- दूसरे दिन इसने 33.75 करोड़ रुपये कमाए थे।
- पहले दिन इस फिल्म ने 22 करोड़ रुपये से खाता खोला था।
- इस फिल्म का कुल कलेक्शन 17.80 करोड़ रुपये हो गया है।
- इस तरह देखें तो इस फिल्म ने 'बंटवारा 1947' को काफी पीछे छोड़ दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
फिल्म 'बंटवारा 1947' का ट्रेलर हुआ रिलीज
- फोटो : इंस्टाग्राम@iamsunnydeol
'बंटवारा 1947' की स्टारकास्ट
फिल्म 'बंटवारा 1947' के निर्देशक राजकुमार संतोषी हैं। इसे आमिर खान प्रोडक्शन के बैनर तले बनाया गया है। फिल्म की कहानी राजकुमार संतोषी और असगर वजाहत ने लिखी है। इसकी कहानी असगर वजाहत की किताब 'जिस लाहौर नय वेख्या, ओ जाम्या नय' पर आधारित है।
इसमें सनी देओल और प्रीति जिंटा के अलावा शबाना आजमी, अली फजल, करण देओल, अभिमन्यु सिंह और खुशी हजारे जैसे कलाकार हैं।
फिल्म 'बंटवारा 1947' के निर्देशक राजकुमार संतोषी हैं। इसे आमिर खान प्रोडक्शन के बैनर तले बनाया गया है। फिल्म की कहानी राजकुमार संतोषी और असगर वजाहत ने लिखी है। इसकी कहानी असगर वजाहत की किताब 'जिस लाहौर नय वेख्या, ओ जाम्या नय' पर आधारित है।
इसमें सनी देओल और प्रीति जिंटा के अलावा शबाना आजमी, अली फजल, करण देओल, अभिमन्यु सिंह और खुशी हजारे जैसे कलाकार हैं।
विज्ञापन
फिल्म 'बंटवारा 1947' का ट्रेलर हुआ रिलीज
- फोटो : इंस्टाग्राम@aamirkhanproductions
कैसी है फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के दर्द को दिखाती है। इसमें दिखाया गया है कि 1947 में दंगे भड़क चुके हैं। दोनों देशों के बंटवारे के बीच सिकंदर मिर्जा (सनी देओल) अपने परिवार- हमीदा बेगम (प्रीति जिंटा) और जावेद मिर्जा (करण देओल) के साथ लाहौर पहुंचते हैं। रहने के लिए उन्हें एक बड़ी हवेली मिलती है। लेकिन एक पेंच है।
उस घर में दुर्गावती देवी (शबाना आजमी) अभी रहती हैं। उनका परिवार बिछड़ चुका है और वह अपने बेटे रतनलाल के लौटने का इंतजार कर रही हैं। वह घर छोड़ने से साफ मना कर देती हैं। बस, यहीं से असली खेल शुरू होता है।
फिल्म की कहानी भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के दर्द को दिखाती है। इसमें दिखाया गया है कि 1947 में दंगे भड़क चुके हैं। दोनों देशों के बंटवारे के बीच सिकंदर मिर्जा (सनी देओल) अपने परिवार- हमीदा बेगम (प्रीति जिंटा) और जावेद मिर्जा (करण देओल) के साथ लाहौर पहुंचते हैं। रहने के लिए उन्हें एक बड़ी हवेली मिलती है। लेकिन एक पेंच है।
उस घर में दुर्गावती देवी (शबाना आजमी) अभी रहती हैं। उनका परिवार बिछड़ चुका है और वह अपने बेटे रतनलाल के लौटने का इंतजार कर रही हैं। वह घर छोड़ने से साफ मना कर देती हैं। बस, यहीं से असली खेल शुरू होता है।