7वीं कक्षा में महिला रिश्तेदार ने किया यौन शोषण, टीचर से हुआ पहला प्यार; फिल्मी है पीयूष मिश्रा की कहानी
Piyush Mishra Birthday: पीयूष मिश्रा सिर्फ एक अभिनेता ही नहीं बल्कि गायक, लेखक, गीतकार, संगीतकार और स्क्रीनप्ले राइटर भी हैं। पीयूष मिश्रा एक खुदरंग मल्टी टैलेंटेड कलाकार हैं। जन्मदिन पर यहां पढ़िए उनके करियर से लेकर उनके बारे में अनसुने किस्सों तक…
विस्तार
7वीं कक्षा में पढ़ने वाला एक छोटा लड़का है। पढ़ाई करता है और उसकी जीवन अच्छा चलता है। लेकिन एक दिन उसके साथ कुछ ऐसा होता है, जो उस बच्चे को हिलाकर रख देता है। सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि ये काम उसकी एक महिला रिश्तेदार ने ही उसके साथ किया था। सिर्फ 7वीं क्लास में पढ़ने वाले लड़के का एक महिला रिश्तेदार द्वारा यौन शोषण किए जाने पर, वो लड़का सदमे में चला जाता है। इस हादसे ने उस लड़के को इस तरह झकझोर दिया कि करीब 50 साल से ज्यादा समय के बाद आज भी वो लड़का इस हादसे से पूरी तरह उबर नहीं पाया है।
बेशक आज ये लड़का बॉलीवुड का एक जाना-पहचाना नाम बन चुका है। आज ये लड़का एक कमाल का अभिनेता, खुदरंग लेखक, शायर, कवि और शानदार संगीतकार व गायक है। ये लड़का कोई और नहीं बल्कि पीयूष मिश्रा है। अपने साथ हुई इस घटना का जिक्र पीयूष मिश्रा ने अपनी ऑटोबायोग्राफी की किताब ‘तुम्हारी औकात क्या है पीयूष मिश्रा’ में किया है। आज पीयूष मिश्रा अपना 63वां जन्मदिन मना रहे हैं। 13 जनवरी 1962 को ग्वालियर में कुमार शर्मा के नाम से जन्मे पीयूष मिश्रा, बाद में प्रियकांत शर्मा हो गए। इसके बाद जब उनकी बुआ ने उन्हें गोद ले लिया, तब वो पीयूष मिश्रा बन गए।
नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से एक्टिंग की पढ़ाई करने के बाद पीयूष मिश्रा ने तमाम नाटकों में काम किया। इसके बाद जब वो मुंबई पहुंचे तब उन्होंने फिल्म ‘दिल से’ से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने ‘मकबूल’, ‘गुलाल’ और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी कई शानदार फिल्मों में काम किया। पीयूष मिश्रा सिर्फ अभिनेता ही नहीं बल्कि गायक, संगीतकार और लेखक भी हैं। उन्होंने कई फिल्मों के संवाद लिखे हैं, स्क्रीनप्ले लिखा है और गाने तो ‘आरंभ है प्रचंड’ जैसे शानदार और कई लिखे हैं। आज जन्मदिन के मौके पर पीयूष मिश्रा के हर एक रंग पर थोड़ी नजर डालते हैं और जानते हैं बतौर अभिनेता, गायक, लेखक और संगीतकार उनके प्रमुख कामों के बारे में।
बतौर अभिनेता ‘दिल से’ से की शुरुआत
1990 में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से ग्रेजुएशन करने के बाद पीयूष मिश्रा ने दिल्ली में थिएटर किया। कई नाटकों में अभिनय करने के बाद, वो थिएटर के मशहूर निर्देशक, राइटर और एक्टर बन गए। इसके बाद वो मुंबई आए और उन्होंने ‘राजधानी’ और ‘भारत एक खोज’ जैसे टीवी सीरियल में काम किया। फिल्मों में पीयूष मिश्रा की एंट्री 1998 में आई मणिरत्नम द्वारा निर्देशित शाहरुख खान स्टारर ‘दिल से’ से हुई। फिल्म में उनका छोटा सा ही किरदार था। बतौर अभिनेता पीयूष मिश्रा को पहचान मिली साल 2003 में आई फिल्म ‘मकबूल’ से। इरफान खान, नसीरुद्दीन शाह, ओम पुरी और पंकज कपूर जैसे दिग्गज कलाकारों के सामने भी पीयूष मिश्रा ने अपने अभिनय की अलग पहचान बनाई। इसके बाद उन्होंने कई हिट और यादगार फिल्मों में काम किया। इनमें ‘गुलाल’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘तमाशा’, ‘हैप्पी भाग जाएगी’, ‘पिंक’, ‘तेरे बिन लादेन’, ‘रॉकस्टार’, ‘द शौकींस’ और ‘द गर्ल इन येलो बूट्स’ जैसी फिल्में शामिल हैं। आज पीयूष मिश्रा बॉलीवुड का एक बड़ा नाम हैं।
‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ और ‘गजनी’ जैसी फिल्मों के लिखे डायलॉग
पीयूष मिश्रा अभिनेता के अलावा लेखक भी हैं। उन्होंने कई फिल्मों के डायलॉग और स्क्रीनप्ले भी लिखे हैं। इनमें ‘द लीजेंड ऑफ भगत सिंह’ जैसी फिल्म भी शामिल हैं। पीयूष ने इसके संवाद लिखे हैं और उन्हें इसके लिए अवॉर्ड भी मिला था। इसके अलावा उन्होंने आमिर खान की ‘गजनी’, ऋतिक रोशन की ‘अग्निपथ’ और रणबीर कपूर की ‘शमशेरा’ के भी डायलॉग लिखे हैं। जबकि ‘यहां’, ‘1971’ और ‘लाहौर’ जैसी फिल्मों का स्क्रीनप्ले भी लिखा है।
‘गुलाल’, ‘टशन’ और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ जैसी फिल्मों में लिखे गीत
यही नहीं पीयूष मिश्रा के लिखे और उनके संगीत में बने गाने भी काफी मशहूर हुए हैं। उन्होंने ‘टशन’, ‘आजा नचले’, ‘ब्लैक फ्राइडे’, ‘गुलाल’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर 1-2’ ‘शमशेरा’, ‘दिल पे मत ले यार’ ‘लाहौर’ और ‘चल चलें’ जैसी फिल्मों में गीत लिखे हैं। इसके अलावा उन्होंने ‘गुलाल’, ‘लाहौर’ और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के कुछ गानों में संगीत भी दिया है। ‘गुलाल’ में तो उन्होंने ही गाने लिखे हैं, संगीत दिया है और गाए भी हैं। जिसमें ‘आरंभ है प्रचंड’ जैसा कल्ट गाना भी शामिल है।

गाए एक से बढ़कर एक सुपरहिट गाने
एक अभिनेता के अलावा पीयूष मिश्रा को सबसे ज्यादा पहचान बतौर गायक ही मिली है। उनकी एक अलग तरह की आवाज है, जो उन्हें बाकी कलाकारों से अलग खड़ा करती है। यही कारण है कि उनके गानों का अलग ही प्रभाव होता है। उनके प्रमुख गानों में ‘आरंभ है प्रचंड’, ‘एक बगल में चांद होगा’, ‘दुनिया’, ‘जब शहर हमारा’ और ‘हुस्ना’ जैसे सुपरहिट गाने शामिल हैं।
पीयूष मिश्रा से जुड़े किस्से
- पीयूष मिश्रा किसी वक्त में शराब के काफी आदी थे। उनका मानना है कि अपने शुरुआती जीवन के कई साल उन्होंने शराब में ही बिता दिए। इसके लिए उन्हें आज भी पछतावा है।
- अपनी शराब की लत की वजह से वो अपनी बीवी और बच्चों से भी दूर हो गए थे। इसके लिए वो आज भी खुद को दोषी मानते हैं।
- पीयूष मिश्रा खुद को शुरुआती दौर में एक गंदा और नीच आदमी मानते हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वो शराब के नशे में अपनी पत्नी के पीठ पीछे घर में लड़कियों को भी लाते थे।
- हालांकि, पीयूष मिश्रा की पत्नी से लव स्टोरी भी काफी रोचक है। उन्होंने बताया था कि शादी के लिए उन्होंने पत्नी प्रिया को चेन्नई के उनके घर से उठा लिया था।
- पीयूष मिश्रा का कहना है कि उन्हें 10वीं कक्षा में अपनी एक महिला टीचर से प्यार हो गया था। वो केरल की थीं और उनसे 10 साल बड़ी थीं।
- पीयूष मिश्रा का कहना है कि उन्हें अपने जीवन का पहला किस भी अपनी टीचर से ही मिला। पीयूष उस वक्त इमोशनल हो गए थे।
- थिएटर के दिनों में पीयूष मिश्रा कट्टर लेफ्टिस्ट (वामपंथी) थे। लगभग 20 साल तक वो इस विचारधारा के कट्टर समर्थक रहे। इसके चक्कर में वो अपने परिवार से भी दूर हो गए।
- हालांकि, बाद में पीयूष का इस विचारधारा से मोहभंग हो गया। अब वो इस विचारधारा का विरोध करते हैं।
- पीयूष मिश्रा का ऐसा मानना है कि ये उनका दूसरा जीवन है। इसमें उन्होंने अपने शुरुआती दौर में किए गए कामों के लिए लोगों से माफी भी मांगी है।