‘संदेसे आते हैं के बिना बॉर्डर अधूरी', जावेद अख्तर के क्रिएटिव दिवालियापन वाले बयान पर सोनू निगम ने कही ये बात
Sonu Nigam On Javed Akhtar Remarks: ‘बॉर्डर 2’ के गानों को रीमेक करने को लेकर एक बहस छिड़ गई है। अब इस बहस पर जावेद अख्तर के बयान पर सोनू निगम ने प्रतिक्रिया दी है।
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साल 2026 की बहुप्रतीक्षित वॉर ड्रामा फिल्म ‘बॉर्डर 2’ रिलीज हो चुकी है और सिनेमाघरों में बनी हुई है। फिल्म की कहानी के साथ-साथ फिल्म का गीत ‘घर कब आओगे’ भी चर्चाओं में बना हुआ है। इस गाने ने लोगों के जेहन में ‘संदेसे आते हैं’ की यादें ताजा कर दी हैं। वहीं इस गाने ने एक नई बहस भी छेड़ दी है। जिस पर गीतकार जावेद अख्तर और ओरिजिनल गीत के गायक सोनू निगम ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। सोनू निगम का मानना है कि कुछ धुनें उन कहानियों से पूरी तरह से जुड़ी होती हैं, जिनमें वे जन्म लेती हैं। इससे पहले जावेद अख्तर ने पुरानी धुनों के ही इस्तेमाल को क्रिटिव दिवालियापन करार दिया था।
बॉर्डर फ्रेंचाइज सच्ची कहानियां दिखाती है
सोनू निगम ने फिल्म के रिलीज के दिन एक वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर साझा किया। सोनू निगम ने ‘संदेसे आते हैं’ में भी आवाज दी थी और ‘बॉर्डर 2’ में इसके री-क्रिएट वर्जन ‘घर कब आओगे’ में भी आवाज दी है। अपने इस वीडियो में सोनू निगम ने बॉर्डर फ्रेंचाइज के साथ अपने लंबे सफर को याद करते हुए कहा कि मैं पहली बार 1997 में 'बॉर्डर' के प्रीमियर में गया था। अब 2026 में मैं 'बॉर्डर 2' के प्रीमियर में खड़ा हूं। मैंने कभी नहीं सोचा था कि यह खूबसूरत सफर इतने साल तक चलेगा। निरंतर प्यार के लिए दर्शकों का धन्यवाद। बॉर्डर एक ऐसी फ्रेंचाइज है जो सच्ची कहानियां दिखाती है, काल्पनिक नहीं। ये हमारे देश और हमारे सैनिकों की कहानियां हैं और हमारी जीत की कहानियाँ हैं। मेकर्स ने म्यूजिक पर विशेष ध्यान दिया है। जो युद्ध हमने कई साल पहले असल में जीता था, उसे हम बॉर्डर 2 के जरिए फिर से जीतेंगे।
इस गाने के बिना ‘बॉर्डर 2’ की कल्पना नहीं कर सकते
जावेद अख्तर द्वारा पुराने गानों को फिर से री-क्रिएट किए जाने को बौद्धिक और क्रिएटिव दिवालियापन बताने पर भी सोनू निगम ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हां, जावेद सर बिल्कुल सही कह रहे हैं कि पुराने गानों को वापस लाना अच्छा नहीं है। लेकिन अगर 'बॉर्डर' एक सैनिक है, तो 'संदेशे आते हैं' उसकी वर्दी है। हम इस गाने के बिना 'बॉर्डर' की कल्पना भी नहीं कर सकते। जावेद साहब को 'बॉर्डर 2' का नया गाना 'मिट्टे के बेटे' जरूर पसंद आएगा, जो सैनिकों और राष्ट्र को एक श्रद्धांजलि है।
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जावेद अख्तर ने इसलिए नहीं लिखे ‘बॉर्डर 2’ के गाने
जावेद अख्तर ने ‘बॉर्डर’ फिल्म के गाने लिखे थे। ओरिजिनल गीत ‘संदेसे आते हैं’ भी उन्होंने ही लिखा है। लेकिन ‘बॉर्डर 2’ में उन्होंने गीत लिखने से मना कर दिया। इसके पीछे उन्होंने वजह बताते हुए कहा था कि क्लासिक गानों के रीमेक बनाना बौद्धिक और रचनात्मक रूप से दिवालियापन की निशानी है। इसीलिए उन्होंने सीक्वल के लिए 'घर कब आओगे' के बोल लिखने से इनकार कर दिया था। बाद में सह-निर्माता भूषण कुमार ने इस फैसले पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि फिल्म की भावनात्मक पहचान के लिए गाने को बरकरार रखना बेहद जरूरी था।
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मनोज मुंतशिर ने लिखा है ‘घर कब आओगे’
संदेसे आते हैं का री-क्रिएटेड वर्जन ‘घर कब आओगे’ को मनोज मुंतशिर ने लिखा है। जबकि इस गाने में सोनू निगम के साथ अरिजीत सिंह, दिलजीत दोसांझ और विशाल मिश्रा ने अपनी आवाजें दी हैं। गाने को काफी पसंद किया गया है।