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Vikrant Massey: फिल्मों में आने से पहले परेशानी में रहे विक्रांत मैसी, बोले- मां के टिफिन सर्विस से चलता था घर
Tue, 12 Nov 2024 11:52 PM IST
तनु चतुर्वेदी
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: तनु चतुर्वेदी
Updated Tue, 12 Nov 2024 11:52 PM IST
सार
अभिनेता विक्रांत मैसी ने अपने बॉलीवुड करियर में आने से पहले बचपन की बातें साझा की हैं। उन्होंने बताया कि वे आर्थिक रूप से सक्षम नहीं थे, पिता ने जल्दी नौकरी छोड़ दी थी। उस समय मां टिफिन सर्विस चलाती थी, जिससे उनका घर चलता था।
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विक्रांत मैसी
- फोटो : इंस्टाग्राम
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विस्तार
अभिनेता विक्रांत मैसी का बॉलीवुड करियर काफी शानदार रहा है। उन्हें विधु विनोद चोपड़ा की फिल्म '12 फेल' में देखा गया। फिल्म में उनके अभिनय की सराहना उन्हें मिली है। अभिनेता के बहुत सारे प्रशंसक हैं। हालांकि, शुरुआत से ही विक्रांत को ये उपलब्धि और प्रसिद्धी हासिल नहीं हुई, इस बात को उन्होंने खुद कहा है।
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विक्रांत मैसी
- फोटो : इंस्टाग्राम @vikrantmassey
आर्थिक रूप से सक्षम होना बहुत जरूरी
पत्रकार फेय डिसूजा को दिए इंटरव्यू में विक्रांत मैसी ने बताया कि अगर आप आर्थिक रूप से सक्षम हैं। आप किसी भी परेशानी से आसानी से निकल सकते हैं, लेकिन इसका भावनात्मक प्रभाव आप पर हमेशा पड़ेगा। उनसे पूछा गया कि क्या वे अपने भूतकाल को भुलाकर आगे निकल पाए हैं, तो उन्होंने कहा कि ये एक कंडीशन है, है न। अगर आपके पास कोई परिस्थिति है, जो कई सालों से आपके साथ है तो आप उसको लेकर थोड़े असुरक्षित हो जाते हैं। उन्होंने जवाब दिया, मैं आर्थिक रूप से परेशान नहीं हूं, लेकिन कुछ भी हमेशा नहीं रहता है। मेरे माता पिता ने भी इस बात का अनुभव किया है।
पत्रकार फेय डिसूजा को दिए इंटरव्यू में विक्रांत मैसी ने बताया कि अगर आप आर्थिक रूप से सक्षम हैं। आप किसी भी परेशानी से आसानी से निकल सकते हैं, लेकिन इसका भावनात्मक प्रभाव आप पर हमेशा पड़ेगा। उनसे पूछा गया कि क्या वे अपने भूतकाल को भुलाकर आगे निकल पाए हैं, तो उन्होंने कहा कि ये एक कंडीशन है, है न। अगर आपके पास कोई परिस्थिति है, जो कई सालों से आपके साथ है तो आप उसको लेकर थोड़े असुरक्षित हो जाते हैं। उन्होंने जवाब दिया, मैं आर्थिक रूप से परेशान नहीं हूं, लेकिन कुछ भी हमेशा नहीं रहता है। मेरे माता पिता ने भी इस बात का अनुभव किया है।
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विक्रांत मैसी
- फोटो : इंस्टाग्राम
मुंबई में गोदाम में रहे थे माता पिता
विक्रांत ने बताया कि वे बचपन में जुहू में रहते थे। उनकी जिंदगी एक फिल्म की कहानी की तरह है। एक पारिवारिक झगड़े के कारण उन्हें घर से निकाल दिया गया। माता-पिता को एक साल तक गोदाम में रहना पड़ा। उन्होंने कहा, आज मैं विशेषाधिकार प्राप्त स्थिति में बैठा हूं और मुझे वैसा महसूस नहीं हो रहा है जैसा 20 साल पहले हुआ था, जब मैंने शुरुआत की थी। लेकिन क्या कल मेरे साथ ऐसा दोबारा नहीं हो सकता? बेशक हो सकता है!
विक्रांत ने बताया कि वे बचपन में जुहू में रहते थे। उनकी जिंदगी एक फिल्म की कहानी की तरह है। एक पारिवारिक झगड़े के कारण उन्हें घर से निकाल दिया गया। माता-पिता को एक साल तक गोदाम में रहना पड़ा। उन्होंने कहा, आज मैं विशेषाधिकार प्राप्त स्थिति में बैठा हूं और मुझे वैसा महसूस नहीं हो रहा है जैसा 20 साल पहले हुआ था, जब मैंने शुरुआत की थी। लेकिन क्या कल मेरे साथ ऐसा दोबारा नहीं हो सकता? बेशक हो सकता है!
विक्रांत मैसी
- फोटो : एक्स
मां टिफिन बनाकर चलाती थीं घर
विक्रांत मैसी ने बताया कि कैसे पिता के जल्दी नौकरी छोड़ने के बाद उनकी मां ने घर संभाला। उन्होंने बताया कि उनकी मां घर से ही टिफिन सर्विस चलाती थीं। डिब्बेवाला आकर डिब्बे ले जाता था। फिर मां बच्चों को स्कूल भेजती, नाश्ता करती और फिर बिस्तर पर जाकर सो जाती। दोपहर में फिर से उठती क्योंकि हम स्कूल से वापस आ जाते, शाम 4 से 7 बजे तक अपने बच्चों को पढ़ाती। वह खाना बनाती, उनकी देखभाल करती, उन्हें खाना खिलाती, साफ-सफाई करती और फिर रात 11 या 12 बजे तक काम खत्म कर लेती और फिर सुबह 3 बजे उठती थीं।
विक्रांत मैसी ने बताया कि कैसे पिता के जल्दी नौकरी छोड़ने के बाद उनकी मां ने घर संभाला। उन्होंने बताया कि उनकी मां घर से ही टिफिन सर्विस चलाती थीं। डिब्बेवाला आकर डिब्बे ले जाता था। फिर मां बच्चों को स्कूल भेजती, नाश्ता करती और फिर बिस्तर पर जाकर सो जाती। दोपहर में फिर से उठती क्योंकि हम स्कूल से वापस आ जाते, शाम 4 से 7 बजे तक अपने बच्चों को पढ़ाती। वह खाना बनाती, उनकी देखभाल करती, उन्हें खाना खिलाती, साफ-सफाई करती और फिर रात 11 या 12 बजे तक काम खत्म कर लेती और फिर सुबह 3 बजे उठती थीं।