'धुरंधर 2' के बड़े साहब से 'मिर्जापुर' के कालीन भैया तक; रंगमंच की दुनिया से फिल्मों में आए ये चर्चित सितारे
World Theatre Day 2026: हर साल 27 मार्च को विश्व रंगमंच दिवस मनाया जाता है। इंडस्ट्री में ऐसे कई सितारे हैं, जिन्होंने थिएटर करने के बाद फिल्मों का रुख किया। जानिए
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आज वर्ल्ड थिएटर दिवस मनाया जा रहा है। हिंदी में बोले तो विश्व रंगमंच दिवस। दुनियाभर के कलाकारों को समर्पित यह दिन बेहद खास होता है। रंगमंच मनोरंजन का पुराना और सटीक माध्यम है, क्योंकि यहां कलाकार की असल अभिनय प्रतिभा निखरकर सामने आती है। बॉलीवुड के ऐसे कई सितारे हैं, जो आज करोड़ों दिलों की धड़कन हैं और उन्होंने फिल्मों में करियर बनाने से पहले थिएटर में काम किया। उनके अभिनय की नींव रंगमंच से पड़ी। जानिए उन सितारों के बारे में, जिन्होंने फिल्मों में करियर बनाने से पहले थिएटर में पसीना बहाया।
पंकज त्रिपाठी
'मिर्जापुर' में कालीन भैया का रोल निभाकर पंकज त्रिपाठी ने दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। पकंज ने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पढ़ाई की है। एनएसडी में पढ़ाई के दौरान उन्होंने थिएटर और एक्टिंग को अच्छे से समझने के लिए कई बार स्टेज पर प्ले किया।
दानिश इकबाल
फिल्म 'धुरंधर 2' में बड़े साहब का किरदार अदा कर इन दिनों अभिनेता दानिश इकबाल खूब तारीफें बटोर रहे हैं। उन्होंने थिएटर से करियर शुरू किया था। हाल ही में अमर उजाला के साथ बातचीत में दानिश ने कहा, 'मैंने करीब 30 साल पहले थिएटर शुरू किया था। बहुत यंग एज में मैंने रंगमंच में काम शुरू कर दिया था। मैंने पहला नाटक साल 1994 में किया था। प्ले का नाम था 'गंगा'।
राजकुमार राव
अभिनेता राजकुमार राव को भी थिएटर का अनुभव है। बॉलीवुड में उन्होंने अच्छा मुकाम हासिल कर लिया है। मगर, इससे पहले उन्होंने श्री राम सेंटर में होने वाले ढेर सारे नाटकों में हिस्सा लेकर एक्टिंग के गुण सीखे।
हिमानी शिवपुरी
अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी भी इस लिस्ट में शामिल हैं। वह हर किरदार बखूबी अदा करती हैं। हिमानी अपने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के दिनों को प्यार से याद करती हैं जब उन्होंने प्रोडक्शन, लाइटिंग और एक्टिंग से सबकुछ सीखा और बी.वी. कारंत, एम. के. रैना, सुरेखा सीकरी और उत्तरा बाकर जैसे दिग्गजों के साथ काम किया।
रघुबीर यादव
वेब सीरीज 'पंचायत' के प्रधानजी यानी अभिनेता रघुबीर यादव ने राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय में एक एक्टर, संगीतकार और कॉस्ट्यूम डिजाइनर के रूप में 13 साल से अधिक समय बिताया। वह एक यात्रा पारसी थिएटर का हिस्सा थे, जिसमें वह 15 साल की उम्र में घर से भाग जाने के बाद शामिल हुए थे।
कंगना रनौत
अभिनय की दुनिया से राजनीति में सक्रिय हो चुकीं कंगना रनौत ने एक्टिंग की बारीकी थिएटर से सीखीं। 'गैंगस्टर' से अपने करियर की शुरुआत करने वाली कंगना रनौत भी थिएटर में काम कर चुकी हैं। कंगना ने अरविंद गौर के मार्गदर्शन में थिएटर किया। उन्होंने गिरीश कर्नाड द्वारा लिखित तलेदंडा सहित उनके कई नाटकों में अभिनय किया। इतना ही नहीं जब कंगना के नाटक से पुरुष सह-कलाकार लापता हो गया, तो उन्होंने खुद एक आदमी की भूमिका भी निभाई।
शाहरुख खान
बॉलीवुड के किंग शाहरुख ने भी रंगमंच से शुरुआत की। हंसराज कॉलेज के दौरान वे दिल्ली के थिएटर सर्किट में सक्रिय थे। अभिनय करियर की शुरुआत शाहरुख ने दिल्ली में थिएटर (रंगमंच) से की थी। उन्होंने मशहूर थिएटर निर्देशक बेरी जॉन के 'थिएटर एक्शन ग्रुप' (TAG) से अभिनय की बारीकियां सीखीं। इसके बाद उन्होंने टेलीविजन इंडस्ट्री में काम किया। फिर, फिल्म 'दीवाना' (1992) से फिल्मी सफर शुरू किया।
अनुपम खेर
दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर के नाम के बिना तो यह लिस्ट अधूरी है। साल 1978 में अनुपम खेर ने नई दिल्ली में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (एनएसडी) से ग्रेजुएशन की थी। रंगमंच आज भी उनके दिल के बेहद करीब है और वे इसकी ट्रेनिंग देते हैं। अपने फिल्मी करियर के साथ-साथ अनुपम खेर एक्टिंग स्कूल भी चलाते हैं।
राजपाल यादव
बीते दिनों चेक बाउंस से जुड़े एक मामले को लेकर राजपाल यादव खूब सुर्खियों में रहे। फिल्मों में अपनी कॉमेडी से राजपाल यादव चार चांद लगा देते हैं। उन्होंने फिल्मों से पहले थिएटर किया। राजपाल यादव ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत रंगमंच से की थी। उन्होंने लखनऊ की भारतेंदु नाट्य अकादमी (1992-1994) और दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से अभिनय का प्रशिक्षण लिया। इसके बाद उन्होंने मुंबई का रुख किया।
मनोज बाजपेयी
कई लोकप्रिय बॉलीवुड फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता मनोज बाजपेयी भी थिएटर में काम कर चुके हैं। अब वे फिल्मों से लेकर ओटीटी तक अपनी अभिनय प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। इसी तरह नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी थिएटर में काम कर चुके हैं।