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‘एक्टर्स और उनकी टीम की बढ़ती फीस चिंता की बात’, अनुभव सिन्हा बोले, 'यह मॉडल ज्यादा दिन नहीं चलेगा'
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सार
Anubhav Sinha Interview: निर्देशक अनुभव सिन्हा अपनी अपकमिंग फिल्म 'अस्सी' को लेकर सुर्खियों में हैं। वह इसके प्रमोशन में लगे हैं। ऐसे में उन्होंने अमर उजाला से खास बातचीत में अपनी फिल्मों और फिल्म पर आ रहे खर्चों के बारे में बात की है।
अनुभव सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अपनी फिल्मों में सामाजिक मुद्दों को उठाने वाले निर्देशक अनुभव सिन्हा इंडस्ट्री और सिनेमा दोनों पर खुलकर राय रखते हैं। यूनिट के बढ़ते आकार से लेकर बॉक्स ऑफिस की बहस, बढ़ते बजट और ‘रा.वन’ को लेकर बनी धारणा तक... अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने हर सवाल पर बेबाकी से बात की। बता दें, अनुभव की फिल्म 'अस्सी' जल्द ही बड़े परदे पर रिलीज होने वाली है।
‘कहानी से ज्यादा मैनेजमेंट चल रहा है’
इंडस्ट्री में इतने साल काम करने के बाद अनुभव सिन्हा बदलाव को साफ नजर से देखते हैं। उनके मुताबिक समय के साथ बहुत कुछ बदला है। ‘सबसे बड़ा बुरा बदलाव यह है कि यूनिट बहुत बड़ी हो गई है। पहले फिल्म बनाना शांत और निजी काम होता था। अब सेट पर बहुत लोग होते हैं, बहुत शोर होता है। कई बार लगता है कि कहानी से ज्यादा मैनेजमेंट चल रहा है।’
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‘कहानी से ज्यादा मैनेजमेंट चल रहा है’
इंडस्ट्री में इतने साल काम करने के बाद अनुभव सिन्हा बदलाव को साफ नजर से देखते हैं। उनके मुताबिक समय के साथ बहुत कुछ बदला है। ‘सबसे बड़ा बुरा बदलाव यह है कि यूनिट बहुत बड़ी हो गई है। पहले फिल्म बनाना शांत और निजी काम होता था। अब सेट पर बहुत लोग होते हैं, बहुत शोर होता है। कई बार लगता है कि कहानी से ज्यादा मैनेजमेंट चल रहा है।’
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अनुभव सिन्हा
- फोटो : सोशल मीडिया
‘दर्शक थिएटर नहीं जाते, मैं यह नहीं मानता’
वे यह भी मानते हैं कि बदलाव सिर्फ नकारात्मक नहीं हैं। ‘अब फिल्मों में पैसा आ रहा है। लोग कहते हैं कि दर्शक थिएटर नहीं जाते, लेकिन मैं ऐसा नहीं मानता। मैं हाल ही में कई शहरों में गया हूं। लोग फिल्में देख रहे हैं। कोविड के बाद भी कई फिल्में हजार करोड़ तक पहुंची हैं। इसका मतलब ऑडियंस हैं। रिटर्न बढ़े हैं, निवेश बढ़ा है। फाइनेंसिंग पहले से ज्यादा व्यवस्थित और साफ हुई है। इंडस्ट्री बेहतर हो रही है, लेकिन अभी हम पूरी तरह प्रोफेशनल नहीं बने हैं। हम अभी भी सीख रहे हैं।’
‘फिल्में महंगी होती जा रही हैं’
कलाकारों की बड़ी टीम और बढ़ते बजट पर वे साफ कहते हैं, ‘हां, फिल्में लगातार महंगी हो रही हैं। अब सिर्फ कलाकार नहीं आते, उनके साथ पूरी टीम आती है और खर्च बढ़ता है। इस पर दोबारा सोचने और बात करने की जरूरत है। यह मॉडल लंबे समय तक नहीं चल सकता। अगर खर्च ऐसे ही बढ़ता रहा, तो अच्छी फिल्म बनाना मुश्किल हो जाएगा।’
वे यह भी मानते हैं कि बदलाव सिर्फ नकारात्मक नहीं हैं। ‘अब फिल्मों में पैसा आ रहा है। लोग कहते हैं कि दर्शक थिएटर नहीं जाते, लेकिन मैं ऐसा नहीं मानता। मैं हाल ही में कई शहरों में गया हूं। लोग फिल्में देख रहे हैं। कोविड के बाद भी कई फिल्में हजार करोड़ तक पहुंची हैं। इसका मतलब ऑडियंस हैं। रिटर्न बढ़े हैं, निवेश बढ़ा है। फाइनेंसिंग पहले से ज्यादा व्यवस्थित और साफ हुई है। इंडस्ट्री बेहतर हो रही है, लेकिन अभी हम पूरी तरह प्रोफेशनल नहीं बने हैं। हम अभी भी सीख रहे हैं।’
‘फिल्में महंगी होती जा रही हैं’
कलाकारों की बड़ी टीम और बढ़ते बजट पर वे साफ कहते हैं, ‘हां, फिल्में लगातार महंगी हो रही हैं। अब सिर्फ कलाकार नहीं आते, उनके साथ पूरी टीम आती है और खर्च बढ़ता है। इस पर दोबारा सोचने और बात करने की जरूरत है। यह मॉडल लंबे समय तक नहीं चल सकता। अगर खर्च ऐसे ही बढ़ता रहा, तो अच्छी फिल्म बनाना मुश्किल हो जाएगा।’
अनुभव सिन्हा
- फोटो : सोशल मीडिया
‘अब एक प्रॉपर म्यूजिकल बनाना चाहता हूं’
संगीत को लेकर उनका उत्साह आज भी बरकरार है। उन्होंने बताया ‘मुझे सही मायने में एक म्यूजिकल फिल्म बनानी है। काफी समय हो गया है वैसा सुपरहिट म्यूजिक किए हुए, जो रिलीज होते ही लोगों की जुबान पर चढ़ जाए। ‘रा.वन’ के बाद मैंने उस तरह का म्यूजिक नहीं किया। ‘तुम बिन’, ‘दस बहाने’ और ‘कैश’ के गाने आज भी बजते हैं। कई लोगों को यह भी नहीं पता कि वह म्यूजिक मैंने बनाया था। अब मन है कि ऐसी फिल्म बनाऊं, जिसमें कहानी संगीत के साथ आगे बढ़े। गाने सिर्फ गाने न हों, कहानी का हिस्सा हों। मुझे लगता है म्यूजिक की ताकत बहुत बड़ी होती है।’
‘रा.वन फ्लॉप नहीं थी’
‘सबसे पहले यह साफ कर दूं कि ‘रा.वन’ फ्लॉप नहीं थी। 2011 में 130 करोड़ का बिजनेस छोटा आंकड़ा नहीं था। हां, हमारी उम्मीदें ज्यादा थीं। हम 300 करोड़ की सोच रहे थे। जब वह नहीं हुआ, तो निराशा हुई। लेकिन निराशा का मतलब असफलता नहीं होता। ‘नहीं चली’ की बात इतनी दोहराई गई कि वही सच मान ली गई। जहां तक री-रिलीज की बात है, यह कहना आसान है कि आज आती तो आग लगा देती। लेकिन फिल्म को अपने समय में ही जीना पड़ता है।’
संगीत को लेकर उनका उत्साह आज भी बरकरार है। उन्होंने बताया ‘मुझे सही मायने में एक म्यूजिकल फिल्म बनानी है। काफी समय हो गया है वैसा सुपरहिट म्यूजिक किए हुए, जो रिलीज होते ही लोगों की जुबान पर चढ़ जाए। ‘रा.वन’ के बाद मैंने उस तरह का म्यूजिक नहीं किया। ‘तुम बिन’, ‘दस बहाने’ और ‘कैश’ के गाने आज भी बजते हैं। कई लोगों को यह भी नहीं पता कि वह म्यूजिक मैंने बनाया था। अब मन है कि ऐसी फिल्म बनाऊं, जिसमें कहानी संगीत के साथ आगे बढ़े। गाने सिर्फ गाने न हों, कहानी का हिस्सा हों। मुझे लगता है म्यूजिक की ताकत बहुत बड़ी होती है।’
‘रा.वन फ्लॉप नहीं थी’
‘सबसे पहले यह साफ कर दूं कि ‘रा.वन’ फ्लॉप नहीं थी। 2011 में 130 करोड़ का बिजनेस छोटा आंकड़ा नहीं था। हां, हमारी उम्मीदें ज्यादा थीं। हम 300 करोड़ की सोच रहे थे। जब वह नहीं हुआ, तो निराशा हुई। लेकिन निराशा का मतलब असफलता नहीं होता। ‘नहीं चली’ की बात इतनी दोहराई गई कि वही सच मान ली गई। जहां तक री-रिलीज की बात है, यह कहना आसान है कि आज आती तो आग लगा देती। लेकिन फिल्म को अपने समय में ही जीना पड़ता है।’