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पलाश मुछाल विवाद में नया ट्विस्ट, विज्ञान माने बोले– 'HC से नहीं आया कोई आदेश, नोटिस पर भी नहीं दे रहे जवाब'

Kiran Jain किरण जैन
Updated Fri, 13 Feb 2026 04:57 PM IST
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सार

Palash Muchhal Case: खबर है कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने स्मृति मंधाना के दोस्त विज्ञान माने को निर्देश दिया है कि वह पलाश मुछाल के बारे में कोई भी गलत जानकारी न फैलाएं। अमर उजाला से खास बातचीत में विज्ञान माने ने ऐसी खबरों पर सफाई दी है।

Vidnyan Mane on Bombay High Court verdict says Palaash Muchhal not responding on notice
विज्ञान माने, स्मृति मंधाना, पलाश मुछाल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया कि बॉम्बे हाई कोर्ट ने पलाश मुछाल से जुड़े बयानों के मामले में विज्ञान माने के खिलाफ आदेश दिया है। खबरों के मुताबिक, अदालत ने कहा है कि विज्ञान माने आगे इस तरह की कोई भी टिप्पणी या बयान न दें। यह भी कहा गया कि यह फैसला पलाश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली बातों को रोकने के लिए लिया गया है।
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हालांकि, अमर उजाला से बात करते हुए विज्ञान माने ने ऐसी खबरों को गलत बताया है। उनका कहना है कि उन्हें इस बारे में न तो कोर्ट से और न ही किसी अन्य सरकारी विभाग से कोई आधिकारिक नोटिस या आदेश मिला है।
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मुझे कोई आधिकारिक आदेश नहीं मिला- विज्ञान माने
अमर उजाला से बात करते हुए विज्ञान माने ने कहा, 'मुझे समझ नहीं आ रहा कि वह ऐसा क्यों कर रहा है। मुझे उसकी तरफ से कोई भी आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है। अभी पुलिस जांच चल रही है। पुलिस स्टेशन की ओर से उसे दो बार नोटिस भेजा गया है कि सांगली में जो मामला हुआ है, उसके बारे में आकर जवाब दें।

लेकिन वह सहयोग नहीं कर रहा है और बार-बार समय मांग रहा है। कई बार बुलाने के बावजूद वह जांच में शामिल नहीं हुआ है। आगे की कानूनी प्रक्रिया भी इसी आधार पर चल रही है। मेरा मकसद सिर्फ इतना है कि कानूनी प्रक्रिया सही तरीके से पूरी हो और मुझे मेरा बकाया पैसा मिले।'

Vidnyan Mane on Bombay High Court verdict says Palaash Muchhal not responding on notice
पलाश मुछाल, विज्ञान माने - फोटो : एक्स (ट्विटर)
नोटिस का जवाब दिया गया है
उन्होंने आगे कहा, 'उसकी तरफ से 10 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस भेजा गया है, लेकिन वह किसी कोर्ट या पुलिस स्टेशन की ओर से नहीं, बल्कि उसके निजी वकील की तरफ से है। मेरे वकील ने उसका सही तरीके से जवाब दे दिया है और उसकी कॉपी भी साझा की है।
इसलिए उस नोटिस को लेकर कोई कानूनी दबाव नहीं है। सच यह है कि वह पुलिस जांच से बच रहा है। उसे दो बार नोटिस भेजा गया, कई बार बुलाया गया, लेकिन वह आया नहीं। इससे साफ है कि वह जांच में सहयोग नहीं करना चाहता। इसके बावजूद मैंने कभी इस मामले को प्रचार का विषय नहीं बनाया।'

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गलत है बॉम्बे हाई कोर्ट वाली खबर
बॉम्बे हाई कोर्ट से जुड़ी खबरों पर उन्होंने कहा, 'जो खबर बॉम्बे हाई कोर्ट के नाम से फैलाई जा रही है, वह पूरी तरह गलत है। मुझे अभी तक किसी भी अदालत या पुलिस विभाग से ऐसा कोई आधिकारिक पत्र नहीं मिला है।'

‘मैं सिर्फ कानूनी रास्ते से आगे बढ़ूंगा’
आखिर में विज्ञान माने ने कहा, 'मुझे लगता है कि यह सब अपनी छवि सुधारने और चर्चा में बने रहने की कोशिश है। जब किसी की छवि पर असर पड़ता है, तो कुछ लोग ध्यान खींचने के लिए तरह-तरह की बातें फैलाते हैं। पब्लिसिटी स्टंट करते हैं।
लेकिन मैं इन सब में नहीं पड़ना चाहता। मैं सिर्फ कानूनी प्रक्रिया के जरिए ही आगे बढ़ूंगा और किसी तरह के समझौते या दबाव में नहीं आऊंगा।'

पलाश मुछाल से नहीं हो सका संपर्क
इस मामले में हमने पलाश मुछाल से भी संपर्क करने की कोशिश की। हालांकि खबर लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

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