‘बॉक्स ऑफिस नंबर याद नहीं रहते’, तृप्ति डिमरी ने बताया शाहिद के साथ काम करने का अनुभव; ट्रोलिंग पर कही ये बात
Tripti Dimri Exclusive Interview: ‘ओ रोमियो’ को लेकर सुर्खियों में बनीं तृप्ति डिमरी ने फिल्म से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। जानिए शाहिद कपूर को लेकर क्या बोलीं अभिनेत्री…
विस्तार
नेशनल क्रश का तमगा पा चुकीं अभिनेत्री तृप्ति डिमरी इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘ओ रोमियो’ को लेकर चर्चाओं में हैं। फिल्म में तृप्ति शाहिद कपूर के साथ प्रमुख भूमिका में नजर आएंगी। इस मल्टीस्टारर फिल्म में वह अफशा का किरदार निभा रही हैं। हाल ही में तृप्ति ने अमर उजाला से खास बात की। इस दौरान उन्होंने इस फिल्म और शाहिद कपूर के साथ काम करने के अनुभव समेत कई मामलों पर खुलकर बात की।
हर मुश्किल किरदार आगे बढ़ाता है
‘ओ रोमियो’ में अपने किरदार को लेकर तृप्ति ने कहा, ‘जब यह फिल्म मुझे ऑफर हुई तो मैं बहुत खुश थी। यह एक चुनौतीपूर्ण किरदार था। ऐसे किरदार मुझे आकर्षित करते हैं। मुझे लगता है कि जो भूमिकाएं होती हैं वो ही एक अभिनेता को आगे बढ़ने का मौका देती हैं। फिर यह फिल्म भी विशाल भारद्वाज की थी, इसलिए मना करने का तो सवाल ही नहीं उठता था। जीवन में कभी सोचा नहीं था कि नाना पाटेकर और फरीदा जलाल जैसे कलाकारों के साथ स्क्रीन साझा करने का मौका मिलेगा। कुल मिलाकर इस फिल्म ने अभिनेता के रूप में मुझे और भी मजबूत बना दिया।’
किरदार के लिए किए वर्कशॉप
फिल्म से जुड़े अपने अनुभव और किरदार के लिए मेहनत के बारे में बात करते हुए एक्ट्रेस ने कहा कि फिल्म के लिए मैंने काफी वर्कशॉप की थीं। हमने अफशा के किरदार को अच्छे से समझने की कोशिश की। विशाल सर भी हमारी वर्कशॉप में शामिल होते थे। खासकर इस लड़की के मन को समझने पर सबसे ज्यादा चर्चा होती थी। मुझे लगता है कि यह सारी बातचीत और तैयारी मेरे लिए बहुत उपयोगी साबित हुई। जब आपके पास अपने किरदार की पूरी बैकग्राउंड और उसकी आंतरिक दुनिया साफ होती है, तो उसे कैमरे पर निभाना बहुत स्वाभाविक लगता है।
शाहिद जैसे को-स्टार हर सीन आसान बना देते हैं
शाहिद कपूर को लेकर तृप्ति का कहना है कि उनके साथ काम करना काफी शानदार रहा। वह बहुत ही मददगार हैं। शुरुआत में मैं थोड़ा शांत रहती थी। किरदार की भी यही जरूरत थी और मैं हूं भी थोड़े शांत स्वभाव की। सेट पर पहला दिन ही मेरे लिए काफी मुश्किल था। हमें एक इमोशनल सीन करना था। मैं अपने जोन में थी और उनसे एक बार भी बात तक नहीं की थी। हालांकि, मन ही मन मुझे लग रहा था कि पता नहीं वो मेरे बारे में क्या सोच रहे होंगे? लेकिन शाहिद ने यह बात तुरंत समझ ली। उन्हें महसूस हो गया कि मैं बस सीन पर फोकस कर रही हूं। यह उनकी बहुत खूबसूरत बात है।
सेट पर शाहिद पहले दिन से ही बहुत मददगार रहे। कई बार सीन करते समय बहुत घबराहट होती थी। प्रेशर लगता था पर वो बिना कुछ कहे समझ जाते थे और माहौल हल्का कर देते थे। मैंने शाहिद की लगभग सारी फिल्में देखी हैं। मैं हमेशा से उनके साथ काम करना चाहती थी। जब मुझे यह मौका मिला, तो मैं सच में बहुत खुश थी। ऐसा लगा जैसे मेरी एक पुरानी इच्छा पूरी हो गई हो। यह मेरे लिए एक तरह का फैन मोमेंट था।
रिलीज वाले दिन दिमाग में बहुत कुछ चलता है
फिल्म की रिलीज वाले दिन होने वाली घबराहट को लेकर अभिनेत्री का मानना है कि जिस दिन मेरी कोई फिल्म या प्रोजेक्ट रिलीज होता है, उस दिन दिमाग में बहुत कुछ चल रहा होता है। मैं यह नहीं कहूंगी कि मुझे फर्क नहीं पड़ता। मुझे बहुत फर्क पड़ता है। आप चाहे जितनी कोशिश कर लो कि टेंशन न लो, लेकिन टेंशन आ ही जाती है। ऐसे वक्त में मैं अपने दोस्तों के साथ रहना ज्यादा पसंद करती हूं। वे बहुत ईमानदार हैं। अगर मैं कुछ गलत कर दूं, तो सीधे बोल देते हैं। और अगर कुछ अच्छा कर दूं, तो ज्यादा तारीफ भी नहीं करते।
अंत में याद रहता है अनुभव, न कि बॉक्स ऑफिस के नंबर’
बॉक्स ऑफिस पर नंबर्स पर तृप्ति ने कहा कि मेरे लिए हर फिल्म की अपनी किस्मत होती है और अपनी एक यात्रा। अगर कोई फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा नहीं करती, तो इसका मतलब यह नहीं होता कि फिल्म अच्छी नहीं थी। अब तक मैंने जितनी भी फिल्में की हैं, हर फिल्म के साथ मेरा अनुभव अच्छा रहा है। दस साल बाद जब पीछे मुड़कर देखते हैं, तो बॉक्स ऑफिस के नंबर याद नहीं रहते। सेट पर क्या हुआ था, किससे क्या बात हुई थी और क्या सीखा, यही याद रह जाता है। इसलिए मुझे लगता है कि हर फिल्म मेरे लिए खूबसूरत रही है। चाहे उसका परिणाम कुछ भी क्यों न हो।
ऑनलाइन ट्रोलिंग पर एक्ट्रेस ने कहा कि वैसे तो मैं कई चीजें इग्नोर करती हूं पर आखिरकार मैं भी इंसान ही हूं। मुझे भी बुरा लगता है। कभी-कभी बहुत रोती भी हूं। हालांकि, कोई मेरी फिल्म या मेरे काम की आलोचना करे तो तकलीफ नहीं होती। लेकिन अगर कोई पर्सनल कमेंट कर दे तो वह बात मुझे बहुत बुरा लगता है। बिलकुल अच्छा नहीं लगता। लेकिन फिर भी मुझे कोई इतनी आसानी से रुला नहीं सकता।