Deepika Padukone: फिल्म 'स्पिरिट' से बाहर होने के बाद दीपिका ने उठाया बड़ा कदम, पिता के जन्मदिन पर दी जानकारी
Deepika Padukone On Father's Birthday: फिल्म 'स्पिरिट' से बाहर होने के बाद दीपिका पादुकोण ने पिता के जन्मदिन पर बड़ा एलान किया है। उनके पिता बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। ऐसे में उन्होंने अपने पिता को इससे जुड़ा तोहफा दिया है।
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फिल्म 'स्पिरिट' से बाहर होने के बाद से दीपिका पादुकोण चर्चा में हैं। ऐसे में दीपिका पादुकोण ने अपने पिता का जन्मदिन बहुत खास तरह से मनाया है। दीपिका पादुकोण ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की है। इसमें उन्होंने बताया है कि वह पूरे देश में लोगों के लिए हर साल 75 बैडमिंटन स्कूल खोलेंगी।
इन जगहों पर खोले जाएंगे सेंटर
दीपिका पादुकोण ने पोस्ट में एक प्रेस रिलीज जारी की है। इसके मुताबिक वह अपने पिता के 70वें जन्मदिन पर पूरे देश में 'पादुकोण स्कूल ऑफ बैडमिंटन' खोलेंगी। ये सेंटर बंगलूरू, दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, जयपुर, पुणे, नासिक, मैसूर, पानीपत, देहरादून, उदयपुर, कोयम्बटूर और सूरत में खोले जाएंगे।
दीपिका ने पिता के साथ साझा की तस्वीर
दीपिका ने सोशल मीडिया पर अपने पिता प्रकाश पादुकोण के साथ एक तस्वीर साझा की है। पोस्ट के कैप्शन में दीपिका ने लिखा है 'बैडमिंटन खेलते हुए बड़े होने के नाते, मैंने खुद अनुभव किया है कि यह खेल किसी की जिंदगी को किस तरह बदलता है। यह लोगों को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से बदलता है। पादुकोण स्कूल ऑफ बैडमिंटन के जरिए हम सभी क्षेत्रों के लोगों तक बैडमिंटन का आनंद और अनुशासन पहुंचाने की उम्मीद करते हैं। हम एक ऐसी पीढ़ी का निर्माण करना चाहते हैं जो स्वस्थ और खेल से प्रेरित हो।'
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2027 तक 250 होगी सेंटर की तादाद
दीपिका पादुकोण ने पोस्ट के साथ जो प्रेस रिलीज शेयर की है उसके मुताबिक पादुकोण स्कूल ऑफ बैडमिंटन हर साल 75 बैडमिंटन सेंटर खोलेगा। 2027 तक इनकी तादाद 250 तक होगी। इससे बैडमिंटन सभी के लिए आसान बन सकेगा। सेंटर ने पहले साल में ही 18 शहरों में 75 से ज्यादा कोचिंग सेंटर स्थापित किए हैं।
दीपिका के पिता भी देंगे साथ
आपको बता दें दीपिका पादुकोण के पिता बेहतरीन बैडमिंटन खिलाड़ी रहे हैं। वह पादुकोण स्कूल ऑफ बैडमिंटन में एक सलाहकार के तौर पर शामिल हुए हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा 'खेल बड़े होने का एक अभिन्न हिस्सा है। यह अनुशासन और जीतने की मानसिकता पैदा करता है। पादुकोण स्कूल ऑफ बैडमिंटन के साथ, हमारा लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण कोचिंग को आसान और किफायती बनाना है। जमीनी स्तर से टैलेंट को उठाना और भारतीय बैडमिंटन के भविष्य के लिए एक मजबूत नींव रखना है।'