धुरंधर: रणवीर सिंह की फिल्म पर तिग्मांशु धूलिया ने साधा निशाना; कहानी पर सवाल उठाते हुए जानिए क्या बोले?
Tigmanshu Dhulia On Dhurandhar: रणवीर सिंह की 'धुरंधर' फ्रैंचाइजी ने बॉक्स ऑफिस पर खूब जमकर कमाई की। इस ब्लॉकबस्टर फिल्म की कहानी पर तिग्मांशु धूलिया ने तंज कसा है।
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फिल्म 'धुरंधर' ने दर्शकों का खूब दिल जीता। आदित्य धर निर्देशित रणवीर सिंह की मुख्य भूमिका वाली फिल्म ने कमाई के मामले में भी खूब नोट छापे। दूसरा पार्ट पहले से भी बीस साबित हुआ। मगर, इस फिल्म पर हाल ही में फिल्म निर्माता-निर्देशक तिग्मांशु धूलिया ने निशाना साधा है।
तिग्मांशु धूलिया ने 'धुरंधर' पर क्या कहा?
तिग्मांशु धूलिया को फिल्म 'धुरंधर' की कहानी पसंद नहीं आई। दरअसल, तिग्मांशु हाल ही में हिंदी सिनेमा में कहानी कहने के तरीके पर बात करते दिखे और इसे लेकर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, कॉरपोरेट कल्चर और एक जैसे फिल्मी टेम्पलेट के चलते अब फिल्मों में मौलिक कहानियां कम होती जा रही हैं। निर्देशक ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान यह टिप्पणी की।
तिग्मांशु धूलिया ने मेनस्ट्रीम हिंदी सिनेमा में कहानी कहने के तरीके में बदलते नजरिए के उदाहरण के तौर पर रणवीर सिंह की 'धुरंधर' का जिक्र किया। आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी इस फ्रैंचाइजी की पहली फिल्म को लेकर तिग्मांशु ने तारीफ की। मगर, इसकी कहानी पर सवाल उठा दिए। उन्होंने कहा, 'ये कोई कहानी हुई'?
'फिल्म पसंद आई, लेकिन कहानी नहीं'
कार्यक्रम में बोलते हुए तिग्मांशु ने कहा, 'कॉरपोरेट कल्चर की वजह से आज सिर्फ एक ही तरह की फिल्में बन रही हैं। हर फिल्म एक फिक्शनल बायोपिक होती है। जब मैं कमर्शियल मेनस्ट्रीम सिनेमा की बात करता हूं, तो 'पुष्पा', 'केजीएफ' और धुरंधर जैसी फिल्में इसके उदाहरण हैं'।
उन्होंने आगे कहा, 'वैसे, मुझे 'धुरंधर' का पहला पार्ट बहुत पसंद आया। इसे बहुत अच्छे से पेश किया गया था। इसका म्यूजिक भी अच्छा था। लेकिन अगर आप किसी से 'धुरंधर' की कहानी बताने को कहें, तो कोई भी आपको कहानी नहीं बता पाएगा। एक आदमी अंडरकवर बनकर पाकिस्तान जाता है और वहां तबाही मचाता है। क्या यह भी कोई कहानी है'?
बोले- 'कहांनियां सुनाने वाले नहीं रहे'
तिग्मांशु धूलिया का मानना है कि हिंदी सिनेमा में ओरिजिनल कहानियां कम होती जा रही हैं। फिल्ममेकर के मुताबिक, 'आजकल की फिल्मों में कहानियां नहीं होतीं। जो लोग कहानियां सुनाते थे, वे अब नहीं रहे और जो अपनी कहानियां सुनाना चाहते हैं, उन्हें मौका नहीं मिलता। लोगों को लगता है कि ऐसी फिल्में नहीं चलेंगी। सब एक ही तरह का फॉर्मूला होता है... लोग भी एक जैसे दिखने लगते हैं'।
कब आएगी तिग्मांशु की फिल्म 'घमासान'?
तिग्मांशु का कहना है कि इसका असर सिर्फ फिल्मों तक ही सीमित नहीं है। ऐसा बहुत ज्यादा कैपिटलिज्म (पूंजीवाद) के दौर में होता है, जब लोग एक-दूसरे जैसे दिखने लगते हैं। आजकल का फैशन देखिए। हर कोई एक जैसा दिखता है। सबके बाल कटवाने का स्टाइल एक जैसा होता है। यहां तक कि शहर भी एक-जैसे दिखने लगे हैं। हर शहर की अपनी अलग पहचान खत्म हो गई है। इस तरह का सिस्टम आपकी अलग पहचान को खत्म कर देता है'।
तिग्मांशु धूलिया के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनकी आगामी फिल्म 'घमासान' 11 सितंबर 2026 को जी5 पर रिलीज होने वाली है।