लता मंगेशकर और आशा भोसले की याद में बनेगा एशिया का सबसे बड़ा हॉस्पिटल, भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने किया एलान
Asha Bhosle Death: दिग्गज गायिका आशा भोसले का 12 अप्रैल को निधन हो गया। कल सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन के बाद भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने एक एलान किया है कि उनकी दोनों बहनों-लता मंगेशकर और आशा भोसले की याद में वे हॉस्पिटल बनाएंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिग्गज गायिका आशा भोसले ने 92 वर्ष की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। चार साल पहले आशा भोसले की बड़ी बहन और प्रख्यात गायिका लता मंगेशकर इस दुनिया से चली गईं। दोनों का संगीत जगत में व्यापक योगदान रहा है। दोनों बहनों के निधन के बाद इनके भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने अपनी बहनों की याद में हॉस्पिटल का एलान किया है। दिग्गज गायिका बहनों की याद में यह हॉस्पिटल पुणे में बनेगा और एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल होगा।
'मां और बड़ी बहन लता मंगेशकर ने देखा था सपना'
हृदयनाथ मंगेशकर के मुताबिक, उनकी मां एवं बड़ी बहन लता मंगेशकर ने गरीबों की सेवा के लिए अस्पताल बनाने का सपना देखा था। उन्होंने बताया कि करीब 25 साल पहले परिवार और डॉक्टरों ने इस अस्पताल को बनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उस समय यह पूरा नहीं हो सका। हृदयनाथ ने कहा कि बाद में परिवार ने फैसला लिया था कि लता मंगेशकर के नाम पर इस हॉस्पिटल को बनाया जाएगा और इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं।
16 अप्रैल को है हॉस्पिटल का उद्घाटन
लता मंगेशकर और आशा भोसले के भाई पंडित हृदयनाथ मंगेशकर ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि उनकी कोशिश है कि यह अस्पताल एशिया का सबसे बड़ा हो। हृदयनाथ मंगेशकर ने कहा, 'करीब 25 साल पहले यह फैसला लिया गया था। दीदी (लता मंगेशकर) के गुजरने के बाद हमें लगा कि उनकी सोच से प्रेरित होकर, यह अस्पताल बनाया जाना चाहिए। यह तय हुआ था कि इसका नाम उन्हीं के नाम पर रखा जाएगा और हम उसी के हिसाब से आगे बढ़ने की योजना बना रहे थे। इसका उद्घाटन (मुहूर्त) 16 तारीख को तय था। लेकिन, अचानक, इसी बीच आशा दीदी भी गुजर गईं। इसलिए अब हमने फैसला किया है कि इस अस्पताल का नाम लता मंगेशकर और आशा मंगेशकर दोनों के नाम पर रखा जाएगा'।