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Adarsh Baal Vidyalaya Review: शिक्षा विभाग के असल मुद्दों की पोल खोलती है वेब सीरीज; टेस्ट में पास हुई या फेल?
सार
Adarsh Baal Vidyalaya Review In Hindi: वेब सीरीज ‘आदर्श बाल विद्यालय’ ओटीटी पर रिलीज हो चुकी है। इस सीरीज में शिक्षा विभाग की कमियां और स्कूल व परिवारिक माहौल से बच्चों पर पड़ने वाले असर को दिखाया गया है। जानिए कैसी है यह वेब सीरीज...
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आदर्श बाल विद्यालय रिव्यू
- फोटो : अमर उजाला
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Movie Review
‘आदर्श बाल विद्यालय’
कलाकार
केके मेनन
,
अर्चना पूरन सिंह
,
देवेन भोजानी
,
नवीन कस्तूरिया
,
प्रसन्ना बिष्ट
और
अभिमन्यु सिंह
लेखक
बिस्वपति सरकार
,
अक्षय अस्थाना
,
नूपुर पाई
,
तत्सत पांडे
और
मेघना श्रीवास्तव
निर्देशक
हिमांक गौर
निर्माता
समीर सक्सेना
और
बिस्वपति सरकार
रिलीज डेट
24 जुलाई 2026
रेटिंग
3.5/5
विस्तार
वेब सीरीज ‘आदर्श बाल विद्यालय’ में सरकारी स्कूल की समस्याओं के साथ बच्चों पर पड़ने वाले इसके असर को बेहद अच्छी तरह दिखाया गया है। कमाल के अभिनय और कॉमेडी में लिपटी एक छोटे से स्कूल की यह कहानी आपको देसी अंदाज में खूब हंसाएगी।
सीरीज में सभी मंझे हुए कलाकार भरे हुए हैं। अपने-अपने किरदारों के जरिए वो शिक्षा विभाग की कमियां उजागर करेंगे। कहानी आपको हंसाएगी भी, भावुक भी करेगी और कहीं ना कहीं एक पैरेंट के तौर पर आपसे सवाल भी करेगी।
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सीरीज में सभी मंझे हुए कलाकार भरे हुए हैं। अपने-अपने किरदारों के जरिए वो शिक्षा विभाग की कमियां उजागर करेंगे। कहानी आपको हंसाएगी भी, भावुक भी करेगी और कहीं ना कहीं एक पैरेंट के तौर पर आपसे सवाल भी करेगी।
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वेबसीरीज 'आदर्श बाल विद्यालय'
- फोटो : सोशल मीडिया
कहानी
दिल्ली में स्थित एक सरकारी स्कूल के इर्द-गिर्द इसकी कहानी रची गई है। एक योजना के अनुसार जिस स्कूल का बोर्ड का रिजल्ट सबसे अच्छा आएगा। उस स्कूल के प्रिंसिपल को कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी जाने का मौका मिलेग।
यह योजना सुनने के बाद आदर्श बाल विद्यालय के हैडमास्टर ज्ञानेश्वर त्रिपाठी (केके मेनन) भी विदेश जाने का सपना देखते हैं। इसके लिए वह स्कूल के टीचर्स समेत बच्चों तो पढ़ाने में लग जाते हैं। मगर इस दौरान कई मुश्किलें भी आती हैं। अब वो मुश्किलें कौन सी हैं। क्या हैडमास्टर इंग्लैंड जा पाएगें? इसके लिए आपको सीरीज देखनी पड़ेगी।
दिल्ली में स्थित एक सरकारी स्कूल के इर्द-गिर्द इसकी कहानी रची गई है। एक योजना के अनुसार जिस स्कूल का बोर्ड का रिजल्ट सबसे अच्छा आएगा। उस स्कूल के प्रिंसिपल को कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी जाने का मौका मिलेग।
यह योजना सुनने के बाद आदर्श बाल विद्यालय के हैडमास्टर ज्ञानेश्वर त्रिपाठी (केके मेनन) भी विदेश जाने का सपना देखते हैं। इसके लिए वह स्कूल के टीचर्स समेत बच्चों तो पढ़ाने में लग जाते हैं। मगर इस दौरान कई मुश्किलें भी आती हैं। अब वो मुश्किलें कौन सी हैं। क्या हैडमास्टर इंग्लैंड जा पाएगें? इसके लिए आपको सीरीज देखनी पड़ेगी।
वेबसीरीज 'आदर्श बाल विद्यालय'
- फोटो : सोशल मीडिया
अभिनय
वेब सीरीज में कई मंझे हुए स्टार्स हैं। केके मेनन, अर्चना पूरन सिंह, नवीन कस्तूरिया, प्रसन्ना बिष्ट, देवेन भोजानी, अभिमन्यु सिंह और ये लिस्ट बड़ी लंबी है। केके अपने हेड मास्टर के किरदार में काफी फिट बैठे हैं।
वहीं एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में अर्चना पूरन सिंह का अभिनय भी कमाल का रहा। सीरीज में 'गोल्डी' के किरदार में देवेन भोजानी अपने रोल के साथ इंसाफ करते नजर आए। इसके अलावा अभिमन्यु सिंह कड़क मिजाज शिक्षक के रुप में आपको स्कूल के दिनों की याद दिलाते हैं।
सभी कलाकारों ने अपने रोल काफी अच्छी तरह निभाए हैं। मगर जितना दम इन बड़े कलाकारों में था, उतना ही बच्चों ने भी था। हर सीन में बच्चे काफी अच्छे लगे। इन बाल कलाकारों के देखकर कहीं से नहीं लगता कि यह अभिनय कर रहे हैं।
वेब सीरीज में कई मंझे हुए स्टार्स हैं। केके मेनन, अर्चना पूरन सिंह, नवीन कस्तूरिया, प्रसन्ना बिष्ट, देवेन भोजानी, अभिमन्यु सिंह और ये लिस्ट बड़ी लंबी है। केके अपने हेड मास्टर के किरदार में काफी फिट बैठे हैं।
वहीं एक पार्टी कार्यकर्ता के रूप में अर्चना पूरन सिंह का अभिनय भी कमाल का रहा। सीरीज में 'गोल्डी' के किरदार में देवेन भोजानी अपने रोल के साथ इंसाफ करते नजर आए। इसके अलावा अभिमन्यु सिंह कड़क मिजाज शिक्षक के रुप में आपको स्कूल के दिनों की याद दिलाते हैं।
सभी कलाकारों ने अपने रोल काफी अच्छी तरह निभाए हैं। मगर जितना दम इन बड़े कलाकारों में था, उतना ही बच्चों ने भी था। हर सीन में बच्चे काफी अच्छे लगे। इन बाल कलाकारों के देखकर कहीं से नहीं लगता कि यह अभिनय कर रहे हैं।
वेबसीरीज 'आदर्श बाल विद्यालय'
- फोटो : सोशल मीडिया
निर्देशन
इस वेब सीरीज का निर्देशन हिमांक गौर ने किया है। यह सीरीज कुल सात एपिसोड की है। सीरीज के पहले एपिसोड से लगता है कि काफी मजा आने वाला है। कहानी से लेकर किरदार सबकुछ अच्छा है। शुरुआती 3 एपिसोड में आप खूब हंसते हैं।
हालांकि, इसके बाद कहीं कहीं ऐसा लगता है मानो इसे सिर्फ खींचा जा रहा है। बीच में दिखाई गई कुछ कहानियों की जरूरत नहीं थी। कुछ जगह पर यह ओवर ड्रामेटिक भी हाे जाती है। क्लाइमैक्स में जो आपने सोचा होता है वह नहीं मिलता तो थोड़ी निराशा होती है। मगर फिर भी सीरीज शानदार है।
इस वेब सीरीज का निर्देशन हिमांक गौर ने किया है। यह सीरीज कुल सात एपिसोड की है। सीरीज के पहले एपिसोड से लगता है कि काफी मजा आने वाला है। कहानी से लेकर किरदार सबकुछ अच्छा है। शुरुआती 3 एपिसोड में आप खूब हंसते हैं।
हालांकि, इसके बाद कहीं कहीं ऐसा लगता है मानो इसे सिर्फ खींचा जा रहा है। बीच में दिखाई गई कुछ कहानियों की जरूरत नहीं थी। कुछ जगह पर यह ओवर ड्रामेटिक भी हाे जाती है। क्लाइमैक्स में जो आपने सोचा होता है वह नहीं मिलता तो थोड़ी निराशा होती है। मगर फिर भी सीरीज शानदार है।
वेबसीरीज 'आदर्श बाल विद्यालय'
- फोटो : सोशल मीडिया
देखें या नहीं?
वेबसीरीज 'आदर्श बाल विद्यालय' में देखने लायक काफी कुछ है। शिक्षा विभाग की कमियों को काफी अच्छी तरह कॉमेडी में लपेट कर आपको परोसा जाता है, जिससे गंभीर विषय भी आपको समझने में भारी नहीं लगते। यह सीरीज की सबसे बड़ी खासियत है।
तीसरे एपिसोड के बाद आपको यह थोड़ा बोर करती है जिससे आपको सीरीज डगमगाती हुई लगेगी। मगर फिर अंत के कुछ एपिसोड में इसे संभाल लिया जाता है। सीरीज का सबसे मजबूत हिस्सा है अभिनय जिसमे आपको कहीं कोई कमी नहीं लगती। यह घर पर परिवार सहित देखने लायक है।
वेबसीरीज 'आदर्श बाल विद्यालय' में देखने लायक काफी कुछ है। शिक्षा विभाग की कमियों को काफी अच्छी तरह कॉमेडी में लपेट कर आपको परोसा जाता है, जिससे गंभीर विषय भी आपको समझने में भारी नहीं लगते। यह सीरीज की सबसे बड़ी खासियत है।
तीसरे एपिसोड के बाद आपको यह थोड़ा बोर करती है जिससे आपको सीरीज डगमगाती हुई लगेगी। मगर फिर अंत के कुछ एपिसोड में इसे संभाल लिया जाता है। सीरीज का सबसे मजबूत हिस्सा है अभिनय जिसमे आपको कहीं कोई कमी नहीं लगती। यह घर पर परिवार सहित देखने लायक है।