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Bandwaale Review: सपनों और संगीत का मेल, स्वानंद किरकिरे ने चौंकाया; सबकुछ समेटने के चक्कर में बिखरती है कहानी

Poonam Kandari पूनम कंडारी
Updated Sat, 14 Feb 2026 12:05 PM IST
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सार

Bandwaale web series Review: थ्रिलर और एक्शन सीरीज की भीड़ में कुछ कहानियां बिना किसी शोर के दिल और दिमाग पर अपना असर छोड़ती हैं। ऐसी ही कोशिश सीरीज ‘बैंडवाले’ भी करती है। यह कहानी, अभिनय और निर्देशन की कसौटी पर कहां ठहरती है? पढ़िए सीरीज ‘बैंडवाले’ का रिव्यू।

Bandwaale Review Series Starring Swanand Kirkire Shalini Pandey Zahan Kapoor Ashish Vidhyarthi
वेब सीरीज 'बैंडवाले' रिव्यू - फोटो : अमर उजाला
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Movie Review
बैंडवाले
कलाकार
शालिनी पांडे , जहान कपूर , आशीष विद्यार्थी , स्वानंद किरकिरे , अनुपमा कुमार और संजना दीपू
लेखक
अंकुर तिवारी और स्वानंद किरकिरे
निर्देशक
अक्षत वर्मा
निर्माता
विक्रम सिंह , सचित रमेश और अंकुर तिवारी
रिलीज
13 फरवरी 2026
रेटिंग
3/5

विस्तार

करीना कपूर की फिल्म ‘जब वी मेट’ का वो सीन याद ही होगा, जब ट्रेन रतलाम स्टेशन पर ठहरती है। रात के अंधेरे में दिखा रतलाम का वो प्लेटफॉर्म, शहर में बदलकर ‘बैंडवाले’ सीरीज में दर्शकों के सामने आता है। कहानी में रतलाम जैसे छोटे शहर में बड़े सपने देखने वाली एक सहमी सी लड़की, एक म्यूजिक बैंड, संगीत जगत में होने वाला बदलाव और पितृसत्ता जैसे विषयों की झलक एक साथ मिलती है। इतने विषयों को समेटती ‘बैंडवाले’ की कहानी प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है।

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Bandwaale Review Series Starring Swanand Kirkire Shalini Pandey Zahan Kapoor Ashish Vidhyarthi
सीरीज 'बैंडवाले' रिव्यू - फोटो : इंस्टाग्राम@primevideoin

कहानी 
कहानी मरियम (शालिनी पांडे) से शुरू होती है। वह अपने पिता (आशीष विद्यार्थी) के सख्त रवैया के कारण हमेशा सहमी रहती है। इसके बावजूद बड़े सपने देखती है और छिपकर कविताएं लिखती है। अपना एक फेसलेस यूट्यूब चैनल ‘मैना’ बनाती है जिसमें वह अपनी कविताएं पोस्ट करती है लेकिन उसकी कविताओं में संगीत की कमी है।
ऐसे में वह रतलाम के चर्चित लोकल सिंगर रोबो (स्वानंद किरकिरे) से मदद मांगती है। इस मदद के दौरान रोबो को मरियम से एक तरफा इश्क हो जाता है। फिर कहानी में साइ (जहान कपूर) की एंट्री होती है। साइ म्यूजिक को पुराने ढंग से न बनाते हुए टेक्नोलॉजी का सहारा लेने में यकीन रखता है।
इन तीनों के ईद-गिर्द पूरी कहानी चलती है। कई उलझनों और गलतफहमियों को दूर करते हुए ये एक बैंड बनाते हैं, जिसका नाम रखते हैं ‘बैंडवाले।’ लेकिन कहानी में बड़ा ट्विस्ट तब आता है, जब मरियम की शादी उसके पिता एक एनआरआई लड़के से तय करते हैं।
क्या मरियम अपने सपनों को भूलकर शादी करती है? क्या ‘बैंडवाले’ म्यूजिक बैंड अपनी उड़ान भरने से पहले ही खत्म हो जाता है? या पितृसत्ता की बेड़ियां तोड़कर मरियम उर्फ मैना अपनी मंजिल हासिल करती है ? इस स्टोरी लाइन पर पूरी कहानी गढ़ी गई है।  

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अभिनय 
अभिनय की बात करें तो शालिनी पांडे, जहान कपूर प्रभावित करते हैं। मरियम के किरदार में शालिनी ने एक छोटी शहर की लड़की के रोल में जान डालने की पूरी कोशिश की है। वहीं ‘ब्लैक वारंट’ जैसी सीरीज में अपने अभिनय से दर्शकों को हैरान करने वाले जहान कपूर ने ‘बैंडवाले’ में भी साइ के किरदार में अपना बेस्ट देने की कोशिश की।
सीरीज में सबसे ज्यादा चौंकते हैं गीतकार स्वानंद किरकिरे। रोबो के किरदार में उनका अतरंगी अंदाज कभी हंसाता है, कभी भावुक करता है। आशीष विद्यार्थी सख्त पिता के रोल में खूब जंचते हैं। हालांकि, कलाकारों की लाख कोशिश के बाद भी कहानी बिखरती रहती है। इतना कि उम्दा अभिनय भी इसे संभाल नहीं पाता है।

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Bandwaale Review Series Starring Swanand Kirkire Shalini Pandey Zahan Kapoor Ashish Vidhyarthi
सीरीज 'बैंडवाले' रिव्यू - फोटो : इंस्टाग्राम@primevideoin
संगीत 
इस सीरीज का सबसे मजबूत पक्ष संगीत ही है। कहानी में मरियम की लिखी कविताओं को जब रोबो और साइ का दिया हुआ म्यूजिक मिलता है तो सुकून की एक बयार चलती है। स्वानंद किरकिरे की आवाज में कई गाने सुनने को मिलते हैं। कुछ में दर्द है तो कुछ में मस्ती शामिल है। 

निर्देशन 
‘बैंडवाले’ का निर्देशन अक्षत वर्मा ने किया है। लेखक अंकुर तिवारी और स्वानंद किरकिरे हैं। इस सीरीज की सबसे बड़ी समस्या यही है कि इसमें कई चीजों को एक साथ समेटने की कोशिश की गई है। इसके चलते सबकुछ बिखर जाता है।
मरियम के सपने, म्यूजिक की दुनिया में होते बदलाव और पितृसत्ता समाज जैसे कई विषयों को एक साथ लेकर चलने की वजह से कहानी उलझ जाती है। साथ ही कई किरदारों की बैक स्टोरी भी ठीक से नहीं दिखाई गई, जिससे किरदार मजबूती से खड़े ही नहीं हो पाते।
चंद एपिसोड के बाद लगने लगता है कि कहानी जल्द खत्म क्यों नहीं हो रही ? साथ ही जब सीरीज का आखिरी एपिसोड आता है तो क्लाइमैक्स को इमोशनल बनाने की कोशिश करने की भरपूर कोशिश हाेती है, इसमें कुछ सीन्स तो दिल को छूते हैं। लेकिन मरियम की कहानी किसी मुकाम तक नहीं पहुंचती।
शायद ऐसा इस उम्मीद में किया गया हो कि अगली कड़ी बनाई जा सके पर इससे दर्शकों को निराशा ही मिलेगी। कुल मिलाकर अच्छे अभिनय के बावजूद यह उस लेवल की छाप नहीं छोड़ पाती जैसी छोड़ सकती थी।

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Bandwaale Review Series Starring Swanand Kirkire Shalini Pandey Zahan Kapoor Ashish Vidhyarthi
सीरीज 'बैंडवाले' रिव्यू - फोटो : इंस्टाग्राम@primevideoin
देखें या नहीं 
आप अगर ‘पंचायत’, ‘दोपहिया’ और ‘ग्राम चिकित्सालय’ जैसी सीरीज के फैन रहे हैं तो ‘बैंडवाले’ सीरीज आपको निराश कर सकती है। लेकिन धीमी और बिना किसी ट्विस्ट या ड्रामा वाली कहानी को पसंद करते हैं तो यह सीरीज देख सकते हैं।



 
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