Kohrra 2 Review: मर्डर मिस्ट्री ही नहीं, रिश्तों पर जमी धुंध भी छांटता है ‘कोहरा 2’; बेहतर हो सकता था अंत
Kohrra Season 2 Review: नेटफ्लिक्स की नई सीरीज ‘कोहरा सीजन 2’ स्ट्रीम कर रही है। देखने से पहले जानिए कैसी है छह एपिसोड की यह सीरीज…
विस्तार
नेटफ्लिक्स की हिट सीरीज ‘कोहरा’ अपने नए सीजन के साथ वापस लौटी है। ‘कोहरा’ बाकी मर्डर मिस्ट्री से काफी अलग है, क्योंकि ये सिर्फ खून, हत्या और इन्वेस्टिगेशन ही नहीं, बल्कि हर एक किरदार की जिंदगी पर भी बात करती है। सीरीज में हर किरदार की अपनी एक कहानी और उसकी जटिल गुत्थी है, जिसे वो सुलझाने का प्रयास करता है। अब ‘कोहरा’ का दूसरा सीजन भी इसी तरह है, जहां हर किरदार की एक कहानी और अपनी समस्याएं हैं। जिन पर पड़ी धुंध धीरे-धीरे कहानी के साथ हटती जाती है। जानते हैं कैसी है नेटफ्लिक्स की छह एपिसोड वाली पंजाब की पृष्ठभूमि पर आधारित यह नई सीरीज?
कहानी
‘कोहरा 2’ की कहानी आधारित है पंजाब के दलेरपुरा इलाके में, जहां अमरपाल गरुंडी (बरुण सोबती) पहले सीजन की जगराना की अपनी पुरानी जिंदगी भुलाकर यहां नई पोस्टिंग के साथ नई जिंदगी शुरू कर चुका है। उसकी शादी हो चुकी है और वो अपनी पत्नी सिल्की के साथ एक खुशहाल जीवन बिता रहा है। पहले सीजन की तरह इस सीजन की शुरुआत भी एक मर्डर से होती है। जहां एनआरआई लड़की प्रीत (पूजा भमराह) अपने घर के चारागाह में मृत अवस्था में मिलती है। सूचना मिलते ही एएसआई अमरपाल गरुंडी बाकी फोर्स के साथ वहां पहुंचते हैं। मामले की जांच का जिम्मा सौंपा जाता है एसआई धनवंत कौर (मोना सिंह) को।
इसके बाद शुरू होती है प्रीत के मर्डर की इन्वेस्टिगेशन, जिसमें परत दर परत नए-नए राज खुलते जाते हैं। जांच के दौरान पता चलता है कि प्रीत अपने पति सैम (रणविजय सिंह) और दो बच्चों को छोड़कर कई महीनों से अपने मायके में ही रह रही थी। यहां उसका अपने डांस इंस्ट्रक्टर के साथ अफेयर भी चल रहा था। साथ ही उसका भाई बलजिंदर अटवाल (अनुराग अरोड़ा) के साथ प्रापर्टी का झगड़ा भी हुआ था। ऐसे में, शक की सुई इन तीनों पर जाती है, मगर इस जुर्म की जड़ें समाज की एक ऐसी बुराई की ओर धंसी मिलती हैं, जो सन्न कर देता है।
सीरीज में इन्वेस्टिगेशन से इतर हर किरदार की अपनी कहानी भी देखने को मिलती हैं। जहां रिश्तों के बीच धुंध है, जो कहानी के आगे बढ़ने के साथ धीरे-धीरे छंटता जाता है। एसआई धनवंत कौर और एएसआई अमरपाल गरुंडी से लेकर सीरीज के एक छोटे से किरदार तक की एक बैकग्राउंड स्टोरी है, जिसके अपने इमोशन हैं। कुल मिलाकर कोहरा 2 सिर्फ एक मर्डर मिस्ट्री और इन्वेस्टिगेशन की कहानी नहीं है, बल्कि रिश्तों और सामाजिक बुराई पर कटाक्ष करती एक सीरीज है।
अभिनय
सीरीज के केंद्र में मोना सिंह और बरुण सोबती हैं। दोनों ने अपने किरदार से इंसाफ किया है। ठेठ पंजाबी पृष्भूमि वाली इस सीरीज में मोना सिंह तो जंची ही हैं। इमोशनल और अपनी समस्याओं से जूझते सीन में उनका दर्द दर्शक महसूस कर पाते हैं। लेकिन पहले सीजन से ही बरुण सोबती ने सबसे अधिक प्रभावित किया है। यहां भी उन्होंने उसी परफॉर्मेंस को जारी रखा है। वो एक बिल्कुल ठेठ पंजाब के पुलिस वाले लगते हैं। उनकी डायलॉग डिलिवरी, डार्क ह्यूमर, टाइमिंग इस बार भी जबरदस्त है। इसके अलावा सीरीज के बाकी कलाकारों अनुराग अरोड़ा, रणविजय सिंह, पूजा भमराह सभी ने अपने किरदार से इंसाफ किया है। सीरीज की खासियत ही यही है कि यहां छोटे से छोटे किरदार ने भी अपने काम से इंसाफ किया है और उसकी बोली से लेकर एक्शन तक में पंजाब नजर आया है।
निर्देशन
शो का निर्देशन सुदीप शर्मा और फैसल रहमान ने किया है, जो काफी रियलिस्टिक लगता है। किरदारों को अच्छे से पिरोया गया है। एक भी पल को कहानी भटकी हुई नहीं लगती है। छह एपिसोड तक आपका इंटरेस्ट कहानी में बना रहता है। हालांकि, कुछ एक मौकों पर ऐसा जरूर लगता है कि ये न होता तो भी चल सकता था। बाकी सीरीज देखते वक्त आपको पंजाब की सर्दी और वो धुंध महसूस होगी, जिससे आप खुद को वहीं पाते हैं, जहां निर्देशक आपको ले जाना चाहते हैं। सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड स्कोर इस कोहरे को और गहरा बनाते हैं।
कमियां
सीरीज की अगर कमियों की बात करें तो बेशक क्लाईमैक्स और बेहतर हो सकता था। एक मैसेज देने और समाज की एक बुराई को उजागर करने के चक्कर में मेकर्स क्लाईमैक्स को उस मोड़ पर ले जाते हैं, जहां आपको यकीन नहीं होता। लेकिन ये ट्विस्ट चौंकाने से ज्यादा निराश करता है। क्योंकि कहीं न कहीं वो जबरन ठुंसा हुआ लगता है। बाकी कहीं-कहीं पर ऐसा लगता है कि कहानी को थोड़ा और रोचक बनाया जा सकता था।
देखें या नहीं
अगर आपने कोहरा का पहला सीजन देखा है और आपको वो पसंद आया था, तो यह सीजन भी आपको निराश नहीं करेगा। हां, अगर आप प्रॉपर मर्डर मिस्ट्री देखना चाहते हैं, जिसमें सिर्फ खून, एक्शन, सस्पेंस और थ्रिल चाहते हैं, तो कोहरा 2 आपके लिए नहीं है। वर्ना ये सीरीज एक चांस डिजर्व करती है।