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Bujji And Bhairava Review: काशी का वासी निकला भैरव और ‘पठान’ बन चुका बागी, बुज्जी से याराने की दिलचस्प कहानी
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बुज्जी एंड भैरव
- फोटो : अमर उजाला
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Movie Review
बुज्जी एंड भैरव
कलाकार
मोहक निनाद
,
कीर्ति सुरेश
,
आदित्य राज
,
पवन कालरा
,
अंशुल शर्मा
और
अनामया वर्मा आदि (आवाजें)
लेखक
सहेन उपाध्याय
निर्देशक
सुमित दास
निर्माता
सी अश्विन दत्त
रिलीज:
31 मई 2024
रेटिंग
4/5
हैदराबाद के रामोजी राव सिटी के मैदान पर उतरी बुज्जी कार बनी कैसे? ये खुद अपनी मालिक है या फिर इसका मालिक भैरव है? बुज्जी ही कार है या फिर कार की बुज्जी है? बुज्जी और भैरव की ये कहानी जैसे जैसे आगे बढ़ रही है, दिलचस्प होती जा रही है। भारतीय सिनेमा की नई आवाज बनने की कोशिश कर रही निर्देशक नाग अश्विन की बहुचर्चित फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के पहले की पूर्वगाथा (प्रील्यूड) के तौर पर रिलीज हुई है, दो एपिसोड की एनीमेशन वेब सीरीज ‘बी एंड बी: बुज्जी एंड भैरव’! सीरीज के दोनों एपिसोड करीब 15-15 मिनट के हैं और फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ के सिनेमाघरों में उतरने से पहले की जमीन बनाने में पूरी तरह सफल हैं।
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बुज्जी एंड भैरव
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
बोतलों में बिक रही पहाड़ों की ऑक्सीजन
हैदराबाद के ग्रीन गोल्ड स्टूडियो के हुनरमंदों ने फिल्मकार नाग अश्विन की उस कल्पना को इस सीरीज में परदे पर उतारा है, जिसके जरिये वह एक नया संसार गढ़ रहे हैं। ये दुनिया साल 2898 की है यानी अब से कोई आठ-नौ सौ साल आगे की। और, वेब सीरीज ‘बी एंड बी: बुज्जी एंड भैरव’ की कहानी उससे दो साल पहले शुरू होती है। धरती पर ऑक्सीजन बिकने लगी है। पहाड़ों की साफ हवा को बोतलों में बंद करके बेचा जा रहा है। ‘पठान’ बागी हो चुका है और उसे पकड़ने के लिए बोली लग रही है।
हैदराबाद के ग्रीन गोल्ड स्टूडियो के हुनरमंदों ने फिल्मकार नाग अश्विन की उस कल्पना को इस सीरीज में परदे पर उतारा है, जिसके जरिये वह एक नया संसार गढ़ रहे हैं। ये दुनिया साल 2898 की है यानी अब से कोई आठ-नौ सौ साल आगे की। और, वेब सीरीज ‘बी एंड बी: बुज्जी एंड भैरव’ की कहानी उससे दो साल पहले शुरू होती है। धरती पर ऑक्सीजन बिकने लगी है। पहाड़ों की साफ हवा को बोतलों में बंद करके बेचा जा रहा है। ‘पठान’ बागी हो चुका है और उसे पकड़ने के लिए बोली लग रही है।
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बुज्जी एंड भैरव
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
कहानी बुज्जी और भैरव के दोस्ताने की
भैरव के पास पैसे नहीं हैं, माफ कीजिएगा यूनिट्स नहीं हैं। जी हां, कल्कि सिनेमैटिक यूनिवर्स की मुद्रा ‘यूनिट’ हैं। बच्चे के हाथ से लॉलीपॉप तो बुजुर्ग महिला के हाथ कुछ और उठाकर खा जाने वाले भैरव की ये कहानी काशी की पृष्ठभूमि की है। संकरी गलियां हैं, ऊंची प्रतिमाएं बन रही हैं और वाहन सिर्फ धरातल पर ही नहीं, धरती से कुछ ऊपर उठकर भी चल रहे हैं। सहेन उपाध्याय की लिखी वेब सीरीज ‘बी एंड बी: बुज्जी एंड भैरव’ का असल मकसद ये समझ आता है कि फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ में दिखने वाली वंडर कार अस्तित्व में कैसे आई। बीच में होलोग्राम की भी एक क्षेपक कथा है। रामोजी सिटी में दिखाई गई कार का जमाना दीवाना हो चुका है, उसे हकीकत में महिंद्रा मोटर्स और फिल्म बनाने वाली कंपनी वैजयंती मूवीज ने करोड़ों रुपये खर्च करके बनाया है। फिल्म में इसके अस्तित्व में आने की कहानी शायद न हो लिहाजा बुज्जी और भैरव का ये दोस्ताना बनाया गया है।
भैरव के पास पैसे नहीं हैं, माफ कीजिएगा यूनिट्स नहीं हैं। जी हां, कल्कि सिनेमैटिक यूनिवर्स की मुद्रा ‘यूनिट’ हैं। बच्चे के हाथ से लॉलीपॉप तो बुजुर्ग महिला के हाथ कुछ और उठाकर खा जाने वाले भैरव की ये कहानी काशी की पृष्ठभूमि की है। संकरी गलियां हैं, ऊंची प्रतिमाएं बन रही हैं और वाहन सिर्फ धरातल पर ही नहीं, धरती से कुछ ऊपर उठकर भी चल रहे हैं। सहेन उपाध्याय की लिखी वेब सीरीज ‘बी एंड बी: बुज्जी एंड भैरव’ का असल मकसद ये समझ आता है कि फिल्म ‘कल्कि 2898 एडी’ में दिखने वाली वंडर कार अस्तित्व में कैसे आई। बीच में होलोग्राम की भी एक क्षेपक कथा है। रामोजी सिटी में दिखाई गई कार का जमाना दीवाना हो चुका है, उसे हकीकत में महिंद्रा मोटर्स और फिल्म बनाने वाली कंपनी वैजयंती मूवीज ने करोड़ों रुपये खर्च करके बनाया है। फिल्म में इसके अस्तित्व में आने की कहानी शायद न हो लिहाजा बुज्जी और भैरव का ये दोस्ताना बनाया गया है।
बुज्जी एंड भैरव
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
तेरी जीत मेरी जीत, तेरी हार मेरी हार..
वेब सीरीज ‘बी एंड बी: बुज्जी एंड भैरव’ की कहानी के मुताबिक भैरव की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। जहां, वह रहता है, वहां का किराया नहीं दे पा रहा है। उधारी देने वाले उसके पीछे हैं, और वह पीछे है अपने उन सपनों को जिनको उसने ठीक से बुनना भी अभी नहीं सीखा है। कबाड़ में मिली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोट जैसी गेंद बुज्जी है। वह आसपास मौजूद हर चीज स्कैन कर सकती है। क्या उपयोग का है और क्या नहीं, ये बता सकती है। उसी के कहने पर भैरव यहां वहां से चीजें चुराता है और एक अत्याधुनिक कार बना लेता है। कार का नियंत्रण बुज्जी और भैरव दोनों रखना चाहते हैं, लेकिन नियंत्रण रहेगा किसके हाथ में, इसी बात पर आकर दूसरा एपिसोड खत्म होता है।
वेब सीरीज ‘बी एंड बी: बुज्जी एंड भैरव’ की कहानी के मुताबिक भैरव की आर्थिक हालत ठीक नहीं है। जहां, वह रहता है, वहां का किराया नहीं दे पा रहा है। उधारी देने वाले उसके पीछे हैं, और वह पीछे है अपने उन सपनों को जिनको उसने ठीक से बुनना भी अभी नहीं सीखा है। कबाड़ में मिली आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोट जैसी गेंद बुज्जी है। वह आसपास मौजूद हर चीज स्कैन कर सकती है। क्या उपयोग का है और क्या नहीं, ये बता सकती है। उसी के कहने पर भैरव यहां वहां से चीजें चुराता है और एक अत्याधुनिक कार बना लेता है। कार का नियंत्रण बुज्जी और भैरव दोनों रखना चाहते हैं, लेकिन नियंत्रण रहेगा किसके हाथ में, इसी बात पर आकर दूसरा एपिसोड खत्म होता है।
बुज्जी एंड भैरव
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मोहक और कीर्ति की आवाजों का कमाल
वेब सीरीज ‘बी एंड बी: बुज्जी एंड भैरव’ भारतीय सिनेमा में अपनी तरह का पहला प्रयोग है। सिनेमा में लोकप्रिय हुए किरदारों पर ‘लिटिल सिंघम’ जैसी एनीमेशन सीरीज तो बन चुकी हैं, लेकिन किसी फिल्म की कहानी के पहले की कहानी बताने का ये प्रयोग अनूठा भी है और सफल भी। सीरीज के हिंदी संस्करण में भैरव की आवाज मोहक निनाद ने दी है और बुज्जी की आवाज बनी हैं कीर्ति सुरेश। सीरीज की डबिंग वर्ल्ड क्लास है और निर्देशन भी किसी से कम नहीं। बुज्जी का नाम भी एक दृश्य में नजर आता है, बीयू जेजेड 1, फिल्म में इसका भी कहीं कुछ जिक्र आ सकता है तो याद रखिएगा। सीरीज का बैकग्राउंड म्यूजिक इसके वातावरण के अनुसार संतोष नारायणन ने बिल्कुल सही बनाया है।
वेब सीरीज ‘बी एंड बी: बुज्जी एंड भैरव’ भारतीय सिनेमा में अपनी तरह का पहला प्रयोग है। सिनेमा में लोकप्रिय हुए किरदारों पर ‘लिटिल सिंघम’ जैसी एनीमेशन सीरीज तो बन चुकी हैं, लेकिन किसी फिल्म की कहानी के पहले की कहानी बताने का ये प्रयोग अनूठा भी है और सफल भी। सीरीज के हिंदी संस्करण में भैरव की आवाज मोहक निनाद ने दी है और बुज्जी की आवाज बनी हैं कीर्ति सुरेश। सीरीज की डबिंग वर्ल्ड क्लास है और निर्देशन भी किसी से कम नहीं। बुज्जी का नाम भी एक दृश्य में नजर आता है, बीयू जेजेड 1, फिल्म में इसका भी कहीं कुछ जिक्र आ सकता है तो याद रखिएगा। सीरीज का बैकग्राउंड म्यूजिक इसके वातावरण के अनुसार संतोष नारायणन ने बिल्कुल सही बनाया है।