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एक करोड़ में जाने 'चिकन खुराना' की रेसिपी
- अनुराधा गोयल
Updated Fri, 02 Nov 2012 03:42 PM IST
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हैलो फ्रेंड्स! आज हम आपको बताएंगे कि चिकन कैसे बनता है। जी हां, आपने सही समझा, आज हम आपको बताने जा रहे हैं फिल्म 'लव शव ते चिकन खुराना'। यूं तो फिल्म का टाइटल अपनी पूरी फिल्म को बयां करता है लेकिन आपके लिए ये जानना जरूरी है कि ये चिकन टेस्टी है या नहीं।
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कहानी
ओमी खुराना (कुनाल कपूर) दस साल पहले पंजाब के लालटेन गांव में अपने घर से चोरी करके लंदन भाग जाता है। लंदन में कर्ज तले दबने के बाद कर्जदार शेन्टी (मनिश मखिजा) से घबराकर वो वापिस अपने घर पंजाब आ जाता है। दस साल में उसके घर में बहुत बदलाव आ चुके होते हैं। उसके दारजी बीमार पड़ चुके हैं जिसके कारण उनका मशहूर ढाबा बंद हो जाता है, जहां का चिकन 'चिकन खुराना' के नाम से बहुत मशहूर था और उसकी रेसिपी सिर्फ दारजी को पता थी। ओमी बेहद कन्फ्यूज रहता है कि वो क्या करें। उसे अपना ढाबा बेचने की सूझती है लेकिन उसका ढाबा उसी शर्त पर बिकेगा जब वो चिकन खुराना की रेसिपी लेकर आएगा। ओमी चिकन खुराना कि रेसिपी ढूंढने लगता है और हर संभव कोशिश कर लेता है, कि उसे किसी तरह से अपने दारजी जैसा चिकन बनाना आ जाए। उसकी मदद उसकी बचपन की गर्लफ्रेंड हरमन (हुमा कुरैशी) भी करती है। क्या ओमी चिकन खुराना की रेसिपी ढूंढने में कामयाब हुआ, आखिर चिकन खुराना की खासियत क्या थी? ये सब जानने के लिए आप फिल्म देखेंगे तो अच्छा होगा।
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अभिनय
यूं तो कुनाल इस फिल्म से शुरू से ही जुड़े रहे और ये फिल्म इनके कॅरियर के लिए बहुत अहम भी है, लेकिन कुनाल एक पंजाबी मुंडे का किरदार निभाने में सफल नहीं हुए जबकि वे खुद पंजाब से हैं। वहीं हुमा कुरैशी ने दिल्ली की कुड़ी होने के बावजूद बेहद नैचुरल एक्टिंग की है। राजेश शर्मा के टीटू मामा का किरदार लोगों को बेशक पसंद आ सकता है। फिल्म के बाकी किरदारों ने फिल्म को आगे बढ़ाने में ठीक-ठाक सहयोग दिया।
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संगीत
इस फिल्म का कोई गाना ऐसा नहीं है जिसे आप बाद तक याद रख सकते हैं। आमतौर पर पंजाबी गानों की बीट भी दर्शकों को याद रहती है लेकिन इस फिल्म के सॉन्ग सिर्फ फिल्म के दौरान ही ठीक-ठाक लगे हैं।
निर्देशन
फिल्म में पंजाबी बोली और पंजाब की पृष्टभूमि है तो ऐसे में भाषा भी हल्की-फुलकी ही रही, जो कि दर्शकों का मनोरंजन करने और हंसाने में कामयाब हुई है। लेकिन फिल्म में ऐसा नहीं है कि दर्शक फिल्म को देखकर हंस-हंस कर लोट-पोट हो जाएगा बल्कि कई जगहों पर आपको जबरन हंसाने की कोशिश भी होगी।
अपनी पहली फिल्म निर्देशित कर रहे समीर शर्मा की स्क्रिप्ट रोचक थी लेकिन फिल्म को डेवलप करने के चक्कर में फिल्म की गति बहुत धीमी हो गई। ऐसे में दर्शक फिल्म से अपने आपको जोड़ नहीं पाया। साथ ही दर्शक पहले से ही जान जाएगा कि फिल्म का क्लाइमेक्स क्या होगा। जो कि फिल्मकार की कमजोरी कही जा सकती है।
क्यों देखें
आपको पंजाबी बोली की फिल्में और 'खोंसला का घोंसला' जैसी फिल्में देखना पसंद है तो कॉमेडी का पुट लिए ये फिल्म आपके लिए है। यदि आप चिकन बनाने की रेसिपी जानना चाहते हैं तो भी आप फिल्म देख सकते हैं।
क्यों ना देखें
कॉमेडी जॉनर होने के बाद भी फिल्म में कॉमेडी को अच्छी तरह से प्रस्तुत नहीं किया गया। यदि आपको पंजाबी का पुट लिए फिल्में देखना पसंद नहीं तो भी फिल्म आपके लिए नहीं है।
एक्स्ट्रा शॉट्स
- स्क्रिप्ट तैयार होने के बहुत बाद में अनुराग कश्यप ने इस फिल्म को प्रोड्यूस करने की हामी भरी, वैसे इससे पहले कई निर्माता इस फिल्म से किनारा कर चुके थे।
- हुमा कुरैशी इस फिल्म को करने से पहले बेहद नर्वस थी क्योंकि वो दिल्ली वाली हैं और पंजाब की लड़की का किरदार निभाना उनके लिए बेहद मुश्किल था।
- फिल्म के निर्देशक समीर शर्मा और स्क्रिप्ट राइटर सुमित दोनों की ही ये पहली फिल्म है।
- फिल्म में पंजाबी बोली का बोलबाला है जिससे फिल्म में पूरी तरह पंजाब की संस्कृति गूंजती रही है।
- फिल्म का नाम पहले ‘लव शव और बैंड बाजा’ सोचा गया था लेकिन बाद में ‘लव शव ते चिकन खुराना’ रखा गया।
- 20 साल से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े समीर शर्मा की ये पहली निर्देशित फिल्म है।
फिल्म के सितारे
इस फिल्म का हाल भी पिछले हफ्ते रिलीज हुई फिल्मों की ही तरह होने वाला है। शुक्र की वर्तमान स्थिति मनोरंजन जगत के लिए अनुकूल नहीं है। यही वजह है कि पिछले हफ्ते रिलीज हुई फिल्म कोई बड़ी कामयाबी हासिल नहीं कर सकी। इस हफ्ते भी यही स्थिति बनी हुई है। 17 नवंबर के बाद शुक्र के तुला राशि में आकर शनि से संयोग करने के बाद मनोरंजन जगत में रौनक लौटेगी। फिल्म का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन औसत रहने वाला है।
हुमा कुरैशी के लिए यह साल लक्की है। यही कारण है कि इस साल इन्हें बॉलीवुड में पॉंव जमाने का मौका मिला। लेकिन अंक ज्योतिष के नियम के अनुसार आज की तिथि हुमा के लिए सामान्य है। अपनी पिछली फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' की तरह इन्हें कोई बड़ा क्रेडिट नहीं मिलने वाला है। फिर भी दर्शकों को हुमा का काम पसंद आएगा। कुनाल की लाइफ में इस फिल्म से कोई चमत्कार नहीं होने वाला है। बॉलीवुड में जो हाल इनका पहले था, वही हाल रहने वाला है।
(राकेश झा)