Rani Mukerji: ‘एकजुट होकर डिजिटल सुरक्षा के लिए लें संकल्प’, रानी मुखर्जी ने साइबर अपराध के खिलाफ उठाई आवाज
Rani Mukerji On Cyber Crime: अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने साइबर क्राइम के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने सभी लोगों से एक खास अपील भी की है।
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नेशनल अवॉर्ड विजेता अभिनेत्री रानी मुखर्जी ने साइबर सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने मौजूदा वक्त के डिजिटल प्लेटफॉर्म के युग में साइबर क्राइम को महिलाओं व बच्चों के लिए एक बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के खिलाफ हम सबको एकजुट होकर लड़ना है और इससे पार पाना है।
शूटिंग छोड़कर कार्यक्रम में पहुंंचीं रानी
रानी मुखर्जी मुंबई के राज्य पुलिस मुख्यालय में साइबर जागरूकता माह 2025 के उद्घाटन समारोह का हिस्सा बनीं। इस दौरान उन्होंने इस कार्यक्रम का हिस्सा बनने पर खुशी जताते हुए, इसे अपने लिए सम्मान की बात बताई। अभिनेत्री ने कहा कि वर्षों से अपनी फिल्मों के माध्यम से मुझे उन महिलाओं का चित्रण करने का सौभाग्य मिला है, जो अन्याय के खिलाफ लड़ती हैं और कमजोर लोगों की रक्षा करती हैं। वास्तव में आज मैं ‘मर्दानी 3’ की शूटिंग से भागकर यहां आई हूं, इसलिए यह सब एक अद्भुत एहसास लग रहा है। महाराष्ट्र पुलिस द्वारा की गई यह पहल सराहनीय है।
मैं समझती हूं कितना जरूरी है साइबर सुरक्षा
अभिनेत्री ने आगे कहा कि आज साइबर अपराध, खासकर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध हमारे घरों में चुपचाप बढ़ रहे हैं। एक महिला और एक मां होने के नाते मैं समझती हूं कि जागरूकता कितनी जरूरी है। जब परिवारों को पता होता है कि कैसे सुरक्षित रहना है और कहां मदद लेनी है, तो असली सुरक्षा शुरू होती है। मैं साइबर सुरक्षा के इस महत्वपूर्ण मिशन को प्राथमिकता देने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, एसीएस इकबाल सिंह चहल और डीजीपी रश्मि शुक्ला का भी धन्यवाद करती हूं।
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एकजुट होकर लें संकल्प
राज्य में बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों के महत्व पर बात करते हुए रानी ने कहा कि डायल 1930 और डायल 1945 हेल्पलाइन सभी नागरिकों के लिए एक वरदान हैं। एक अभिनेत्री के रूप में मैं कहानियों को पर्दे पर दिखा सकती हूं। लेकिन एक महिला, एक मां और एक नागरिक होने के नाते मुझे लगता है कि यह सुनिश्चित करना हम सबकी जिम्मेदारी है कि कोई भी बच्चा चुपचाप न रोए, कोई भी महिला असुरक्षित महसूस न करे और कोई भी परिवार साइबर अपराध के कारण मानसिक शांति न खोए। आइए आज हम सतर्क रहने, आवाज उठाने और सुरक्षित डिजिटल दुनिया के लिए एकजुट होने का संकल्प लें।