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Bollywood Song: पांच मिनट में लिखा गया और पांच सेकंड में हुआ कंपोज, इस लव सॉन्ग के बनने की प्रक्रिया है गजब
Tue, 11 Jun 2024 05:44 PM IST
सुवेश शुक्ला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुवेश शुक्ला
Updated Tue, 11 Jun 2024 05:44 PM IST
सार
सदाबहार गीत ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ आज भी रोमांटिक गानों की सूची में शीर्ष पर आता है, लेकिन इसके बनने की प्रक्रिया आपको हैरान कर देगी। आपको भरोसा नहीं होगा कि इतना शानदार गीत इस तरह से भी बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि ये गीत कैसे लिखा गया और कैसे कंपोज हुआ, जो हर किसी के लबों पर आ गया।
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फराह खान ने फिल्म 1942: ए लव स्टोरी के गाने के बारे में किया खुलासा
- फोटो : इंस्टाग्राम @farahkhankunder और एक्स @FilmHistoryPic
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विस्तार
साल 1994 में आई फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी’ का गाना ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ आज भी लोगों के दिल के बेहद करीब है। शायद ही ऐसा कोई हो जिसने ये गाना कभी गुनगुनाया ना हो। यह गीत जितना शानदार और दिल को छू लेने वाला है, उतनी ही चौंकाने वाली इसको बनाने की प्रक्रिया है। अगर ये कहा जाए कि इस मशहूर प्रेम गीत को महज पांच मिनटों में लिखा गया है और पांच सेकंड में कंपोज किया गया है, तो आप शायद एक बार इस पर भरोसा ना करें, लेकिन यही सच है। बॉलीवुड जगत में कोरियोग्राफी से डांस के क्षेत्र में क्रांति लाने वाली कोरियोग्राफर और फिल्म निर्माता फराह खान ने एक साक्षात्कार में इसका खुलासा किया। इस खुलासे ने सभी को चौंका दिया है। आइए जानते हैं यह गीत कैसे इतने कम समय में लिखकर कंपोज किया गया?
बिना गाना लिखे आ गए थे जावेद अख्तर
फिल्म 1942: ए लव स्टोरी से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए फराह ने जावेद अख्तर के लिखे गीत ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ के बनने की प्रक्रिया को याद किया। उन्होंने बताया कि जावेद अख्तर बिना कोई गीत लिखे ही संगीत सत्र पर आ गए और फिर उन्होंने गाने को वहीं पर लिखा। फराह ने कहा, ‘जावेद अंकल एक खाली कागज लेकर अंदर आए। उन्होंने कुछ नहीं लिखा था। वह भूल गए थे। वह हमेशा ऐसा करते थे। वो होमवर्क नहीं करते थे। उन्होंने कहा, ‘अच्छा क्या है, फिर से बताओ।’ उन्हें वह सीक्वेंस गया जहां अनिल कपूर का किरदार पहली बार मनीषा कोइराला को देखता है और उनसे प्यार करने लगता है। उन्होंने अपने सहायक को बुलाया और उससे कहा, ‘अच्छा लिखो’ और उन्होंने बोलना शुरू कर दिया ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा, जैसे खिलता गुलाब, जैसे शायर का ख्वाब, जैसे बन में हिरण।’ वह बिना रुके बोलते गए। और उन्होंने इसी तरह की पांच और पंक्तियां लिखी थीं। हमने सबसे अच्छी पंक्तियां चुनीं और उन्होंने तुरंत कागज का टुकड़ा दिया और कहा, ‘यह लो हो गया गाना’
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पांच मिनट में लिखा गया और पांच सेकंड में हुआ कंपोज
फराह खान ने आगे बताया कि सभी लोग तब हैरान रह गए जब आर डी बर्मन ने अपना हारमोनियम लिया और तुरंत धुन तैयार कर दी। फराह ने उन पलों को याद करते हुए कहा, ‘जब मैं इसके बारे में सोचती हूं तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जावेद अंकल ने इसे पांच मिनट में लिखा और दादा (आर डी बर्मन) ने पांच सेकंड में इसका धुन तैयार कर दिया। बेहतरीन चीजें ऐसे ही बनती हैं।’ यह गीत आज भी सबसे रोमांटिक गानों में से एक है। एक सदाबहार गीत।
विधु विनोद चोपड़ा भी साझा कर चुक हैं ये किस्सा
सोनम कपूर की फिल्म एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा के प्रमोशन के दौरान विधु विनोद चोपड़ा ने भी इस बारे में बात की थी। उन्होंने भी गाने के बनने की प्रक्रिया पर यही कहा था कि यह गीत पांच से छह मिनट में बनकर तैयार हुया है। दरअसल, फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी’ को विधु विनोद चोपड़ा ने ही निर्देशित किया है।
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बिना गाना लिखे आ गए थे जावेद अख्तर
फिल्म 1942: ए लव स्टोरी से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए फराह ने जावेद अख्तर के लिखे गीत ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ के बनने की प्रक्रिया को याद किया। उन्होंने बताया कि जावेद अख्तर बिना कोई गीत लिखे ही संगीत सत्र पर आ गए और फिर उन्होंने गाने को वहीं पर लिखा। फराह ने कहा, ‘जावेद अंकल एक खाली कागज लेकर अंदर आए। उन्होंने कुछ नहीं लिखा था। वह भूल गए थे। वह हमेशा ऐसा करते थे। वो होमवर्क नहीं करते थे। उन्होंने कहा, ‘अच्छा क्या है, फिर से बताओ।’ उन्हें वह सीक्वेंस गया जहां अनिल कपूर का किरदार पहली बार मनीषा कोइराला को देखता है और उनसे प्यार करने लगता है। उन्होंने अपने सहायक को बुलाया और उससे कहा, ‘अच्छा लिखो’ और उन्होंने बोलना शुरू कर दिया ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा, जैसे खिलता गुलाब, जैसे शायर का ख्वाब, जैसे बन में हिरण।’ वह बिना रुके बोलते गए। और उन्होंने इसी तरह की पांच और पंक्तियां लिखी थीं। हमने सबसे अच्छी पंक्तियां चुनीं और उन्होंने तुरंत कागज का टुकड़ा दिया और कहा, ‘यह लो हो गया गाना’
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पांच मिनट में लिखा गया और पांच सेकंड में हुआ कंपोज
फराह खान ने आगे बताया कि सभी लोग तब हैरान रह गए जब आर डी बर्मन ने अपना हारमोनियम लिया और तुरंत धुन तैयार कर दी। फराह ने उन पलों को याद करते हुए कहा, ‘जब मैं इसके बारे में सोचती हूं तो मेरे रोंगटे खड़े हो जाते हैं। जावेद अंकल ने इसे पांच मिनट में लिखा और दादा (आर डी बर्मन) ने पांच सेकंड में इसका धुन तैयार कर दिया। बेहतरीन चीजें ऐसे ही बनती हैं।’ यह गीत आज भी सबसे रोमांटिक गानों में से एक है। एक सदाबहार गीत।
विधु विनोद चोपड़ा भी साझा कर चुक हैं ये किस्सा
सोनम कपूर की फिल्म एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा के प्रमोशन के दौरान विधु विनोद चोपड़ा ने भी इस बारे में बात की थी। उन्होंने भी गाने के बनने की प्रक्रिया पर यही कहा था कि यह गीत पांच से छह मिनट में बनकर तैयार हुया है। दरअसल, फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी’ को विधु विनोद चोपड़ा ने ही निर्देशित किया है।
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