कवि-गीतकार वैरामुथु को मिला ज्ञानपीठ पुरस्कार, बने तीसरे तमिल लेखक; सीएम स्टालिन और कमल हासन ने दी बधाई
Vairamuthu Win Jnanpith Award: तमिल कवि और गीतकार वैरामुथु को ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसकी घोषणा होते ही लेखक को लगातार बधाइयां मिल रही हैं।
विस्तार
प्रख्यात कवि, गीतकार और उपन्यासकार वैरामुथु को भारतीय साहित्य में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह घोषणा 14 मार्च को की गई। ज्ञानपीठ पुरस्कार देश का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है। वैरामुथु पिछले 20 साल में यह पुरस्कार पाने वाले तीसरे तमिल लेखक हैं। यह पुरस्कार कविता, उपन्यास और फिल्म गीतों में उनकी उपलब्धियों को मान्यता देता है।
सीएम स्टालिन ने दी बधाई
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए वैरामुथु को बधाई दी। पोस्ट में उन्होंने लिखा, ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार तमिल साहित्य पर राज करने वाले कवि वैरामुथु को मिला है।
தமிழைத் தன் கவித்திறத்தால் ஆளும் கவிப்பேரரசு வைரமுத்து அவர்களுக்கு ஞானபீட விருது!
காலையில்தான் கவிப்பேரரசைச் சந்தித்துப் பேசிக் கொண்டிருந்தேன். சற்றுநேரத்தில் இந்த இனிய செய்தி வந்தடைந்து, அந்தச் சந்திப்பின் இனிமையை இன்னும் கூட்டியிருக்கிறது!
தமிழில் இதுவரையில் அகிலனும்… pic.twitter.com/PUTjTR9hbe— M.K.Stalin - தமிழ்நாட்டை தலைகுனிய விடமாட்டேன் (@mkstalin) March 14, 2026
आज सुबह मेरी उनसे मुलाकात हुई और बातचीत हुई। इसके तुरंत बाद यह खुशखबरी मिली, जिससे मेरी मुलाकात की खुशी और भी बढ़ गई। यह पुरस्कार, जो अब तक तमिल साहित्य में केवल अखिलन और जयकांतन को ही मिला है, उनके और हमारे लिए अपार खुशी लेकर आया है।
यह पुरस्कार हमें उन कवियों के वंश में शामिल करता है, जो पारंपरिक और आधुनिक कविता का प्रयोग करते हुए तमिल साहित्य में नए आयाम स्थापित करते हैं। अगर नेता एक कलाकार होते, तो वे कविपेरारसु की दिल से प्रशंसा करते। मैं उनके साथ खड़ा हूं और वैरामुथु को बधाई देता हूं। तमिलनाडु कवियों को उनके शासनकाल के लिए बधाई देता है।’
कमल हासन ने भी दी बधाई
अभिनेता व नेता कमल हासन ने भी वैरामुथु को बधाई देते हुए लिखा, ‘अपनी समृद्ध परंपरा के साथ तमिल साहित्य को तीसरी बार प्रतिष्ठित साहित्यिक पुरस्कार, ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
நெடிய பரம்பரை கொண்ட தமிழிலக்கியத்துக்கு மூன்றாவது முறையாக உயரிய இலக்கிய விருதான ஞானபீடம் கிடைத்திருக்கிறது.
— Kamal Haasan (@ikamalhaasan) March 14, 2026
ஜெயகாந்தன் பெற்ற முந்தைய ஞானபீடத்துக்குப் பிறகு, கால் நூற்றாண்டு கடந்து தமிழுக்கு இந்தப் பெரும்பெருமையைச் சேர்த்திருக்கிறார் என் ஆப்தர் கவிப்பேரரசு @Vairamuthu
‘வானம்…
जयकांतन को इससे पहले ज्ञानपीठ पुरस्कार मिलने के पच्चीस वर्ष बाद, मेरे चाचा कवि-सम्राट वैरामुथु ने तमिल साहित्य को यह महान सम्मान दिलाया है। आकाश मेरे लिए बोधि वृक्ष है; यह प्रतिदिन मुझे एक संदेश देता है, ये काव्यात्मक शब्द मेरे कानों में पड़े, मेरे हृदय में समा गए और मित्रता में घुलमिल गए। मैं इस मित्र को बधाई देते हुए गर्व महसूस करता हूं।’
वैरामुथु का करियर
वैरामुथु ने 1972 में कविता संग्रह 'वैगराई मेघंगल' के प्रकाशन के साथ अपने साहित्यिक सफर की शुरुआत की। तब से उन्होंने कविता संग्रहों और कई उपन्यासों सहित 40 से अधिक पुस्तकें लिखी हैं। तमिल साहित्य में उनकी लेखन शैली को उसकी गहराई और सांस्कृतिक प्रभाव के लिए सराहा जाता है। उनका साहित्यिक कार्य पांच दशकों से अधिक समय तक फैला हुआ है। उनकी कई कविताएं तमिल समाज में हुए सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों को दर्शाती हैं।
अपनी साहित्यिक उपलब्धियों के अलावा वैरामुथु ने तमिल फिल्मों के लगभग 7,500 गीत लिखकर भारतीय सिनेमा पर अमिट छाप छोड़ी है। प्रमुख संगीतकारों और फिल्म निर्माताओं के साथ सहयोग करते हुए वैरामुथु के गीत तमिल फिल्म संगीत जगत का एक अभिन्न अंग बन गए हैं।