मार्शल आर्ट्स के टाइगर बने पवन कल्याण, जापान के बाहर समुराई समुदाय में शामिल होने वाले बने पहले व्यक्ति
Pawan Kalyan: एक्टिंग और राजनीति के अलावा पवन कल्याण ने एक और बड़ी उप्लब्धि हासिल की है। वह तलवारबाजी सीख कर पहले ऐसे भारतीय बन गए हैं जो समुरई कम्युनिटी में शामिल हुए हैं।
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From Kalyan Kumar to The Tiger of Martial Arts.
Watch here - https://t.co/8gemWOEWE9#PKMartialArtsJourney pic.twitter.com/YD6Ord7YPAविज्ञापन— Pawan Kalyan Creative Works (@PKCWoffl) January 11, 2026विज्ञापन
पवन कल्याण फिल्म और राजनीति में आने से पहले से मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग कर रहे थे। उन्होंने चेन्नई में कराटे और दूसरी कलाओं की ट्रेनिंग ली। इसके बाद उनकी दिलचस्पी मार्शल आर्ट में बढ़ी। उन्होंने इस पर काम किया और ट्रेनिंग ली। उनकी कला का प्रदर्शन उनकी फिल्मों में भी देखने को मिलता है। 'खुशी', 'थम्मुडु' और 'ओजी' जैसी फिल्मों में उन्होंने मार्शल आर्ट का इस्तेमाल किया।
- पवन कल्याण को अपनी कला दिखाने के लिए इंटरनेशनल लेवल पर कई अवॉर्ड मिल चुके हैं।
- सोगो बूडो कानरी काई से उन्हें फिफ्थ डैन की उपाधि दी गई है।
- गोल्डन ड्रैगन्स क्लब से उन्हें 'मार्शल आर्ट्स का टाइगर' का टाइटल मिला।
- वह सोके मुरामात्सु सेंसेई की क्लैन के तहत ताकेदा शिंगेन क्लैन में शामिल हो गए हैं।
- इस तरह वह जापान के बाहर आधिकारिक तौर पर समुराई समुदाय में शामिल होने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
- यह सम्मान अक्सर जापानी लोगों के लिए रिजर्व रहता है।
आपको बता दें कि पवन कल्याण ने भारत के जापानी मार्शल आर्ट के जानकार हांशी प्रोफेसर डॉक्टर सिद्दीकी महमूदी की गाइडेंस में ट्रेनिंग ली है। उनकी निगरानी में उन्होंने कैंडो की तकनीकी और फिलॉसाफिकल पर स्टडी की है। पवन कल्याण को मिला यह अवॉर्ड उनकी मेहनत और लगन को दिखाता है।