संगीतकार एस. पी. वेंकटेश का निधन, 70 साल की उम्र में ली आखिरी सांस; जानें कब होगा अंतिम संस्कार
S P Venkatesh Death: वेटरन संगीतकार एस. पी. वेंकटेश ने 70 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया। जानिए उनके बारे में…
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अनुभवी संगीतकार एस. पी. वेंकटेश का 70 वर्ष की उम्र में चेन्नई स्थित उनके आवास पर निधन हो गया। यह जानकारी ऑनमनोरमा की रिपोर्ट में दी गई है। उनका अंतिम संस्कार कल चेन्नई के अलापक्कम में होगा।
1971 में गिटारवादक के तौर पर की शुरुआत
वेंकटेश ने 1971 में गिटारवादक के रूप में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने मशहूर संगीतकार विजयभास्कर के साथ काम किया। 1975 में कन्नड़ सिनेमा में सहायक संगीत निर्देशक के रूप में उन्होंने अपनी पहचान बनाई। 1981 में तेलुगु फिल्म 'प्रेमा युद्धम' से उन्होंने बतौर संगीतकार अपनी शुरुआत की। मलयालम सिनेमा में वेंकटेश ने राघवन मास्टर सहित कई संगीतकारों के साथ सहायक संगीत निर्देशक के रूप में काम किया। ए. टी. उमर के निर्देशन में बैकग्राउंड स्कोर दिया। बाद में उन्होंने संगीतकार के रूप में काम किया। उन्हें डेनिस जोसेफ और थम्पी कन्ननथनम के सहयोग से व्यापक रूप में पहचान मिली।
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एसपी वेंकटेश से जुड़ी बड़ी बातें
- एसपी वेंकटेश को संगीतराजन के नाम से जाना जाता था।
- 5 मार्च 1955 को जन्मे वेंकटेश मंडोलिन वादक पलानी के पुत्र थे।
- उन्होंने कन्नड़, तेलुगु, तमिल और मलयालम फिल्मों में एक बहुमुखी संगीत निर्देशक के रूप में अपनी पहचान बनाई।
- 1985 में फिल्म 'जनकेया कोडाथी' के माध्यम से संगीत निर्देशक के रूप में मलयालम फिल्म उद्योग में प्रवेश किया।
- वेंकटेश ने 1993 में फिल्म 'पैथ्रुकम' और 'जनम' के लिए सर्वश्रेष्ठ संगीत निर्देशक का केरल राज्य फिल्म पुरस्कार जीता।
- उन्होंने 'भूमियिले राजक्कनमार', 'वाजियोरा कझक्कल', 'इंद्रजालम', 'नदोडी', 'मंथ्रिकम', 'किलुक्कम', 'मिन्नारम', 'स्फादिकम' और 'जॉनी वॉकर' जैसी फिल्मों में कई हिट गाने दिए।
- उन्हें मोहनलाल और ममूटी जैसे दिग्गज अभिनेताओं के साथ काम करने के लिए जाना जाता था।
