Sunil Dutt: पर्दे पर ही नहीं, असल में भी हिट थी बाप-बेटे की जोड़ी, संजय दत्त से कैसा था सुनील दत्त का रिश्ता?
Sunil Dutt Death Anniversary: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और फिल्ममेकर रहे सुनील दत्त ने आज ही के दिन दुनिया को अलविदा कहा था। फेमस एक्टर संजय दत्त के पिता सुनील दत्त एक्टिंग और फिल्मों के साथ-साथ राजनीति में भी काफी सक्रिय थे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता-राजनेता और संजय दत्त के पिता सुनील दत्त की आज 20वीं पुण्यतिथि है। यूं तो सुनील दत्त अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन आज भी फैंस के दिलों में उनकी यादें ताजा हैं। 25 मई 2005 को 75 साल की उम्र में सुनील दत्त का निधन पश्चिम मुंबई के बांद्रा स्थित उनके निवास पर नींद में दिल का दौरा पड़ने से हो गया। उस वक्त वो मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार में युवा मामले और खेल मंत्रालय का कार्यभार संभाल रहे थे और उत्तर-पश्चिम मुंबई लोकसभा क्षेत्र से सांसद के रूप में सेवाएं दे रहे थे।
सुनील दत्त का फिल्मी करियर
साल 1960 और 1970 के दशक में फिल्मों के सबसे लोकप्रिय सितारों में से एक दिवंगत अभिनेता सुनील दत्त के करियर की बात करें तो 1955 में फिल्म ‘रेलवे प्लेटफॉर्म’ से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा था। हालांकि 1957 में आई क्लासिक फिल्म 'मदर इंडिया' से उन्हें जबरदस्त पहचान मिली थी। इसके बाद उन्होंने 'साधना', 'इंसान जाग उठा', 'मुझे जीने दो' और 'खानदान' जैसी कई हिट फिल्मों में बेहतरीन अभिनय कर दर्शकों और आलोचकों से खूब सराहना पाई। करीब 48 सालों के लंबे अभिनय सफर में सुनील दत्त को फिल्मफेयर, नेशनल अवॉर्ड और राजीव गांधी पुरस्कार समेत कुल 12 प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स से सम्मानित किया गया था।
सुनील दत्ता का नरगिस से प्यार
सुनील दत्त और नरगिस दत्त की शादी 11 मार्च 1958 को हुई थी। उनकी शादी के बाद उनके तीन बच्चे हुए- संजय दत्त, प्रिया दत्त और नम्रता दत्त। नरगिस और सुनील दत्त की मुलाकात फिल्म ‘मदर इंडिया’ फिल्म के सेट पर हुई थी, जहां सुनील दत्त ने फिल्म के सेट पर लगी आग में नरगिस की जान बचाई थी, जिससे उन्हें एक-दूसरे से प्यार हो गया था।
नरगिस ने शादी से पहले हिंदू धर्म अपना लिया और अपना नाम बदलकर निर्मला दत्त रख लिया था। नरगिस की आखिरी इच्छा था कि उनकी मौत के बाद उन्हें दफनाया जाए और सुनील दत्त ने बिल्कुल ऐसा ही किया था।
सुनील दत्त का बेटे संजय दत्त से रिश्ता
साल 1981 में संजय दत्त की पहली फिल्म रॉकी को उनके पिता सुनील दत्त ने ही डायरेक्ट किया था। इस फिल्म में सुनील पर्दे पर भी संजय के पिता बने थे। दोनों बाप-बेटे का रिश्ता काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा। जहां मां नरगिस के निधन के बाद पिता सुनील ही संजय का सहारा बने वहीं कभी प्यार से तो कभी डांट-फटकार से संजय को सही राह दिखाने वाले भी पिता सुनील ही थे।
संजय दत्त अपने पिता से बहुत प्रभावित थे। साल 1990 में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने खुलासा किया था कि लोग समझते हैं वो मां से ज्यादा करीब हैं लेकिन असल में उनके पिता का योगदान उनकी जिदंगी में काफी बड़ा रहा है।
राजनीति को लेकर हुआ था विवाद
बाप-बेटे के इस प्यारे से रिश्ते में राजनीति के चलते फूट पड़ गई थी। दरअसल संजय दत्त का मानना था कि सुनील दत्त राजनीति के लिए बहुत अच्छे और ईमानदार थे। इसलिए उन्हें अपना पद छोड़ देना चाहिए। संजय ने खुद एक इंटरव्यू में इस बात को स्वीकार किया था कि उन्हें पिता की चिंता सताने लगी थी क्योंकि वो राजनीति में आने के बाद से ही लगातार तनाव में रहने लगे थे। बस इसी बात को लेकर कई बार दोनों के बीच झगड़े भी हुए।
ये खबर भी पढ़ें: Sanjay Dutt: 'आपने मेरे सपनों को आकार दिया है', फादर्स डे के मौके पर पिता को याद कर भावुक हुए संजू बाबा
पिता ने दिया संजय दत्त का साथ
अभिनेता संजय दत्त अपनी नशे की लत से काफी परेशान थे। उस वक्त भी उनका सबसे बड़ा सहारा उनके पिता सुनील दत्त ही बने। इसके अलावा जब संजय पर यह आरोप लगाया गया कि वो 1993 के मुंबई बम धमाके में शामिल हो सकते हैं, तब भी पिता सुनील दत्त ने उन्हें हर तरह से सपोर्ट किया। साल 2007 में संजय को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया था, लेकिन अवैध रूप से हथियार रखने के कारण उन्हें सजा काटनी पड़ी थी।
सुनील-संजय जब पर्दे पर भी बने बाप-बेटे
फिल्म ‘रॉकी’ के अलावा साल 2003 में आई फिल्म ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ में भी सुनील दत्त ने संजय के पिता का किरदार निभाया था। वो आखिरी बार था जब पर्दे पर बाप-बेटे की ये जोडी एक साथ नजर आई थी। यही फिल्म सुनील दत्त की भी आखिरी फिल्म थी। इसे जबरदस्त सफलता मिली और संजय के डूबते करियर को भी इस फिल्म ने फिर से सवार दिया।

कमेंट
कमेंट X