‘अनुपमा’ के बाद फिर ग्रे शेड रोल में सुधांशु पांडे, बोले- परफेक्ट हीरो नहीं कमियों वाले किरदार पसंद हैं'
Sudhanshu Pandey Exclusive Interview: सीरियल ‘अनुपमा’ में वनराज का ग्रे शेड रोल निभाकर सुधांशु पांडे टीवी पर मशहूर हुए। एक बार फिर से वह सीरियल ‘दो दुनिया एक दिल’ में ग्रे शेड कैरेक्टर निभा रहे हैं। इस सीरियल और अपने करियर को लेकर सुधांशु पांडे ने अमर उजाला से खास बातचीत की है।
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अधिकतर टीवी सीरियल की कहानियां एक जैसे और पुराने फॉर्मूले पर चलती हैं। मगर सुधांशु पांडे इस बार कुछ अलग लेकर आए हैं। उनका नया सीरियल ‘दो दुनिया एक दिल’ सिर्फ मनोरंजन नहीं कर रहा है, इसमें डिजिटल दौर की कड़वी सच्चाई को सामने रखा गया है। हाल ही में अमर उजाला डिजिटल से बातचीत के दौरान अभिनेता सुधांशु पांडे ने इस सीरियल के बारे में खुलकर बात की।
सिर्फ शो नहीं एक जिम्मेदारी है
अपने सीरियल ‘दो दुनिया एक दिल’ के बारे में सुधांशु कहते हैं, ‘मेरे लिए हमेशा कहानी और किरदार सबसे पहले आते हैं। जब मैंने इस सीरियल की कहानी को सुना तो मुझे लगा कि ये सिर्फ एक शो नहीं है, एक जिम्मेदारी है। हम ऑडियंस को एंटरटेन करेंगे लेकिन साथ ही उन्हें यह भी बताएंगे कि डिजिटल स्कैम कैसे उनकी जिंदगी को पूरी तरह हिला सकता है। स्कैम से बचने का तरीके क्या है? आज के समय में जानकारी ही सबसे बड़ी ताकत है। अगर हम लोगों को पहले से अलर्ट कर दें, तो शायद वो उस एक गलत क्लिक से बच जाएं जो उनकी जिंदगी में सब कुछ बिगाड़ सकता है।’
हमारा सीरियल लोगों को सोचने पर मजबूर करेगा
सुधांशु एक लाइन में अपने सीरियल की अहमियत बताते हैं। वह कहते हैं, ‘ये सीरियल सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं है, ये एक जानकारी की तरह है। हम लोगों को दिखा रहे हैं कि डिजिटल फ्रॉड कैसे होता है? उससे कैसे बचा जा सकता है? अगर कोई फंस जाए तो उसे मदद कहां से मिल सकती है? जिससे अगली बार कोई भी बिना सोचे-समझे कुछ भी क्लिक करने से पहले दो बार सोचे।’
एक क्लिक से मेरा अकाउंट हैक हो गया था
डिजिटल स्कैम पर बात करते हुए सुधांशु ने एक अनुभव भी साझा किया। वह कहते हैं, ‘एक बार मैंने गलती से एक लिंक पर क्लिक कर दिया था और मेरा इंस्टाग्राम अकाउंट हैक हो गया। उस वक्त समझ आया कि एक छोटा सा क्लिक कितना बड़ा नुकसान कर सकता है। मैं तो अपना अकाउंट वापस ले आया लेकिन हर किसी के साथ ऐसा नहीं होता। बहुत सारे लोग अपनी मेहनत की कमाई गंवा देते हैं। इसलिए जरूरी है कि हम लोगों को पहले से जागरूक करें।’
ग्रे शेड किरदार में ही असली मजा है
सीरियल ‘अनुपमा’ में वनराज बनकर पहले ही ऑडियंस के दिलों में जगह बना चुके सुधांशु इस बार भी ग्रे शेड रोल में हैं। इस तरह के किरदार से उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। वह बताते हैं, ‘आज की ऑडियंस खुद बदल चुकी है। अब उन्हें परफेक्ट हीरो नहीं चाहिए, उन्हें ऐसे किरदार चाहिए जो असली लगें, जिनमें कमियां हों।’
वह हंसते हुए आगे कहते हैं, ‘सच बताऊं तो एक ग्रे या नेगेटिव किरदार निभाने में अलग ही मजा है। उसमें बहुत ज्यादा स्कोप होता है, बहुत कुछ एक्सप्लोर करने को मिलता है। पॉजिटिव किरदार में आप लिमिटेड हो जाते हैं, लेकिन यहां आप हर रंग दिखा सकते हैं।’
टीआरपी के डर से बाहर निकलना होगा
टीवी इंडस्ट्री को लेकर सुधांशु का नजरिया काफी साफ और बेबाक है। वह कहते हैं, ‘मुझे लगता है कि अब टेलीविजन को बदलने की जरूरत है। हम अभी भी टीआरपी के डर में बंधे हुए हैं। हर कोई सोचता है कि अगर कुछ नया किया तो शो चल नहीं पाएगा लेकिन अगर बदलाव लाना है, तो रिस्क लेना पड़ेगा। ब्रॉडकास्टर्स को भी ऐसे कॉन्सेप्ट्स को सपोर्ट करना होगा, रियल लाइफ बेस्ड कहानियां लानी होंगी, तभी ऑडियंस को कुछ नया मिलेगा।’