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Varun Dhawan: वरुण धवन ने बताया हिंदी सिनेमा में किन बदलावों की जरूरत, कहा- बॉलीवुड मे ऐसे लोगों का दबदबा…
एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुवेश शुक्ला
Updated Sun, 22 Dec 2024 03:12 PM IST
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सार
Varun Dhawan: अभिनेता वरुण धवन ने पूरे भारत से कलाकारों के बॉलीवुड में आने पर जोर देते हुए अपने विचार साझा किए। अभिनेता ने कहा कि इंडस्ट्री को प्रासंगिक बने रहने के लिए बदलाव की जरूरत है।
वरुण धवन
- फोटो : इंस्टाग्राम @varundvn
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विस्तार
वरुण धवन अपनी आगामी फिल्म 'बेबी जॉन' को लेकर सुर्खियों में बने हुए है। अभिनेता फिल्म के प्रमोशन में जोर-शोर से लगे हैं। हाल ही में वरुण ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में किन बदलावों की जरूरत हैं इस पर बात की। वरुण धवन को लगता है कि बॉलीवुड में इस समय ऐसे लोगों का दबदबा है, जिनकी सोच पैन इंडिया नहीं है, बल्कि वह मुंबई तक सीमित है। अभिनेता को लगता है कि कहानी कहने में एक निश्चित गहराई लाने के लिए पूरे भारत से लोगों का बॉलीवुड में शामिल होना जरूरी है।
छोटे शहरों के लोगों को भी आना चाहिए
अभिनेता ने पॉडकास्ट 'द रणवीर शो' पर कहा, "मुझे लगता है कि मुंबई के अलावा कुछ आवाजों को अलग-अलग जगहों से आने की जरूरत है। बड़े 4-5 शहरों, टियर 2 और टियर 3 के अलावा, कुछ आवाजों को आने की जरूरत है। उन्हें वहां से आना होगा। हमें निश्चित रूप से इसकी जरूरत है।"
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बॉलीवुड में एंट्री लेना मुश्किल
वरुण ने आगे कहा, "पहले ऐसा होता था। मुझे लगता है कि अब यह थोड़ा मुश्किल हो गया है। प्रवेश करना। प्रवेश ना करना। अब आप सोच रहे हैं कि क्या मुझे फिल्म इंडस्ट्री में जाना चाहिए? क्या मुझे एक प्रभावशाली व्यक्ति बनना चाहिए? क्या मुझे वहीं कुछ शॉर्ट्स निर्देशित करने चाहिए? या मुझे ओटीटी पर जाना चाहिए? विकल्प सामने आ गए हैं। वरुण ने यह भी कहा कि बॉलीवुड में सत्ता के पदों पर बैठे लोगों को समय के साथ बदलाव की जरूरत को समझना चाहिए और अगर वह ऐसा नहीं कर सकते हैं तो उन्हें सामूहिक रूप से इंडस्ट्री को ऊपर उठाने के लिए कुछ पॉवर छोड़ने के लिए तैयार रहना चाहिए।
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रिलेवेंट रहने पर दिया जोर
वरुण धवन ने प्रासंगिक बने रहने की बात पर जोर देते हुए कहा, "मैं असभ्य नहीं लगना चाहता, लेकिन हो सकता है कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में शक्तिशाली पदों पर बैठे सभी लोग एक निश्चित उम्र तक पहुंच गए हों। वह एक निश्चित उम्र तक पहुंच गए हैं। वह कई वर्षों से यही कर रहे हैं। वह केवल शीर्ष पर हैं। अब वह इसे पहचान नहीं पा रहे होंगे कि समय के साथ बदलना है। हम सभी को यह करना होगा नहीं तो हम प्रासंगिक नहीं रहेंगे। मैं भी प्रासंगिक नहीं रहूंगा।
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