31 साल बाद भी दर्शकों ने ‘1942 ए लव स्टोरी' पर लुटाया प्यार, निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा ने कहा- लोग रो रहे थे
Vidhu Vinod Chopra: साल 1994 में रिलीज हुई फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी' की गोवा में आयोजित हो रहे 56वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में स्क्रीनिंग की गई। इस फिल्म के निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा ने फिल्म से जुड़े कुछ किस्से साझा किए हैं।
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अनिल कपूर, मनीषा कोइराला, जैकी श्रॉफ और अनुपम खेर अभिनीत फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी' ने दर्शकों को बनाने का किया था। साल 1994 में आई इस फिल्म को गोवा में चल रहे IFFI समारोह में विशेष स्क्रीनिंग की गई। इस फिल्म के डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा ने फिल्म से जुड़ी बातें और इसकी आज के आधुनिक समय से तुलना की है। चलिए जानते हैं पूरी खबर।
‘आज भी मिल रहा प्यार’
निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा ने एएनआई से बात करते हुए अपनी फिल्म '1942: ए लव स्टोरी' के बारे में बात की। उन्होंने कहा, ‘35 साल पहले मैंने जो फिल्म बनाई थी, उसके लिए लोगों को अब भी रोते हुए देखना यकीन नहीं होता। यह बहुत अच्छा एहसास है।’
#WATCH | Panaji, Goa: On 1942: A Love Story screening, filmmaker Vidhu Vinod Chopra says, "... Seeing people crying after watching a movie I made 35 years ago is a great feeling... 1942: A Love Story is real love. I was touched by the feeling that people were really weeping at… pic.twitter.com/jSvTrRibNS
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 21, 2025
‘यह नॉन-कमर्शियल असली प्यार है’
आगे बात करते हुए डायरेक्टर ने कहा, ‘यह असली प्यार है। मुझे लगता है कि अब वे प्यार को कमर्शियलाइज करने की कोशिश कर रहे हैं। और यह बहुत बोरिंग है। यह नॉन-कमर्शियल असली प्यार है। मैं इस बात से बहुत खुश हूं कि आखिर में जब लोगों ने मुझे गले लगाया तो वे सच में रो रहे थे। यह बहुत इमोशनल था।’ अभिनेता ने आगे बात करते हुए कहा कि इस फिल्म '1942 ए लव स्टोरी' को बनाने में बहुत मेहनत की है।
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‘रात में रोटी फेंकने जाते थे’
डायरेक्टर ने बताय, 'जब मैंने '1942 ए लव स्टोरी' बनाई, तो मैंने यह नहीं कहा कि मैं इसे नेटफ्लिक्स, अमेजन को बेचूंगा। नहीं, हम बस एक मूवी बना रहे थे। क्या आप आसमान में उड़ने वाले सभी पक्षियों को जानते हैं? उस समय, डिजिटल नहीं था। तो मेरे लोग रात में रोटी फेंकने जाते थे। पता है कौन कौन आदमी? संजय लीला भंसाली, जो अब एक बड़े डायरेक्टर हैं। वह मुझे असिस्ट कर रहे थे। सोचिए कि हमने इस फिल्म को बनाने में कितनी मेहनत की है।'