‘धूम 3’ फेम सिद्धार्थ निगम करियर ब्रेक के बाद मुश्किल दौर से गुजरे, बोले- ‘समझ नहीं आया कि आगे क्या करूं’
Siddharth Nigam Exclusive Interview :‘धूम 3’ फिल्म से लेकर सीरियल ‘चक्रवर्ती अशोक सम्राट’ और ‘अलादीन-नाम तो सुना होगा’ जैसे प्रोजेक्ट्स करके अभिनेता सिद्धार्थ निगम अपने लिए अलग पहचान एक्टिंग की दुनिया में बना पाए। इन दिनों वह अपनी नई वेब सीरीज ‘कप्तान’ को लेकर चर्चा में हैं। इस सीरीज और करियर को लेकर सिद्धार्थ निगम ने अमर उजाला से खास बातचीत की है।
विस्तार
सीरीज ‘कप्तान’ में सिद्धार्थ निगम के अलावा साकिब सलीम और अंजुम शर्मा भी अहम भूमिकाओं में हैं। हाल ही में अमर उजाला डिजिटल से बातचीत में सिद्धार्थ निगम ने सीरीज ‘कप्तान’, करियर के कठिन दौर, टीवी से लिए गए ब्रेक पर खुलकर बात की है। पढ़िए, सिद्धार्थ निगम के हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
सेट पर साकिब भाई के साथ बिताया बेहतरीन वक्त
‘कप्तान’ सीरीज के सेट के बारे में बात करते हुए सिद्धार्थ निगम कहते हैं, ‘सेट पर बहुत मजा आया। शुरुआत में लगा था कि सब सीनियर्स हैं, तो माहौल थोड़ा अलग होगा। लेकिन पहली बार जब सेट पर गया और साकिब सलीम भाई से मिला, उन्होंने इतना सहज कर दिया कि नया होने का अहसास ही नहीं हुआ। वह बहुत प्यार से मिलते हैं और खूब मस्ती करते हैं। अगर साकिब भाई सेट पर हों, तो वहां उदासी नहीं होती थी। सब हंसते रहते हैं। काम करते-करते पूरी टीम के बीच खास रिश्ता बन गया, सब परिवार जैसे लगने लगे। शूट खत्म होने के बाद भी जब हम मिलते हैं, तो वैसी ही मस्ती करते हैं।’
टीवी से जब लिया ब्रेक लिया
‘चक्रवर्ती अशोक सम्राट’, ‘चंद्रनंदिनी’ और ‘अलादीन- नाम तो सुना होगा’ जैसे सीरियल से पहचान बनाने वाले सिद्धार्थ ने कहा कि एक समय ऐसा भी आया, जब उन्होंने टीवी से ब्रेक लेने का फैसला किया। उस दौर को याद करते हुए वह कहते हैं, ‘एक समय ऐसा था जब मुझे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं? टेलीविजन से ब्रेक लेने का फैसला तो कर लिया था, क्योंकि एक्टर के तौर पर मैं आगे बढ़ना चाहता था, कुछ नया करना चाहता था। लेकिन उसके बाद का वक्त बहुत मुश्किल था। मैंने ब्रेक तो ले लिया, लेकिन उसके बाद समझ नहीं आया कि आगे क्या करूं। कोई गाइडेंस नहीं थी। ये भी नहीं पता था कि कहां-क्या हो रहा है और कैसे आगे बढ़ना है। बाहर से सब आसान लगता है, लेकिन जब आप खुद उस दौर में होते हैं, तब सच्चाई समझ में आती है।’
मेरे साथ चीजें अपने आप होती चली गईं
अपने शुरुआती सफर के बारे में बात करते हुए सिद्धार्थ ने कहा, ‘मेरी जर्नी काफी हद तक डेस्टिनी वाली रही है। अचानक ऑफर आया, मैंने ऐड किया। फिर ‘धूम 3’ फिल्म मिल गई। उसके बाद ‘अशोका’ सीरियल किया। फिर रियलिटी शो किए, फिर लीड रोल मिला। चीजें अपने आप होती चली गईं। उस समय मुझे शायद समझने का मौका ही नहीं मिला कि इंडस्ट्री ग्राउंड लेवल पर कैसे काम करती है, क्योंकि मेरे साथ सब फ्लो में होता गया।’ लेकिन ब्रेक लेने के बाद सिद्धार्थ की कहानी बिल्कुल बदल गई।
तब जाकर समझ आया कि नेटवर्किंग कितनी जरूरी है
सिद्धार्थ ने बताया कि ब्रेक के बाद उन्हें इंडस्ट्री का दूसरा पहलू समझ में आया। वह बताते हैं, ‘जब मैंने ब्रेक लिया, तब जाकर मुझे रियलिटी समझ आई। तब पता लगा कि आपको लोगों से मिलना पड़ता है। नेटवर्किंग बहुत जरूरी है। आपको डायरेक्टर, राइटर, कास्टिंग डायरेक्टर के पास जाना पड़ता है और बताना पड़ता है कि आपको काम करना है। बहुत लोग सोचते हैं कि अगर आपने अच्छा काम किया है, तो सब अपने आप हो जाएगा। कुछ चीजें होती हैं, लेकिन बहुत कुछ आपको खुद करना पड़ता है। लोगों से मिलना पड़ता है। अपने बारे में बताना पड़ता है। यह सब मैंने उसी समय सीखा।’
दो साल के मुश्किल दौर ने बहुत कुछ सिखाया
सिद्धार्थ बताते हैं कि जब वह ब्रेक पर थे, तब जिंदगी ने उन्हें काफी कुछ सिखाया। वह कहते हैं, ‘उस समय मुझे यह भी समझ आया कि धैर्य रखना बहुत जरूरी है। अगर आप अधीर हो जाते हैं, तो भटक सकते हैं। मुझे लगता है कि वो दो साल का दौर मेरे लिए बहुत जरूरी था। उसने मुझे बहुत कुछ सिखाया। उस समय मैं मानसिक तौर पर भी आगे बढ़ा और काम के मामले में भी।’
अपनी मां के बारे में बात करते हुए सिद्धार्थ ने कहा, ‘मम्मी बहुत प्यारी हैं। उनको खुश देखकर मुझे बहुत अच्छा लगता है। हमने लाइफ में बहुत कुछ देखा है। आज जब उन्हें खुश देखते हैं, तो सुकून मिलता है। अब वो बालकनी में बैठकर मुंबई देखती हैं, छोटी-छोटी चीजों में खुश होती हैं। कभी कुछ खरीदती हैं, बातें करती हैं। वो सब देखकर अच्छा लगता है। आखिर में आप जितना भी काम कर लो, अगर आपके अपने खुश हैं, तो वही सबसे बड़ा सुकून होता है।’