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Made in UP Brahmos: भारत के इस खतरनाक हथियार का उत्पादन केंद्र बना यूपी, जानें रक्षा निर्माण में कितनी बढ़त

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Kirtivardhan Mishra Updated Mon, 16 Mar 2026 07:55 PM IST
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सार

आइये जानते हैं यूपी में ब्रह्मोस मिसाइलों का केंद्र बनना कितना अहम रहा है और मौजूदा सरकार की उत्तर प्रदेश को रक्षा उत्पादन का केंद्र बनाने की योजना क्या रही है?

Uttar Pradesh Brahmos Missile Facility Weapons UP Centre of Defence Capability Defence Corridor news updates
उत्तर प्रदेश में ब्रह्मोस केंद्र। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

बीते कई दशकों से भारत का रक्षा उत्पादन अधिकतर उन क्षेत्रों तक सीमित रहा है, जो या तो तटीय इलाकों के पास हैं या पहले से स्थापित औद्योगिक केंद्र रहे हैं। उत्तर प्रदेश जैसे राज्य रक्षा उत्पादन के मामले में बहुत आगे नहीं रहे। हालांकि, धीरे-धीरे यह स्थिति बदलने लगी है। उत्तर प्रदेश, जिसे कभी भारत में कृषि और राजनीतिक बदलावों का केंद्र माना जाता है, अब देश के एक बड़े रक्षा उत्पादन के केंद्र के तौर पर भी उभर रहा है। इसमें एक बड़ी भूमिका यूपी की राजधानी लखनऊ में लगी ब्रह्मोस मिसाइलों के उत्पादन केंद्र की रही है, जिसने न सिर्फ भारत की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने का सामर्थ्य दिया है, बल्कि यूपी को भी वैश्विक रक्षा निर्यात के नक्शे पर खड़ा कर दिया है।
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आइये जानते हैं यूपी में ब्रह्मोस मिसाइलों का केंद्र बनना कितना अहम रहा है और मौजूदा सरकार की उत्तर प्रदेश को रक्षा उत्पादन का केंद्र बनाने की योजना क्या रही है?
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यूपी में कहां स्थित है ब्रह्मोस एयरोस्पेस का केंद्र? 
ब्रह्मोस एयरोस्पेस का इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी सेंटर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित है। यह अत्याधुनिक केंद्र लखनऊ-कानपुर राजमार्ग पर लगभग 200 एकड़ भूमि पर विकसित किया गया है। यह सुविधा उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारे का एक बेहद अहम हिस्सा है।

देश के लिए कितना अहम यूपी का ब्रह्मोस उत्पादन?
ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में से एक है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 2025 में जब इस केंद्र में बनी ब्रह्मोस मिसाइलों के बैच को हरी झंडी दिखाई थी, तब उन्होंने कहा था कि सटीक निशाना और विनाशकारी शक्ति वाली यह मिसाइल भारतीय सशस्त्र बलों की रीढ़ बन चुकी है। हाल ही में उन्होंने एक बार फिर इन मिसाइलों की खासियत बताते हुए पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर में इनकी उपयोगिता का जिक्र किया था। रक्षा मंत्री ने कहा था कि पाकिस्तान के क्षेत्र का हर एक इंच ब्रह्मोस की पहुंच में है। यह मिसाइल केवल एक हथियार नहीं है, बल्कि दुश्मनों के खिलाफ भारत की ताकत और मजबूती का एक स्पष्ट संदेश है।

इस लिहाज से लखनऊ का यह केंद्र रक्षा क्षेत्र में देश की स्वदेशी क्षमताओं को तेजी से बढ़ाने वाला जरिया बना है। मौजूदा समय में ब्रह्मोस मिसाइल के उत्पादन में लगभग 83% स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, और 2026 तक इसे 85% तक पहुंचाने का लक्ष्य है। यहां छोटे उद्योगों और एमएसएमई की मदद से टाइटेनियम कास्टिंग, एयरफ्रेम और एवियोनिक्स जैसे उपकरण देश में ही बनाए जा रहे हैं, जिससे विदेशी आपूर्ति श्रृंखलाओं पर निर्भरता खत्म हो रही है।

अगली पीढ़ी की तकनीक भी इसी केंद्र में हो रही तैयार
लखनऊ का यह केंद्र केवल मौजूदा जरूरतों को पूरा नहीं कर रहा, बल्कि यह भविष्य की 'ब्रह्मोस नेक्स्ट जनरेशन' (ब्रह्मोस एनजी) मिसाइल के उत्पादन का भी केंद्र बनेगा। यह नया संस्करण हल्का और ज्यादा कॉम्पैक्ट होगा, जिसे विमानों, जहाजों और जमीनी प्लेटफार्म्स से आसानी से लॉन्च किया जा सकेगा। यह भारत की भविष्य की सुरक्षा रणनीति को अभेद्य बनाएगा।

भारत में रोजगार पैदा करने वाला यूपी का केंद्र
यूपी में बनी ब्रह्मोस की यह फैसलिटी सिर्फ हथियारों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार का भी एक बड़ा केंद्र है। यह कई सैकड़ों उच्च-कुशल पेशेवरों को सीधे रोजगार दे रही है, जबकि देशभर की 200 से अधिक साझेदार फर्मों के जरिए बड़े पैमाने पर अप्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा हो रहे हैं। यह क्षेत्र नवाचार और छोटे-बड़े उद्यमियों के लिए एक नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।
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