सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Fact Check ›   Fact Check The US Navy did not use Indian ports during the war with Iran.

Fact Check: ईरान के साथ जंग में अमेरिकी नौसेना भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल नहीं किया, झूठा है वायरल दावा

फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Thu, 05 Mar 2026 06:39 PM IST
विज्ञापन
सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी-इस्राइल और ईरान के बीच जंग के बीच अमेरिकी नौसेना भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रही है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।

Fact Check The US Navy did not use Indian ports during the war with Iran.
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जंग जारी है। इस बीच पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी और इस्राइली सेनाएं ईरान पर लगातार बमबारी कर रही हैं, जिससे तेहरान के साथ-साथ कुर्द शहरों सनंदज, साकेज और बुकान में भी विस्फोटों के झटके महसूस किए जा रहे हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दो लोग बात करते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी सेना के सेवानिवृत्त कर्नल और पूर्व रक्षा सलाहकार डगलस मैकग्रेगर ने दावा किया है कि भारत ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसेना और इस्राइल का समर्थन कर रहा है। अमेरिकी नौसेना भारतीय बंदरगाहों पर ईंधन और हथियारों की आपूर्ति कर रही है।

Trending Videos

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल फर्जी हैं। अमेरिकी सेना भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल नहीं कर रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि अमेरिकी सेना के सेवानिवृत्त कर्नल और पूर्व रक्षा सलाहकार डगलस मैकग्रेगर ने दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना भारतीय बंदरगाहों पर ईंधन और हथियारों की आपूर्ति कर रही है।

इग्निस रेक्स (@Ignis_Rex) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, ‘भारत ईरान के खिलाफ अमेरिकी नौसेना और इस्राइल का समर्थन कर रहा है। कर्नल डगलस मैकग्रेगर के अनुसार, बहरीन और ओमान में स्थित सभी अमेरिकी नौसैनिक बंदरगाह ईरान द्वारा नष्ट कर दिए जाने के बाद अमेरिकी नौसेना भारतीय बंदरगाहों पर ईंधन और हथियारों की आपूर्ति कर रही है!” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल

इस दावे की पड़ताल में हमने पहले कीवर्ड से सर्च किया। इस दौरान हमें एक्स पर विदेश मंत्रालय की फैक्ट चेक की एक पोस्ट मिली। यह पोस्ट 4 मार्च 2026 को साझा किया गया है। इस पोस्ट में वायरल दावे की फर्जी बताया गया है। पोस्ट में लिखा है कि फर्जी खबर। अमेरिका स्थित चैनल OAN पर किए जा रहे ये दावे कि भारतीय बंदरगाहों का इस्तेमाल अमेरिकी नौसेना कर रही है, पूरी तरह से झूठे और निराधार हैं। 

आगे की पड़ताल में हमें एक्स पर प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) फैक्ट चेक की पोस्ट मिली। यह पोस्ट 4 मार्च 2026 को साझा किया गया है। यहां भी वायरल दावे को फर्जी बताया गया है। यहां बताया गया है कि अमेरिका स्थित चैनल वन अमेरिका न्यूज नेटवर्क (@OANN) पर, पूर्व अमेरिकी सेना कर्नल डगलस मैकग्रेगर ने एक बयान दिया जिसमें उन्होंने सुझाव दिया कि अमेरिका ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच ईरान पर हमला करने के लिए भारतीय नौसैनिक अड्डों का उपयोग कर रहा है। यह दावा गलत है। 

इसके बाद हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 5 मार्च 2026 को प्रकाशित की गई है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा गया था कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए भारतीय बंदरगाहों और नौसैनिक अड्डों का इस्तेमाल कर रहा है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने इन दावों को बेबुनियाद और गढ़ी हुई टिप्पणियां बताते हुए स्पष्ट किया कि इनमें कोई सच्चाई नहीं है।

पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को फर्जी पाया है। भारत ने अमेरिका को अपने बंदरगाहों को इस्तेमाल करने को नहीं दिया है। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed