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Fact Check: एआई से बना है बिहार में तेंदुए के साथ होली खेलने का वीडियो, पढ़ें पूरी पड़ताल

फैक्ट चेक डेस्क , अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Fri, 06 Mar 2026 07:39 PM IST
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सार

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि बिहार में लोगों ने तेंदुए के साथ होली खेली है। हमने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है।

Fact Check Video of a leopard playing Holi in Bihar created using AI read the full investigation.
फैक्ट चेक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में लोग तेंदुए को रंग लगाते नजर आ रहे हैं। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो बिहार का है, जहां लोग तेंदुए को रंग लगा रहे हैं। 

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अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो एआई से बना है। इसे असली वीडियो बताकर शेयर किया जा रहा  है। 

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क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है बिहार में लोग एक तेंदुए को रंग लगा रहे हैं। 

रघु मंडल(@Raghu__mandal) नाम के एक्स यूजर ने लिखा,” खबर बिहार की है जहां पटना स्थित एक गांव में तेंदुआ आ गया और अगर यहां कोई और राज्य के लोग होते तो डर जाते लेकिन बिहार में टैलेंट की कमी नहीं है वहां के लोगों ने तुरत तेंदुवा के ऊपर रंग, गुलाल लगाकर होली का त्यौहार मनाया और तेंदुवा भी पूरी तरह शांत रहा पूरी वीडियो देखिए।” पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

इसी तरह के अन्य दावों के लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। इनके आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं।

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें oye_sanki_1 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल वीडियो देखने को मिला। इसमें बताया गया है कि एक वायरल वीडियो ऑनलाइन शेयर हो रहा है जिसमें दावा किया गया है कि ग्रामीणों ने एक चीते को पकड़ा और उसके साथ होली मनाई। वीडियो में एआई या विजुअल इफेक्ट (एफएक्स) का प्रयोग किया गया है। इसमें किसी भी चीते को नुकसान नहीं पहुंचाया गया या पकड़ा नहीं गया। यह जागरूकता, चर्चा या मनोरंजन के लिए बनाया गया है। इसे वास्तविक जीवन की घटना के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए।

 

यहां से पता चलता है कि वायरल वीडियो एआई से बने होने का संकेत मिला। इसके बाद हमने वायरल वीडियो को हाइव टूल पर चेक किया। इस दौरान टूल ने वायरल वीडियो को 99.9 फीसदी एआई से बना पाया है। 

 

 

आगे की पड़ताल में हमने undetectableai टूल का इस्तेमाल किया। इस टूल ने वायरल वीडियो को मात्र 9 फीसदी ही असली होने की जानकारी दी है। 
 


पड़ताल का नतीजा 

हमने अपनी पड़ताल में वायरल वीडियो को एआई से बना पाया है। 

 

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